आपदा प्रबंधन के लिए तैयार रखें क्विक रिस्पांस टीम – गौतम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में जिला कलेक्टर ने दिए निर्देश 15 जून से 24 घंटे काम करेगा कंट्रोल रूम
June 8th, 2020 | Post by :- | 40 Views
बीकानेर, जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि आगामी मानसून के मद्देनजर सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारी समन्वय करते हुए क्विक रेस्पाॅस एक्शन प्लान तैयार रखें ताकि अतिवृष्टि की किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
गौतम ने सोमवार को नगर विकास न्यास सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में यह बात कही। जिला कलक्टर ने कहा कि आगामी मानूसन में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई गई है इसे देखते हुए शहर सहित जिले के सभी स्थानीय निकायों और बड़े गांवों के लिए ड्रैनेज प्लान तैयार कर लिए जाएं। आपदा प्रबंधन के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है, सम्बंधित विभाग उचित रणनीति बनाकर उपलब्ध संसाधनों को मोबलाइज करते हुए आवश्यक संसाधन समय से पूर्व ही खरीद लेना सुनिश्चित करें। गौतम ने कहा कि जिला और उपखंड स्तर पर पूरी प्लानिंग हो, फस्र्ट लाइन आफिसर्स की सूचना के साथ कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करें।
15 जून से 24 घंटे काम करें कंट्रोल रूम 
गौतम ने कहा कि जिला तथा उपखंड मुख्यालय पर 15 जून से 24 घंटे कंट्रोल रूम कार्यरत रहेगा। इसमें कार्मिकों की राउंड द क्लोक ड्यूटी लगाई जाए। इस कंट्रोल रूम में सम्बंधित सभी विभागों के सक्षम अधिकारियों के नम्बर उपलब्ध रहे। जिला कलक्टर ने कहा कि आंधी तूफान के बाद विद्युत आपूर्ति तुरंत बहाल हो जाए इसके लिए उपखंड स्तर पर बिजली विभाग के अभियंता एसडीओ की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने पीएचईडी विभाग के अभियंता को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान लीकेज आदि के कारण कहीं भी दूषित पेयजल सप्लाई की सूचना हो तो तुरंत प्रभाव से सप्लाई बंद कर टैंकर आदि के जरिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करवाएं।
जलभराव ना हो, करवाएं नालों की सफाई
जिला कलक्टर ने कहा कि पूर्व में अनुभव के आधार पर यूआईटी, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी  समन्वित प्रयासों से जल भराव ना हो इसके लिए वैकल्पिक प्लान तैयार करें। सूरसागर तक गंदा पानी नहीं पहुंचे इसके लिए निगम सम्बंधित एंजेसियों से समन्वय प्लान तैयार कर शीघ्र कार्य प्रारम्भ कर दें।  गौतम ने कहा कि आपात स्थिति की संभावना का प्रबंधन इस प्रकार हो कि समस्या आने पर समाधान के लिए तुरंत कार्यवाही की जा सके।
गौतम ने बड़े गांवो में जलप्रबंधन के लिए मनरेगा के तहत काम करवाने के निर्देश दिए। नगरपालिकाओं सहित ग्राम पंचायत स्तर पर इस सम्बंध में एक प्लान तैयार किया जाए जिससे आरओबी या बड़े गांवो में जल भराव जैसी समस्याएं ना पैदा हो। इस कार्य में वाटर शेड अभियंताओं की मदद ली जाए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा खर्च की जांच के लिए कमेटी 
स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड संक्रमण रोकथाम के तहत विभिन्न गतिविधियों पर खर्च 29 लाख रूपए की जांच के लिए जिला कलक्टर ने कमेटी के गठन के निर्देश दिए। इस कमेटी में एडीएम सिटी, कोषाधिकारी और संयुक्त निदेशक मेडिकल होंगे। कमेटी द्वारा मास्क, सैनेटाइजर आदि की खरीद के सम्बंध में जांच कर रिपोर्ट दी जाएगी।
