जनसेवा विभागों के निजीकरण व छंटनी के खिलाफ 19 जून को प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर होगा प्रर्दशन :- सुभाष लांबा
June 16th, 2020 | Post by :- | 205 Views

पलवल (मुकेश वशिष्ट हसनपुर) 16 जून :- सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि कोरोना योद्वाओं स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों पर तीन महीने बाद छंटनी करने की तलवार लटका कर कोविड 19 के खिलाफ लड़ी जा रही जंग कमजोर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को फ्रंटलाइन में खड़े होकर जंग लड़ रहे सभी स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों के बीच से ठेकेदार को हटाकर विभाग के पे-रोल पर लेने और गेस्ट टीचर की तरह  सेवा सुरक्षा प्रदान करने का फैसला लेने चाहिए। ताकि ठेका कर्मचारी नई ऊर्जा के साथ अपने आपको इस जंग में झोंक सकें।

उन्होंने कहा कि जिस ठेका कर्मचारी को यह मालूम है कि 30 सितंबर को तुझे नौकरी से निकाल दिया जाएगा तो वह इस जंग को कैसे लड़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा पीटीआई सहित छंटनी किए गए सभी कर्मचारियों को बहाल करवाने व मार्किट कमेटी हिसार के सेक्रेटरी के साथ बालसमंद, हिसार मंडी में मारपीट करने वाली भाजपा नेता व मारपीट में उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी करवाने को लेकर और कोविड 19 की आड़ में रोड़वेज, बिजली, जन स्वास्थ्य आदि जनसेवा के विभागों का निजीकरण करने की मुहिम को तेज करने के खिलाफ 19 जून को प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर प्रर्दशन करेंगा।

उन्होंने यह धोषणा मंगलवार को सामान्य हस्पताल में आयोजित एसकेएस की जिला कार्यकारिणी की मीटिंग को संबोधित करते हुए की। मीटिंग की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेश शर्मा ने की। जिला सचिव योगेश शर्मा द्वारा संचालित इस मीटिंग में जिला कमेटी और विभागीय संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। मीटिंग में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा स्वास्थ्य मंत्री की वादाखिलाफी के खिलाफ आहूत 6-7-8 जुलाई को होने वाली तीन दिवसीय हड़ताल का भी समर्थन किया गया।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कार्यकारिणी मीटिंग में बोलते हुए उन्होंने दस साल की सेवा उपरांत सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ में 1983 पीटीआई को नौकरी से निकलवाने की घोर निन्दा की और सरकार से इनकी नौकरी बहाली के सभी विकल्पों पर गहनता के साथ विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला करीब दो हजार परिवारों  और उनसे जुड़े करीब दस हजार सदस्यों को प्रभावित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि 19 जून को प्रदर्शनों में उपरोक्त मुद्दों के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने, एनएचएम कर्मचारियों के 35 दिन हड़ताल पीरियड का काटा गया वेतन देने,

एसकेएस के भेजे गए प्रस्ताव पर विचार कर एनपीएस को खत्म कर पुरानी पेंशन बहाल करने, डीए, एलटीसी, जीपीएफ से रोक हटाने, जनवादी एवं ट्रेड यूनियन अधिकारों को बहाल करने महिला कर्मियों का उत्पीड़न करने वालो पर सख्त कार्रवाई करने आदि मुद्दों को उठाया जाएगा।

 

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