राजस्थान में धार्मिक स्थलों को खोलने के संदर्भ में देवस्थान देवालय, मंदिर, मठ के प्रतिनिधि के रूप में हाथोज धाम के स्वामी महामंडलेश्वर बालमुकुंदाचार्य जी महाराज ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
June 10th, 2020 | Post by :- | 52 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । कोरोना संक्रमण के कारण पिछले 3 माह से लगा लाॅकडाउन अब अनलॉक हो गया है। सरकार ने अब सभी व्यापार, दुकाने, फैक्ट्रियां, मॉल आदि खोल दिए हैं। देश में दो तीन राज्यों को छोड़कर सभी जगह धार्मिक स्थल भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। लेकिन राजस्थान में धार्मिक स्थलों को अभी नहीं खोला गया है। इसी को लेकर विरक्त संत व वैष्णव संप्रदाय के समस्त मंदिर महंत उनसे जुड़े सेवादार ट्रस्टी गण जिनमें प्रमुख रूप से देवस्थान देवालय, मंदिर, मठ के प्रतिनिधि के रूप में हाथोज धाम के स्वामी महामंडलेश्वर बालमुकुंदाचार्य जी महाराज एवं विरक्त संत समाज मंडल के सियाराम दास जी महाराज ने हरिशंकर जी वेदांती, परकोटे गणेश मंदिर के महंत, श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर, झोटवाड़ा तारानगर गणेश जी मंदिर के ट्रस्टी गण, नागौर से भादी पीठाधीश्वर महंत रेवती रमण दास जी, अग्रपीठाधीश्वर डॉक्टर राघवाचार्य जी वेदांती, लक्ष्मी नारायण मंदिर महंत विक्रमाचार्य जी सहित जयपुर के आसपास के लगभग 50 मंदिरों की सहमति पत्र एवं राजस्थान के 400 के लगभग मंदिर के पुजारियों से संपर्क कर चर्चा करने के बाद जयपुर कलेक्टर जोगाराम जी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दो प्रमुख मांग रखी। प्रथम- सभी मंदिरों के 3 माह के बिजली बिल माफ करना, द्वितीय- सभी छोटे मंदिर, मठ, आश्रम खोलने के लिए सामूहिक निवेदन पत्र मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। उन्होंने कलेक्टर महोदय को विश्वास दिलाया कि सरकारी दिशा-निर्देशानुसार सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए सरकार की सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए हम मंदिर, मठ, आश्रम खोलने के लिए तैयार है।
बड़े मंदिरों में लाख 50 हजार दर्शनार्थियों का आवागमन होता है इसलिए उनके द्वारा सरकारी गाइडलाइन की पालना करने में समस्या हो सकती है। लेकिन छोटे मंदिर, मठ, आश्रम में प्रतिदिन सौ पचास भक्तों का ही आवागमन होता है। ऐसी स्थिति में मंदिर, मठ, आश्रम सरकारी गाइडलाइन के अनुसार खोलने के लिए हम तैयार हैं। सरकार इसकी अनुमति प्रदान कर संकट की इस घड़ी में पुजारियों की मदद करें।

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