जिला कलक्टर ने कहा कि मौसमी बीमारियों की संभावना के मद्देनजर सभी सीएचसी, पीएचसी पर एंटी स्नेक दवा उपलब्ध रहें। क्लोरीन दवा का पर्याप्त वितरण हो, आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करवाएं। मलेरिया आदि से बचाव के लिए प्लान बनवाएं और यदि कहीं पानी एकत्र हो तो प्रोपर छिड़काव की व्यवस्था करें। गौतम ने कहा कि मानसून से पहले सार्वजनिक निर्माण विभाग शहर की सड़कों पर बने समस्त गढ़ढों को ठीक करवाएं जिससे कोई दुर्घटना ना हो। नगर निगम प्राथमिकता के आधार पर समस्त नालों की सफाई का काम सुनिश्चित करवाते हुए खुले चैम्बर, नाले बंद करवाएं। बरसात से पहले मेंटेनस के कार्य पूर्ण कर लें। कोई भी दुर्घटना हुई तो सम्बंधित विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सभी राजकीय कार्यालयों की छतों के पाइप आदि खुलवाने व साफ सफाई की कार्यवाही सुनिश्चित करें। जर्जर अवस्था वाले स्कूल, पीएचसी आदि चिन्हित कर लिए जाएं, यदि आवश्यकता हो तो उनकी मरम्मत या गिराने की कार्यवाही करें।
गौतम ने कहा कि आपदा प्रबंधन के तहत टिड्डी आक्रमण के कारण प्रभावित किसानों के को शीघ्र अतिशीघ्र मुआवजा दिलवाया जाए। यदि किसी भी किसान का 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ तो उसे व्यक्तिगत मुआवजा दिया जा सकता है। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगजनी आदि की दुर्घटनाओं में अतिरिक्त संवेदनशीलता रखते हुए 24 घंटे में सहायता राशि जारी करवाएं। पीड़ित को राहत देना अधिकारियों की प्राथमिकता होना चाहिए। गौतम ने डीएमएफटी फंड में सम्बंधित क्षेत्रों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने कहा कि मानसून से पहले राजस्व विवाद के पुराने प्रकरणों की सूचना सम्बंधित पुलिस अधिकारी को दी जाए जिससे लाॅ एंड आर्डर बिगड़ने की स्थिति ना बने। शर्मा ने कहा कि हाईवे आदि पर दुर्घटना की स्थिति में कंट्रोल रूम में समस्त सम्बंधित एंजेसियों के फोन नम्बर उपलब्ध रहें जिससे मेडिकल टीम आदि के साथ समन्वय किया जा सके।
उपखंड स्तर पर बनेंगे कोविड केयर सेंटर
जिला कलक्टर ने उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन में यह संदेश जाए कि कोरोना संक्रमण से डरने की आवश्यकता नहीं है, सावधानी बरते और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करते हुए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आईईसी गतिविधियां हो तथा रेंडम सेंपल लिए जाएं। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों को उपखंड स्तर पर कोविड केयर सेंटर की स्थापना करने के निर्देश देते हुए कहा कि कोविड मरीजों का इलाज इन सेंटरों में उपखंड स्तर पर ही किया जाएगा।
कोरोना पाॅजिटीव हो तो ना घबराएं
गौैतम ने कहा कि पाॅजिटीव होने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। कोविड 19 के लक्षण पाए जाने पर सम्बंधित व्यक्ति तुरंत अस्पताल पहुंचे और जांच करवाएं। स्वयं को आईसोलेट रखते हुए समय पर इलाज लें। जिला कलक्टर ने कहा कि कोरोना से घबराने की आवश्यकता नहीं है। कार्यस्थलों पर सोशल डिस्टेसिंग करें और स्वयं भी सुरक्षित रहे और दूसरों को भी सुरक्षित रखने में मदद करें। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि वृद्ध, बीमार, गर्भवती  महिलाओं को सीएचसी पीएचसी पर भी समुचित इलाज मिले यह सुनिश्चित किया जाए। टीकाकरण आदि सामान्य हो, राजश्री योजना के तहत नियमित भुगतान हो। सीएमएचओ यह सुनिश्चित करें कि निजी अस्पतालों में प्रबंधकों द्वारा मरीजों को पीपीई किट के लिए परेशान ना किया जाए। ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्यवाही की जाए। गौतम ने कहा कि उपखंड अधिकारी सीएचसी पीएचसी का निरीक्षण करें और यदि चिकित्सक अनुपस्थित मिलते है तो सीएमएचओ को इस बारे में सूचित किया जाए और ऐसे चिकित्सकों को तुरंत तबादला दूरस्थ स्थान पर किया जाएगा। बैठक में नगर निगम आयुक्त डाॅ खुशाल यादव, एसडीएम बीकानेर रिया केजरीवाल, प्रशिक्षु आईएएस कनिष्क कटारिया, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन ए एच गौरी, एडीएम सिटी सुनीता चैधरी, सीएमएचओ डाॅ बी एल मीना सहित पानी, बिजली, सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार उपस्थित थे।

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