होम आईंसोलेट किए गए प्रत्येक कोरोना पॉजिटिव को समय पर दी जा रही है दवाई: सिविल सर्जन
June 16th, 2020 | Post by :- | 190 Views

भिवानी 16 जून संवाद सहयोगी ममता गौड़। भिवानी जिले में मंगलवार को चार कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए है। इनमें से एक गांव कैरू से, एक गांव सूई से, एक गांव नांगल से तथा एक शहर भिवानी में घौसियान चौक से है। भिवानी जिले मे अब तक कुल 137 कोरोना पॉजिटिव केस हैं, जिसमें से 53 मरीज ठीक हो चुके हैं। अब जिले में 82 कोरोना के एक्टिव केस हैं तथा 41 कोरोना पॉजिटिव को होम आईसोलेट किया जा चुका है। खबर लिखे जाने तक मगंलवार को जिले से 90 सैम्पल लिए जा चुके हैं। सोमवार तक भेजे गये सैम्पल में से 336 सैम्पल की रिपोर्ट अभी बाकी हैं। होम आईसोलेट किए गए मरीजों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय पर दवाई दी जा रही है।
सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र कादयान ने बताया कि भिवानी जिले में मंगलवार को चार कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं, जिनमें से एक गांव कैरू से 58 वर्षीय जो कि दिल्ली के चांदनी चौक में 35 वर्ष से रहता है। यह 14 जून को भिवानी आया और अपना सैम्पल दिया। एक गांव सूई से 19 वर्षीय जो कि बीए का छात्र है और वह पिछले छह महीने से दादरी गेट भिवानी मैडिकल स्टोर पर कार्य करता है। इसने अपना सैम्पल 12 जून को दिया था। एक गांव नांगल से 31 वर्षीय जो कि धारूहेड़ा में निजी कम्पनी में काम करता है, वह 10 दिन पहले नौकरी छोडक़र अपने गांव मेें आया था। तीन-चार दिन पहले उनको सांस लेने में दिक्कत हुई। उन्होंने 14 जून को अपना सैम्पल दिया तथा एक शहर भिवानी में घौसियान चौक से 22 वर्षीय जो कि दिल्ली में पढ़ाई करता है। वह दिल्ली के शान्ति नगर में रहता है। 14 जून को वह दिल्ली से भिवानी आया और उसने 14 जून को अपना सैम्पल दिया।

सिविल सर्जन ने बताया कि भिवानी जिले मे अब तक कुल 137 कोरोना पॉजिटिव केस हैं, जिसमें से 53 मरीज ठीक हो चुके हैं। अब जिले में 82 कोरोना के एक्टिव केस हैं तथा 41 कोरोना पॉजिटिव को होम आईसोलेट किया जा चुका है। सिविल सर्जन ने बताया कि अगर किसी भी कोरोना पॉजिटिव मरीज की मृत्यु हो जाती है तो उसकी जांच जिला कोविड डैथ ओडिट कमेटी के द्वारा की जाती है, जिससे यह जांच कमेटी जांच करने के उपरान्त बता पाएगी कि उस मरीज की मृत्यु कोरोना से हुई है या अन्य किसी बीमारी से। इस नौ सदस्य कमेटी में चेयरपर्सन सिविल सर्जन, पीजीआई से सदस्य, फिजिशियन, पैथोलोजिस्ट, उपायुक्त महोदय से मनोनीत सदस्य, डब्ल्यूएचओ से सदस्य व आईएमए से सदस्य आदि शामिल है।

सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि जो भी कोरोना पॉजिटिव होम आईसोलेट किया जाता है, उसको उसी समय दवाई उपलब्ध करवा दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो टीमें गठित की गई है, उनके द्वारा प्रतिदिन होम आईसोलेट किए गए मरीज के घर का निरीक्षण किया जाता है तथा मरीज का हाल-चाल पूछा जाता है अगर फिर भी किसी मरीज को कोई भी शारिरिक परेशानी होती है तो मरीज स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो भी कर्मचारी घर पर आता है तो उसको वह बता सकता है। जिससे टीम द्वारा उसकी समस्या का समाधान जल्द से जल्द कर दिया जाता है।

सिविल सर्जन ने बताया कि नियम अनुसार सभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों को दवाई देने के लिए पैकेट बना दिए गए हैं, जैसे ही किसी भी कोरोना पॉजिटिव मरीज को होम आईसोलेट किया जाता है तो उसको वह पैकेट दे दिया जाता है।
सिविल सर्जन ने बताया कि होम आईसोलेट कोरोना पॉजिटिव को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी तथा विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन उसके घर का निरीक्षण भी किया जाएगा।
अगर मरीज को किसी प्रकार की कोई समस्या होती है तो वह विभाग के कर्मचारी व अधिकारी को बताकर अपनी समस्या का समाधान करवा सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा टीमें गठित करके जहां-जहां कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए हैं, उस एरिया में घरों का सर्वे करके व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। वहीं विभाग की मोबाईल टीमों द्वारा भी प्रतिदिन बस स्टैंण्ड व रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की स्क्रीनिंग जारी है।

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