विद्यालयों से विज्ञान विषय में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की सूची लेने उपरान्त बोर्ड लेगा सैकेण्डरी विज्ञान विषय की परीक्षा, परिणाम इसके बाद होगा घोषित
June 8th, 2020 | Post by :- | 650 Views

कुरुक्षेत्र, लोकहित एक्सप्रेस, (सैनी)।  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा सैकेण्डरी (नियमित/स्वयंपाठी)परीक्षा का परिणाम 8जून को घोषित किया जाना था, परन्तु शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार इसे स्थगित किया गया है। विद्यालयों के माध्यम से विज्ञान विषय में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की सूची मांगी जायेगी तथा विद्यालयों से सहमति प्राप्त होने उपरान्त संख्या के आधार पर परीक्षा की तिथि व समय का निर्धारण किया जाएगा।
इस आशय की जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह व सचिव श्री राजीव प्रसाद, ह.प्र.से. ने संयुक्त रूप से एक प्रेस वक्तव्य में आज यहां बताया कि ऐसे परीक्षार्थी जो कक्षा ग्यारहवीं में विज्ञान संकाय (मैडिकल/नॉन मैडिकल) में प्रवेश लेना चाहते हैं अथवा ऐसे कोर्स जिसमें विज्ञान विषय की अनिवार्यता है उन परीक्षार्थियों को सैकेण्डरी कक्षा मेंं विज्ञान विषय अनिवार्य तौर पर उत्तीर्ण करना होगा। इस सन्दर्भ में विद्यालयों के माध्यम से परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की सूची मांगी जाएगी तथा विद्यालय परीक्षार्थी से लिखित सहमति लेकर उसका छ: माह का रिकार्ड रखेंगे। परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की संख्या शुन्य होने पर भी बोर्ड को सूचित करना होगा।
उन्होंने बताया कि ऐसे परीक्षार्थी जो स्वेच्छा से विज्ञान विषय की परीक्षा देना चाहते है उनसे भी विद्यालयों के माध्यम से परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की सूची मांगी जाएगी तथा विद्यालय ऐसे परीक्षार्थियों से लिखित सहमति लेकर उनका छ:माह का रिकार्ड रखेगें।
उन्होंने बताया कि शेष परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम उन द्वारा दी गई चार विषयों की लिखित परीक्षा के औसतन अंक के आधार पर विज्ञान विषय के अंक माने जायेगें। सैकेण्डरी कक्षा के छठे विषय की परीक्षा आयोजित नहीं करवाई जायेगी। छठे विषय के अंक यदि पूर्व में आयोजित चार विषय की परीक्षा दी है तो उसका औसत निकाला जायेगा।
उन्होंने बताया कि पांच विषयों की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों द्वारा प्राप्त किए गए बेहतर चार विषयों के औसत अंक छठे विषय के माने जायेगें।
उन्होंने आगे बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए यह भी निर्णय लिया गया है कि जो परीक्षार्थी औसत अंकों या प्राप्तांकों से संतुष्ट नहीं है तो वह आंशिक अंक सुधार की परीक्षा दे सकता है। जिसके लिए दो अवसर दिये जायेगें।
उन्होंने बताया कि हरियाणा मुक्त विद्यालय के फ्रैश पूर्ण विषय के परीक्षार्थियों से शैक्षिक परीक्षा अनुसार विज्ञान विषय परीक्षा की सहमति ली जायेगी। शेष का परिणाम औसत अंकों के आधार पर निकाला जायेगा। सी.टी.पी. एवं रि-अपीयर मुक्त विद्यालय/शैक्षिक के परीक्षार्थियों की विज्ञान विषय की परीक्षा ली जायेगी।

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