नरेगा में मेट पर अधिकाधिक संख्या में महिलाओं को करें नियोजित – गौतम श्री डूंगरगढ़ में नरेगा कार्यों का किया निरीक्षण जिला कलेक्टर की सक्रियता से मिली अटकी पेंशन
June 9th, 2020 | Post by :- | 158 Views

बीकानेर, जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि मनरेगा कार्यों में मेट पर अधिकाधिक संख्या में महिलाओं को नियोजित किया जाए। गौतम ने मंगलवार को श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति के मोमासर के बंदिया कच्चा जोहड़ खुदाई कार्य के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। यहां कुल 363 श्रमिक नियोजित किए हैं जिनमें से मंगलवार को 251 ही उपस्थित मिले। यहां कार्यरत चारों मेट पुरूष थे। इस पर गौतम ने कहा कि भविष्य में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि मेट के कार्य में महिलाओं की संख्या अधिक होनी चाहिए।
जिला कलक्टर ने कहा कि ग्राम सेवक और पटवारी नियमित रूप से मनरेगा कार्यों का निरीक्षण करेंगे तथा कहीं भी गड़बड़ी पाई जाती है तो सक्षम अधिकारी को सूचित करें।  वेज रेट अधिक आए इसके लिए काम में नियोजित श्रमिकों को व्यक्तिगत टारगेट दिए जाएं। जिससे निर्धारित समय में काम पूरा हो सके और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की भी अनुपालना हो सके। गौतम ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में श्रमिक संख्या अधिकतम या न्यूनतम रही हो, उसकी जांच की जाए। यदि श्रमिक संख्या न्यूनतम है तो उसके कारणों की जांच हो तथा जिम्मेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जाए।
गौतम ने कहा कि यह भी देखें कि सभी वर्ग लोगों को रोजगार मिल रहा है विशेष कर प्रवासी मजदूरों को कार्य मिले और यदि किसी का जाॅब कार्ड नहीं हो तो प्रवासी श्रमिक को जाॅब कार्ड बनवाने की प्रक्रिया से अवगत करवाएं। कार्यस्थल पर मेट द्वारा रिकाॅर्ड का नियमित संधारण हो, छाया, पेयजल, दवा आदि की आवश्यकतानुसार व्यवस्था हो। श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान पखवाड़ा समाप्त होने के तुरंत बाद उनके खाते में कर दिया जाए। श्रमिकों को भुगतान के लिए चक्कर ना लगाने पड़े।
मोमासर सीएचसी का किया निरीक्षण
विद्युत कनेक्शन शीघ्र होगा
जिला कलक्टर ने मोमासर स्थित सीएचसी का निरीक्षण कर चिकित्सक को निर्देश दिए कोरोना के अतिरिक्त अन्य  मरीजों को समुचित इलाज मिले यह सुनिश्चित किया जाए। यहां मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा के लिए सूचीबद्ध सभी दवाएं उपलब्ध रहे, यह सुनिश्चित हो। चिकित्सा केन्द्र आने वाले मरीजों को कोविड लक्षणों के सम्बंध में आईईसी करें। केन्द्र पर मरीजों आदि के हाथ धोने के लिए साबुन पानी की समुचित व्यवस्था की जाए।
जिला कलक्टर ने रीढ़ी में पीएचसी के नए भवन में विद्युत कनेक्शन दिए जाने में हो रहे विलम्ब पर नाराजगी जताते हुए अधीक्षण अभियंता को फोन कर निर्देश दिए कि केन्द्र पर शीघ्र कनेक्शन हो जाएं। उपखंड अधिकारी राकेश नोएल ने बताया कि केन्द्र पर विद्युत कनेक्शन होने में एक पोल की कमी आड़े आ रही है। पोल लगाने के लिए श्रीडूंगरगढ़ के अभियंताओं को कई बार निर्देशित किए जाने के बावजूद आज तक विद्युत कनेक्शन नहीं किया गया है। इस पर जिला कलक्टर ने इस कार्य को गंभीरता से लेकर शीघ्र कनेक्शन के निर्देश दिए।
गौतम ने कहा कि कोरोना रोकथाम के लिए सभी ग्राम पंचायतों को 50 -50 हजार रुपए आवंटित हुए हैं। समस्त ग्राम पंचायतों में कोर ग्रुप का गठन करने के बाद कोरोना रोकथाम के लिए सोडियम हाइपोक्लाराइड का छिड़काव, सेनेटाइजर और मास्क वितरण का कार्य समुचित तरीके से किया जाए।
दवा वितरण करे जिम्मेदार व्यक्ति
जिला कलक्टर ने कहा कि मनरेगा कार्यस्थलों पर दवाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। इन कार्यस्थलों पर चिकित्सा एवं राजस्व विभाग आपस में समन्वय कर किसी जिम्मेदार व्यक्ति को दवा वितरण के लिए नियुक्त करें। जिला कलक्टर ने श्रीडूंगरगढ़ में बने नए बस स्टेण्ड का भी निरीक्षण किया। उपखंड अधिकारी ने बताया कि बस स्टैण्ड से रोडवेज बसों का संचालन प्रारम्भ हो गया है। उन्होंने उपखंड अधिकारी से लाॅ एंड आॅर्डर की स्थिति की जानकारी ली। इस दैारन उपखंड अधिकारी के साथ पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार उपस्थित थे।

