कोरोना से मुक्ति के लिए 36वें दिन भी कड़ी धूप के बीच जारी है महंत की अग्नि तपस्या|
June 8th, 2020 | Post by :- | 151 Views

जिले के गाँव प्रह्लादपुर के मंदिर पर महंत की अग्नि तपस्या 36वें दिन भी जारी

पलवल हसनपुर (मुकेश वशिष्ट) 08 जून:- देश प्रदेश के साथ साथ विश्व भर में आये दिन बढ़ रही कोविड 19 महामारी को रोकने के लिए जहां सरकारें और सामाजिक संस्थाओं के साथ आमजनमानस तरह तरह के इंतजामात कर रहे है वहीं सन्त समाज भी इस महामारी को भगाने एवं आपस में शांति सद्भावना बनाने के लिए हर संभव काया कष्ट कर जनता की भलाई के लिए लगे हुए है।

इसी का उदाहरण पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से देखने को मिल रहा है जिले के गाँव प्रह्लादपुर में जहां यमुना किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर मंदिर के श्री महंत बाबा बालिक नाथ पिछले एक महीने से भी ज्यादा से अग्नि तपस्या कर रहे है। जो सुबह 11 बजे अपनी अग्नि तपस्या शुरू करते है और दोपहर 2 बजे अग्नि तपस्या का समापन होता है। इस दौरान मंदिर के महंत अपने चारों ओर भयंकर अग्नि प्रज्वलित कर उसके बीचों बीच बैठकर 3 घण्टे रोजाना तपस्या करते है।

गांव प्रह्लादपुर के ग्रामीण श्याम सुंदर ने बताया कि महंत अपने चारों तरफ गाय के गोबर से बने उपलों का चारों तरफ ढेर लगाकर उनमें अग्नि प्रज्वलित कर तपती कड़ी धूप और गर्मी के बीच 11 बजे से दो बजे तक तपस्या करते है। यह तपस्या करीब एक महीने पहले शुरू हुई थी जो अभी 13 जून तक चलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि बाबा बालिक नाथ पहले भी कई बार मई-जून के महीने में अग्नि तपस्या और जनवरी माह में जल तपस्या कर चुके है।

ग्रामीण भी इस तपस्या में अपना योगदान कर अर्जित कर रहे है पुण्य लाभ|

ग्रामीण श्याम सुंदर ने बताया कि इस तपस्या के दौरान प्रह्लादपुर के अलावा आसपास के गावों जैसे गुरवाड़ी और राजुपुर खादर के साथ साथ अन्य गावों के ग्रामीण भी इस तपस्या के दौरान अपना योगदान कर रहे है। लेकिन कोरौना महामारी को मद्देनजर रखते हुए यहां सोशल डिस्टनसिंग और लॉक डाउन के नियमों की पालना करते हुए बाबा बालिक नाथ की तपस्या जारी है। इस दौरान मंदिर पर आने वाले सभी भक्तजनों को सोशल डिस्टनसिंग के नियमों का ध्यान रखना और मास्क पहनना अनिवार्य है। भक्तों का विश्वास है कि बाबा की तपस्या खाली नही जाएगी। जल्द ही देश व प्रदेश को इस कोरौना नामक महामारी से निजात मिलेगी।

 

 

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