रैसलाईजेशन के विरोध में उतरे अतिथि अध्यापक|
June 8th, 2020 | Post by :- | 141 Views

पलवल (मुकेश वशिष्ट) 08 जून :- सोमवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय फरीदाबाद में भारी संख्या में एकत्रित हो अतिथि अध्यापकों ने अपना विरोध दर्ज कराया तथा माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशि अहलावत को ज्ञापन-पत्र सौंपा। विदित हो विभाग द्वारा पदों का रैसलाईजेशन किया जा रहा है।

जिसके द्वारा छात्र संख्या के आधार पर नए पदों को बनाया और समाप्त किया जाता है। इस बार हरियाणा सरकार द्वारा प्राथमिक स्कूलों में 1:30 और हाई स्कूलों में 1:40 का छात्र अनुपात रखा है। इस प्रक्रिया के अनुसार प्रदेशभर में हजारों की संख्या पदों को समाप्त किया जा रहा है। सरकार की इस नीति का सभी संगठनों ने विरोध किया है। एक तरफ सरकार इस कोराना जैसी महामारी के दौर में व्यक्तिगत दूरी की बात करती है वहीं एक कक्षा में 40 छात्रों को बैठाने की नीति बनाती है। इस तरह की नीतियों से सरकार की नियत में खोट दिखता है।

इससे सरकार द्वारा अध्यापकों को सरप्लस कर घर बैठाने की तैयारी की जा रही है। पिछले एक सप्ताह से विभाग द्वारा इस प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। प्रक्रिया की विशेष बात यह है कि केवल अतिथि अध्यापकों को ही सरप्लस दिखाया गया है। प्राथमिक स्कूलों में काम कर रहे जे.बी.टी.अतिथि अध्यापकों को अधिक से अधिक संख्या में सरप्लस दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही हाई स्कूलों में काम कर रहे गणित, साईंस, संस्कृत और हिन्दी के अतिथि अध्यापकों को भी सरप्लस किया है, जोकि अतिथि अध्यापकों के साथ अन्याय है।

पिछले तीन महीने सभी अतिथि अध्यापक इस कोराना महामारी के दौर में अपनी सेवा दे रहे हैं। इन महीनों में अतिथि अध्यापक एक भी दिन घर नहीं बैठे हैं। कभी कोविड-19 की सर्वे में, कभी प्रवासियों को रेल में बैठाना हो या घर-घर राशन बांटने का कार्य हो अध्यापक अपने कार्य को कर्मठता से कर रहे हैं। अतिथि अध्यापकों को सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई मैडिकल सुविधा प्रदान नहीं की जाती।

अतिथि अध्यापक संघ सरकार से मांग करता है कि रैसलाईजेशन की प्रक्रिया को पूर्व की भांति जेबीटी में 1:25 और टीजीटी में 1:35 का रेसो अपनाकर किया जाए। जिससे कि अतिथि अध्यापक सरप्लस का शिकार न हो सकें। सरकार को समय रहते अपनी विनाशकारी नीतियों को बदलना होगा अन्यथा अतिथि अध्यापक एक बडे आन्दोलन के रूप में सरकार का विरोध करेंगे।

जिला प्रधान रघु शास्त्री ने बताया कि रैसलाईजेशन कर सरकार अतिथि अध्यापकों को सरप्लस करना चाहती है। जिससे कि इन्हें आसानी से घर का रास्ता दिखाया जा सके। ऐसा सरकार पिछले साल भी कर चुकी है। जब तीन महीने के आन्दोलन के बाद सरप्लस अतिथि अध्यापकों को वापिस विभाग में लेना पडा था। इसबार अतिथि अध्यापक दोबारा से ऐसा नहीं होने देंगे। चाहे कुछ भी करना पडा।” इस विरोध प्रदर्शन में भागीरथ शास्त्री महासचिव, ललित शर्मा, वीरेन्द्र कुमार, सुन्दर भडाना, अनील कुमार, सैलेन्द्र मिश्रा, जितेन्द्र, चन्द्रप्रकाश, दुष्यंत त्यागी, राजेन्द्र, होमेन्द्र, राजेन्द्र, विनोद भाटी, राकेश, धरम, जोगेंद्र, अरविंद, सरताज, ऋषि पाल, सिंह राज, ज्योति, दयावती, हिमाक्षी, प्रवीण, अन्जू, सुनीता गौर, अंजू पाराशर, सविता मिगलानी, नीलम, संतोष, सुमन, संगीता,  विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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