1 साल से पेंशन से वंचित, 1 घंटे में मिली नकद पेंशन
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम की सक्रियता और सहदयता के चलते श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति के गुसाईंसर गांव निवासी रामप्यारी को 12 माह से अटकी पेंशन महज 1 घंटे में मिल गई। इतना ही नहीं उसकी पेंशन नियमित भी हो सकी। दरअसल मंगलवार को जिला कलक्टर गौतम जब श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति का निरीक्षण कर अपनी गाड़़ी में बैठने ही वाले थे तो गुसाईंसर निवासी रामप्यारी अपनी गुहार लेकर उनसे मिलने जा पहुंची। रामप्यारी ने जिला कलक्टर को बताया कि गत 12 महीनों से वह वृद्धावस्था पेंशन से वंचित है। कई बार सम्पर्क करने के बावजूद पेंशन प्रारम्भ नहीं हो पा रही है। इस पर
जिला कलक्टर ने तुरंत रामप्यारी के पास उपलब्ध सभी कागज देखे और गाड़ी से उतर कर पंचायत समिति की पेंशन शाखा पहुंचे। वहां पहुंचकर गौतम ने सभी दस्तावेज की जांच की और पाया कि रामप्यारी के सभी पेंशन दस्तावेज सही हैं और वह वृद्धावस्था पेंशन के पात्र थी। जिला कलक्टर ने कम्प्यूटर पर समस्त प्रक्रिया की दुबारा अपने सामने जांच करने को कहा। जांच के दौरान पाया गया कि रामप्यारी पत्नी पोकर राम के आधार नम्बर की गलत फीडिंग के चलते उसकी पेंशन का ट्रांसफर रामप्यारी पत्नी पुरखा राम केे खाते में गत 12 माह से हो रहा था। इसके बाद जिला कलक्टर ने विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि तकनीकी खामी के चलते गलती से जहां पैसे ट्रांसफर हुए हैं उनसे सम्पर्क कर रामप्यारी को बकाया रही पेंशन का भुगतान करवाएं। इसके बाद अधिकारियों ने रामप्यारी पत्नी पुरखाराम से सम्पर्क किया तो पाया गया कि उसके खाते में गत 12 माह से पेंशन आ रही है। गलती से खाते में आई इस पेंशन राशि को सम्बंधित परिवार ने लौटा दिया और इस तरह पात्र रामप्यारी को 8 हजार 250 रुपए नकद मिल गए।

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