आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजा गया खाद्यान्न लाभार्थियों तक पहुंचाने की करें जांच – गौतम जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश
June 10th, 2020 | Post by :- | 210 Views
बीकानेर ( रामलाल लावा ) जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोविड-19 के तहत विद्यालयों से आंगनबाड़ी केन्द्रों तक भेजा गया गेहूं और चावल लाभार्थियों तक पहुंचा या नहीं इसकी जांच करवाई जाए।
जिला कलक्टर ने बुधवार को नगर विकास न्यास सभागार में जिला स्तरीय राष्ट्रीय पोषाहार सहायता समिति और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की जिला स्तरीय निष्पादन समिति की बैठक में जिले के शिक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह तक स्कूलों में रखे गेहूं और चावल को आंगनबाड़ी केन्द्रों तक भिजवाने के निर्देश दिए गए थे यह अभ्यर्थियों को मिला अथवा नहीं मुख्य ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी स्वयं इसकी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। जिला कलक्टर ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान से मिड-डे-मील के भुगतान संबंधी जानकारी ली और निर्देश दिए कि भुगतान करने के लिए बजट का आवंटन हो चुका है। अतः बकाया दायित्वों का भुगतान संबंधित एजेन्सियों को समय पर किया जाए। उन्होंने कहा कि दूध का भुगतान करने के लिए भी बजट प्राप्त हो चुका है, अतः भुगतान करने में देरी नहीं होनी चाहिए। भुगतान के संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही ना हो यह सुनिश्चित किया जाए।
जिला कलक्टर ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जन सहभागिता योजना व नाबार्ड में स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लाॅकडाउन के दौरान स्कूलों में रूके हुए निर्माण कार्यांे को पुनः प्रारंभ करने के निर्देश दिए और कहा कि निर्माणाधीन कार्यों की गुणवतापूर्वक पर नजर रखी जाए। अभियन्ता और शिक्षा अधिकारी समय-समय पर इन कार्यों का निरीक्षण करें और निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।
गौतम ने स्कूली विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे आॅनलाइन शिक्षा कार्यक्रम की जानकारी ली और निर्देश दिए कि कितने विद्यार्थियों के पास आॅन लाइन शिक्षा प्राप्त करने के संसाधन है, उनका डेटा तैयार किया जाए। साथ ही वाट्सएप्प ग्रुप के जरिये विद्यार्थियों की उपस्थिति ली जाए ताकि यह पता लग सके कि आॅनलाइन शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों की संख्या कितनी है। उन्होंने जिले में 10 वीं और 12 वीं की शेष रही बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि परीक्षा केन्द्रों पर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाए। परीक्षा केन्द्रों और उसके फर्नीचर (टेबल-कुर्सी) को प्रतिदिन सेनेटाईज करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालय शुरू होने के बाद स्कूलों के प्रवेश द्वार पर विद्यार्थियों के हाथ साबुन से धुलवाकर प्रवेश दिया जाए। बच्चों को कोविड-19 संक्रमण को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक भी किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त परियोजना समन्ययक समग्र शिक्षा हेतराम सारण ने बताया कि बच्चों और शिक्षकों तक पहंुचने की शिक्षा विभाग ने 5 तरह की सकारात्मक पहल की है। वर्तमान में ई-कन्टेन्ट के तहत कक्षा 1-12 तक के सभी छात्रों के लिए अध्ययन सामग्री साझा की गई है। शनिवार को रिविजन और क्विज, सोमवार से शनिवार तक डीडी राजस्थान पर दोपहर 12.30 बजे से 2.30 तक और दोपहर 3 बजे से 4.15 बजे तक शिक्षा दर्शन कार्यक्रम प्रसारित हो रहा हैं। शिक्षा वाणी कार्यक्रम के तहत रडियो पर प्रतिदिन सुबह 11 बजे से 11.55 तक के लिए कहानियां व शिक्षा सामग्री और प्रति शनिवार को हवामहल कार्यक्रम के तहत शनिवार को मिस्ड काॅल (8033094243) देने के बाद कहानियां व शिक्षाप्रद गतिविधयों तथा किताबों की पीडीएफ भेजी जाती है। प्रत्येक सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार शाम को 5 बजे यूट्यूब पर लाइव काउंसलिंग का कार्यक्रम प्रसारित होता है।