आशा वर्कर की समस्याओं एवं मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन|
June 12th, 2020 | Post by :- | 89 Views

आशा वर्कर पीएचसी व सीएचसी पर सुबह से दोपहर तक हड़ताल रही|

पलवल हसनपुर (मुकेश वशिष्ट) 12 जून :- शुक्रवार को आशा वर्कर यूनियन की राज्य कमेटी के आव्हान पर जिले की तमाम पीएचसी व सीएचसी पर सुबह से दोपहर तक हड़ताल रही व एसएमओ एवं मेडिकल अफसर के माध्यम से अपनी मांगों का मांग पत्र मुख्यमंत्री के नाम दिया रसूलपुर टप्पा व सिहोल  में जिला प्रधान गीता व प्रीति ने मीना व सरोज के साथ ज्ञापन दिया दूधोला में जिला सचिव रामरति चौहान राज पंचाल वह राज कैसियर एवं श्री पाल सिंह भाटी ने ज्ञापन दिया पीएससी अललीका में पूजा व भारती तथा मिडकोला  में संतोष व सरोज हथीन व ऊटावड में राजन ,बबली ,बबीता, सुदेश ,ने तथा श्रीपाल सिंह भाटी व राजपंचाल ने ज्ञापन दिए पीएचसी अलावलपुर में वीरवती शर्मा वह बाला देवी ने ज्ञापन दिया|

श्रीपाल सिंह भाटी, गीता देवी व रामरति चौहान ने अपने संबोधन में बताया कि आशा वर्कर कोरोना महामारी से लड़ने में फ्रंट लाइन पर जी जान से कार्य कर रही हैं लेकिन कई जगहों पर असामाजिक तत्वों के हमलो का भी सामना करना पड़ रहा है आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी अनेक तरह के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है आशा वर्करों पर हो रहे हमलों पर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है

आशाओं के पास सुरक्षा के पूरे उपकरण भी नहीं है इस महामारी में आशा वर्करों का  काम तो दुगना हो गया है लेकिन आशा वर्कर्स को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि मैं कटौती की जा रही है हरियाणा सरकार को बार-बार मांग पत्र देने के बावजूद हमारी मांगों का कोई समाधान नहीं हो रहा है यदि हमारी मांगे नहीं मानी गई तो हमें कड़े आंदोलन का आवाहन करना पड़ेगा एक आशा वर्कर अपने एरिया में अलग-अलग तरह की कई सर्वे करती है ।

1:-  अतः महीने में एक बार कोविड-19 टेस्ट किया जाए

2:-   आठ एक्टिविटी पर राज्य सरकार से मिलने वाली 50 परसेंट इंसेंटिव को दोबारा लागू किया जाए 3:-    अभी तक कई जगह मास्क सैनिटाइजर गलोवज दिये जायें  एवं कंटेनमेंट जोन में कार्य करने वाली आशा वर्कर्स को पीपी ई किट दी जाए वस्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के साथ ही आशा वर्कर को भेजा जाए

4 :-  यदि हमारे ऊपर कोई हमला होता है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा तुरंत कार्यवाही की जाए

5 :-   सभी आशाओं को 4000 जोखिम भत्ता दिया जाए एवं फैसिलिटेटर्स को मिल रही राशि में कोई कटौती न की जाए आशा वर्कर से अपने एरिया में ही कार्य करवाया जाए

सभी पीएचसी व सीएचसी पर अच्छी संख्या में पलवल जिले में आशा वर्करों में भाग लिया और अपनी मांगों के समर्थन में आज 2 घंटे की हड़ताल की|

हरियाणा की आशा वर्कर करोना महामारी से लड़ने में फ्रंटलाइन वर्कर्स के तौर पर जी-जान से मेहनत कर रही हैं। यह काम करते हुए हमने दबंगों एवं असामाजिक तत्वों द्वारा हमलों का सामना किया है और हम स्वयं स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी अनेक तरह के दुर्व्यवहार का सामना कर रहे हैं। बार-बार  मांगपत्र भेजने पर भी हमारी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

आशा वर्कर्स की हैं निम्नलिखित मांगें :-

*1. आशा वर्कर्स लगातार लोगों के संपर्क में रहती हैं इसलिए बिना किसी सिम्टम्स के भी तमाम आशाओं के महीने में एक बार कोविड -19 टेस्ट जरूर कराए जाएं। संक्रमित आशाओं को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ आइसोलेशन कैंपों में रखा जाए या अलग से आइसोलेशन कैंप बनाए जाएं। संक्रमित आशा व उसके परिवार का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाए तथा संक्रमित  को कंपनसेशन भत्ता दिया जाए।*

*2. आठ एक्टिविटीज पर राज्य सरकार से मिलने वाली 50% इनसेंटिव को दोबारा लागू किया जाए।*

*3. अभी भी काफी जगहों पर आशाओं को अच्छी क्वॉलिटी के मास्क व सैनिटाइजर इत्यादि मिलने में समस्याएं आ रही हैं। आशा वर्कर्स को मास्क, ग्लब्स एवं सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए जाए। कंटेनमेंट जोन में काम करने वाली आशाओं को पीपीई किट उपलब्ध करवाई जाए। सभी उपकरण अच्छी क्वालिटी के उपलब्ध करवाए जाएं।*

*4. आशाओं पर असामाजिक तत्वों द्वारा हो रहे हमलों में विभाग आशाओं का सहयोग करे एवं त्वरित कार्रवाई करे। अभी ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं हो पा रहा है बार-बार यूनियन को ही हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। आशाओं को अकेले फील्ड में भेजने की बजाय पहले भी हम मांग करते रहे हैं कि टीम को भेजा जाए जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अन्य फील्ड वर्कर भी शामिल हों और इसमें अन्य विभागों से भी मदद ले सकते हैं जैसे कि आईसीडीएस इत्यादि।*

*5. सभी आशाओं को 4000 रूपये जोखिम भत्ता दिया जाए। आशा एवम् आशा फैसिलिटेटर को पहले से मिल रही पहचान राशि में किसी तरह की कोई कटौती ना की जाए। उन मीटिंग के पैसों की भी कटौती ना की जाए जो कोरोना के चलते संभव नहीं हो पा रही हैं। हमारे पास कई जिलों से आशाओं की गतिविधियों के एवं आशा फैसिलिटेटर्स के पैसे काटने की शिकायत मिली है। उन पर तुरंत रोक लगाई जाएं।*

*6. एरिया से बाहर एवं आशाओं को एरिया से बाहर अतिरिक्त जगह पर काम करवाना बंद किया जाए। जहां आशा से बाहरी एरिया में ड्यूटी करवाई जा रही है उसका अलग मानदेय दे दिया जाए और आने-जाने की संसाधन उपलब्ध करवाई जाए। आशाओं पर से आशा सर्वेक्षण ऐप डाउनलोड करने एवं डिजिटली काम करने का दबाव हटाया जाए।*

मांगों पर ध्यान देते हुए सभी मांगों का उचित समाधान तुरंत करने का कष्ट करें। इन्हीं मांगों को लेकर शुक्रवार को सभी पीएचसी स्तर पर धरना लगाकर अपनी मांगों का मांगपत्र आप तक पहुंचा रहें हैं। इसके बावजूद भी हमारी समस्याओं का समाधान न होने पर हमें किसी बड़े सविनय असहयोग आंदोलन के लिए भी मजबूर होना पड़ेगा।

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