नगर पालिका कर्मचारी दुकानों में फिजिकल डिस्टेस्ंिाग के बहाने दुकानदारों का चालान काट कर परेशान कर रहे है।
June 12th, 2020 | Post by :- | 141 Views

नांगल चौधरी। (वीरेंद्र सिंह जाजम) नांगल चौधरी नगर पालिका कर्मचारी दुकानों में फिजिकल डिस्टेस्ंिाग के बहाने दुकानदारों का चालान काट कर परेशान कर रहे है। जबकि खुद आफिॅसों में बिना फिजिकल दूरी के बैठे रहते है। वहीं जब ये कर्मचारी बाजार सर्वें करने जाते है तो कोई फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते है।

लेकिन अगर दुकानों में एक या दो बच्चे या फिर दो लोग ज्यादा बैठे मिल जाएं तो दुकानदार का चालान कर देते है। जिसके कारण दुकानदारों को चिंता सताने लगी है कि ऐसे संकट में वे अपने बच्चों और परिवार का पालन-पोषण करें या फिर फिजिकल डिस्टेंसिग के नाम पर चालान भरें। वहीं दूसरी तरफ दुकानदारों का कहना है कि एक तो कोरोना के चलते वैसे ही दुकानों पर काम-धंधे चौपट है, वहीं जब एक या दो ग्राहक ज्यादा आ जाते है तो उनको दुकान के बाहर धूप में नहीं बैठा सकते है। वहीं कपड़े, जूतो, चप्पल, ज्वैलरी व बार्बर, बर्तनों समेत ऐसी कई दुकानें हैं, जिनमें ग्राहक जब तक सामान पसंद नहीं करते है तो सामान नहीं खरीदते है। जिस कारण से ग्राहक को बाहर धूप में नहीं खड़ा कर सकते। जबकि दुकान में सैनेटाईजर रखते हुए व मास्क लगाकर दुकानदारी की जा रही है। और साथ ही आने वाले ग्राहकों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

दुकानदारों ने बताया कि कई ग्राहक अपने साथ अपने दो या तीन बच्चों को साथ ले आते है तो क्या उनको बाहर रोड़ पर खड़ा कर दे और मां-बाप दुकान के अंदर सामान खरीद करते रहे। कर्मचारियों से काफी आग्रह करने के बाद भी नांगल चौधरी में फिजिकल डिस्टेसिंग के नाम पर नगरपालिका कर्मचारियों द्वारा दुकानदारों को केस बनाने की धमकी देकर फिजिकल डिस्टेसिंग के नाम पर चालान काट कर परेशान किया जा रहा है। जो कि खुद इस नियम का पालन नहीं करते हुए बिना फिजिकल डिस्टेसिंग के आफिॅसों में कार्य करते है और ग्रुप बनाकर बाजार में चलते है। जब दुकानदार इस बारे में नगर पालिका कर्मचारियों से आग्रह करते है तो दुकानदारों को केस बनाने की धमकी देते है। दुकानदारों ने जिला प्रशासन से दुकानदारों की इस समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है। ताकि दुकानदार अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
फोटो-नांगल चौधरी नगरपालिका में फिजिकल डिस्टेसिंग का उल्लंघन करते हुए कर्मचारी।

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