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बीकानेर राज कुमार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमशंकर झा, ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी नोखा मोहम्मद सलीम पडिहार, सहायक परियोजना अधिकारी समसा कैेलाश बड़गुजर सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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कोरोना संकट के बीच लाइफलाइन साबित हो रहा है मनरेगा
जिले में 2 लाख से अधिक श्रमिक मनरेगा में नियोजित

बीकानेर,  कोरोना संकट ने आर्थिक अस्थिरता के साथ-साथ हजारों लोगों को घर लौटने को मजबूर कर दिया। एक ओर बीमारी का डर तो दूसरी ओर रोजी की चिंता के बीच अब महात्मा गांधी नरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के लिए लाइफलाइन साबित हो रही है। जिले महात्मा गांधी नरेगा के तहत अब तक 2 लाख से अधिक लोगों को रोजाना रोजगार दिया जा रहा है। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि कोविड-19 संकट के बीच ग्रामीणों के लिए मनरेगा वरदान साबित हो रही है। वर्तमान में जिले में 2 लाख 7 हजार 317 श्रमिक इसमें नियोजित हैं। प्रत्येक राजस्व गांव में चार कार्यो के प्रस्ताव मंगवाने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। समस्त पंचायत समितियों में मनरेगा के तहत कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में 4 हजार 284 कार्य प्रगतिरत है। मांग के आधार पर अतिरिक्त कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं। गौतम ने बताया कि प्रवासी मजदूरों के जिले में आने के बाद से ही ग्रामीण क्षेत्रों में काम की मांग बढ़ी है। क्वेरंटाइन अवधि पूरी होने के बाद से लोगों को मनरेगा के तहत अधिकाधिक नियोजित किया जा रहा है। अब तक 2 हजार से अधिक नए जाॅब कार्ड बनाए गए हैं।
गड़बड़ी रोकने के लिए नियमित निरीक्षण
गौतम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिले और स्थायी प्रकृति की संरचनाएं विकसित हो, वर्षा जल प्रबंधन जैसे कार्य हो जिससे मरूस्थलीय जिले में जल संरक्षण किया जा सके इसके लिए मनरेगा के तहत अधिक से अधिक कार्य करवाए जा रहे हैं।
गौतम ने बताया कि मनरेगा के तहत किसी भी स्तर पर गड़बड़ी ना हो, पात्र को काम मिले और लोगों का आर्थिक संबलन हो इसके लिए निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। विकास कार्यो के प्रस्ताव तथा चारागाह विकास कार्य माॅडल तालाब कार्य, श्मशान एवं कब्रिस्तान विकास कार्य, खेल मैदान आदि व्यक्तिगत कार्यो के प्रस्ताव मंगवाये जा रहे है ताकि स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक श्रमिको को रोजगार उपलब्ध करवाया जा सके जिससे श्रमिकों को राहत मिल सके।
कोरोना एडवाइजरी की अनुपालना
जिला कलक्टर ने बताया कि मनरेगा कार्यस्थल पर कोरोना एडवाइजरी की अनुपालना सुनिश्चित करवाई जा रही है। सभी को अनिवार्य रूप से मास्क पहनने के निर्देश जारी किए गए है। सैनेटाइजर की व्यवस्था की गई है और सोशल डिस्टेंसिंग की भी पालना करवाई जा रही है। कार्य स्थल पर साबून से हाथ धोने की व्यस्था करने के निर्देश दिये गये है।  कार्यस्थल पर पेयजल, छाया व छोटे बच्चों के विशेष व्यवस्थाएं की गई है। इस कार्य क लिए ग्राम विकास अधिकारियों, रोजगार सहायकों, जेटीए आदि को पाबंद किया गया है।
काम पाने के लिए बनवाना होगा जाॅब कार्ड
मनरेगा के तहत कोई भी इच्छुक व्यक्ति जो काम करना चाहता है तो उसे अपना जाॅब कार्ड बनवाना होगा। इसके लिए ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जाकर पंजीकरण करवा सकता हैं।

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