विज्ञान की परीक्षा रद्द हो, एवरेज के हिसाब से लगे नंबर: रामअवतार शर्मा
June 13th, 2020 | Post by :- | 142 Views

भिवानी,13 जून संवाद सहयोगी ममता गौड़।प्राइवेट स्कूलों के प्रदेशभर से आये सभी एसोसिएशन के पदाधिकारी शनिवार को यहां एक मंच पर एकत्रित हुए और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कुतर्की फैसलों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की। भिवानी के एक प्राइवेट स्कूल में आयोजित संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्ज हरियाणा के महासचिव राम अवतार शर्मा, हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के संरक्षक तेलु राम, प्रधान सत्यवान कुंडू, आल इंडिया प्राइवेट स्कूल एंड चाइल्ड वेलफेयर एसोसिएशन की स्टेट वाईस प्रेजिडेंट शिखा शर्मा, हरियाणा भाजपा टीचर सेल के वाईस प्रेजिडेंट साधुराम जाखड़, भिवानी प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी राम कुमार कैरू, देवेंदर हडोदी, कृष्ण कुमार, रामफल, करमवीर शास्री, कंवर पाल, नीरज, हरिराम, जोगिन्दर सांगवान, आकाश रहेजा, अजय गुप्ता व बड़ी संख्या में प्राइवेट स्कूलों के संचालक मौजूद थे।

पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए राम अवतार शर्मा ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन द्वारा दसवीं कक्षा के बच्चों की विज्ञानं विषय की परीक्षा करवाने के निर्णय को गलत और विद्यार्थी विरोधी करार देते हुए इसे वापिस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो राज्य और केंद्र सरकार बच्चों को घरों में सुरक्षित रखने की बात कह रहीं हैं, स्कूल नहीं खोल रही हैं। साथ ही, कई तरह की गाइडलाइन जारी कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर हरियाणा बोर्ड को परीक्षा लेने की पड़ी हुई है। राम अवतार शर्मा ने कहा कि यदि परीक्षा लेनी ही है तो सिर्फ विज्ञानं की ही क्यों, क्या संस्कृत किसी तरीके से कम महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से बोर्ड और इसके आला अधिकारी लगातार विद्यार्थी विरोधी फैसले ले रहे हैं जिससे बोर्ड की छवि खराब हुई है और बच्चों और स्कूलों में एक भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने बोर्ड से मांग की कि सभी बच्चों के हो चुकी परीक्षाओं के परिणाम के हिसाब से बचे हुए सभी विषयों में एवरेज नंबर लगाकर पास किया जाये।

हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रधान सत्यवान कुंडू ने कहा कि हरियाणा बोर्ड का ये निर्णय किसी भी प्रकार से न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। विशेषकर ऐसे समय में जब प्रवासी मजदूरों के हज़ारों बच्चे अपने घर वापिस जा चुके हैं। ऐसे में जो बच्चे परीक्षा देना चाहते हैं वो बच्चे परीक्षा देने वापिस कैसे आ पाएंगे। और यदि वो इस वजह से किसी नौकरी से वंचित रह जाते हैं तो ये उन गरीब बच्चों के साथ घोर अंन्याय होगा। चाहे प्राइवेट स्कूलों पर जुर्माना लगाना हो, चाहे कोविड संबंधी प्रतियोगिता कैंसिल करनी हो या विज्ञानं विषय संबंधी परीक्षा न लेने का अपना निर्णय पलटने की बात को, हरियाणा शिक्षा बोर्ड निरंतर बच्चों को स्कूलों विरोधी निर्णय ले रहा है जिसकी जितनी निंदा की जाये कम है। उन्होंने भी बॉर्ड से एवरेज के हिसाब से नंबर लगाकर बच्चों को पास करने की मांग की।
आल इंडिया प्राइवेट स्कूल एंड चाइल्ड वेलफेयर एसोसिएशन की स्टेट वाईस प्रेजिडेंट शिखा शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार को तुरंत मामले का संज्ञान लेना चाहिए। ये एक ऐसा निर्णय है जिसके विरोध में न सिर्फ प्राइवेट स्कूल, उनमे पढऩे वाले बच्चों के अभिभावक बल्कि सरकारी अध्यापक और उनमे पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक भी खड़े है। इसलिए सरकार को हस्तक्षेप करते हुए बोर्ड के इस निर्णय को रद्द कर एवरेज के हिसाब से नंबर लगाकर परिणाम जारी कर देना चाहिए। एसोसिएशन ने सरकार व जिला प्रशासन को उनकी मांगों के समाधान के लिए 10 दिन का समय दिया है। अगर 10 दिन के दौरान उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो निजी स्कूल संचालक कोरोना महामारी में एक बड़ा आंदोलन छेडऩे पर मजबूर होंगे। इस अवसर पर हरियाणा भाजपा टीचर सेल के वाईस प्रेजिडेंट साधुराम जाखड़, और अन्य स्कूल संचालकों ने भी अपने विचार रखे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।