कर्मचारियों की छंटनी पर रोक नहीं लगाई तो कर्मचारी सड़कों पर उतरने पर मजबूर होंगे :- सुभाष लांबा
June 13th, 2020 | Post by :- | 178 Views

पलवल (मुकेश वशिष्ट हसनपुर) 13 जून :-  सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार ने 15 जून तक 11 हजार कोरोना योद्वाओं स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों की छंटनी पर रोक नहीं लगाई और 1983 पीटीआई सहित अन्य विभागों से छंटनी किए गए कर्मचारियों को वापस नहीं लिया तो कर्मचारी सड़कों पर उतर पर मजबूर होंगे। उन्होंने मार्किट कमेटी हिसार के सेक्रेटरी के साथ मारपीट करने वाली भाजपा नेता व अन्य की अभी तक गिरफ्तारी न होने पर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार कोरोना महामारी का अवसर के तौर पर प्रयोग करके बड़े पैमाने पर ठेका कर्मचारियों की छंटनी और रोड़वेज सहित अन्य जन सेवा के विभागों में निजीकरण एवं रेशनलाईजेशन की नीतियां लागू कर कर्मचारियों को बड़े आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है।

प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, जिला प्रधान राजेश शर्मा व सचिव योगेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश का सभी विभागों का कर्मचारी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों न मिलने के बावजूद कोविड 19 के खिलाफ जंग में निडरता के साथ डटा हुआ है और सरकार का तन मन धन से सरकार का सहयोग कर रहा है। जबकि प्राईवेट सेक्टर व उसके पेरोकार दूर दूर तक दिखाई नहीं दे रहें। अब जनता को सार्वजनिक क्षेत्र व सरकारी कर्मचारियों पर ही भरोसा है। इसलिए आम जनता एवं आरडब्ल्यूए आदि सिविल सोसायटी के लोगों ने फ्रंटलाइन योद्वाओं व आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों की हौंसला अफजाई भी की है।

लेकिन सरकार एक तरफ तो इन योद्वाओं की हौसला अफजाई के नाम पर तालियां व थालियां बजवाने,लाईट बन्द कर दीये जलानें और करोड़ों रुपए खर्च कर हैलीकॉप्टरों से फूलों की बरसात कर रही है और दूसरी तरफ फ्रंटलाइन योद्वाओं स्वास्थ्य विभाग में सालों से लगे करीब 11 हजार ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का काम कर रही है। जिसकी चौतरफा निंदा होने के बावजूद सरकार सार्वजनिक रूप से किसी भी ठेका कर्मचारी की छंटनी न करने का बयान देने से कतरा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से सिक्योरिटी गार्ड, सफ़ाई कर्मचारियों सहित किसी एक भी ठेका कर्मचारी को नौकरी से निकालने की हिमाकत की तो सिविल सर्जनों को सभी विभागों के कर्मचारियों के आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि सरकार ने लाकडाउन के दौरान एचएचवीपी से पंचकूला, फरीदाबाद व सोनीपत से सैकड़ों ठेका कर्मियों, टूरिज्म निगम से 424, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड से 65 सफाई कर्मचारियों, मीरपुर युनिवर्सिटी रेवाड़ी से 83 साहयक प्रोफेसर को कार्य मुक्त करने सहित हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की निंदा की गई और लाकडाउन से पहले व लाकडाउन के दौरान नौकरी से निकाले गए सभी ठेका कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने की मांग की गई। मीटिंग में 2015 में विज्ञापित टीजीटी (अंग्रेजी) के 1035 सहित 1538 पदों के परिणाम घोषित कर ज्वाइनिंग करवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि मीटिंग में रेशनलाईजेशन व पीटीआई की छंटनी के खिलाफ हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन किया गया। उन्होंने हरियाणा टुरिज्म, बहुतकनीकि विभाग सहित अनेक विभागों के कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान करने की मांग की गई।

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