मृत जानवरों के निष्पादन प्लांट को लेकर सैक्टर 38 वैस्ट के निवासियों में भारी रोष, विरोध प्रदर्शन के लिए सभी वेल्फेयर संस्थाएं हुई लामबंद
June 8th, 2020 | Post by :- | 409 Views

चंडीगढ़ (मनोज शर्मा) डड्डू माजरा कॉलोनी के साथ सैक्टर 25 में मरे हुए जानवरों के निष्पादन प्लांट लगाने का 29 मई को हुई नगर निगम की बैठक में जो निर्णय लिया गया है, उसे लेकर सैक्टर 38 वैस्ट के निवासियों में भारी आक्रोश है। इसे लेकर सैक्टर की सभी वेल्फेयर संस्थाएं ज्वाइंट एक्शन कमेटी, सैक्टर 38 वैस्ट के बैनर तले विरोध प्रदर्शन करने के लिए लामबंद हो गई हैं। सभी वेल्फेयर संस्थाओं की ओर से इस प्लांट को प्रस्तावित जगह से हटाने के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक वी.पी. सिंह बदनौर, सांसद किरण खेर, मेयर राजबाला मलिक, पूर्व सांसद सत्य पाल जैन और कमिश्नर नगर निगम के.के. यादव को हजारों सैक्टर निवासियों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपे गए।
सैक्टर 38 वैस्ट रेजिडेंट्स वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि मृत जानवरों के निष्पादन प्लांट लगाने की प्रस्तावित जगह सैक्टर से मात्र आधा मील दूर है और वहां से उठती हुई दुर्गंध तथा प्रदूषण से सैक्टर के लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे। डंपिंग ग्राउंड और मरे हुए जानवरों के इंसीनरेटर प्लांट का रिहायशी क्षेत्र के बीचों-बीच लगाना लोगों के जीने के मौलिक अधिकार का हनन है। यदि नगर निगम ने अपना यह अमानवीय निर्णय वापस नहीं लिया तो सैक्टर के लोग अपने हितों की रक्षा के लिए हर प्रकार का विरोध प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
रेजिडेंट्स यूनाइटेड फ्रंट के प्रधान डॉक्टर के.एस. चौधरी के अनुसार सैक्टर के लोग पहले ही डंपिंग ग्राउंड से आती हुई बदबू और प्रदूषित हवा से बहुत परेशान हैं और ऊपर से जानवरों के इस प्लांट का लगना जले पर नमक छिड़कने की तरह है। एच.आई.जी. (लोअर) आर.डब्ल्यू.ए. की अध्यक्षा रेखा सूद के अनुसार जब यह प्लांट लगाने की जगह इंडस्ट्रियल एरिया में निर्धारित की गई थी तो एकाएक इसे बदलकर सैक्टर 25 में कैसे कर दिया गया और आसपास के वार्डों के पार्षदों का मीटिंग में नदारद रहना अपने आप में प्रश्न खड़ा करता है।
आर.डब्ल्यू.ए. के महासचिव कुलभूषण शर्मा ने कहा कि प्रधान मंत्री और गृह मंत्री को भी इस संबंध में पत्र भेजे जा रहे हैं। कार्यकारी सदस्य दर्शन कुमार ने प्रश्न उठाया की नगर निगम यह भी देखे कि क्या वास्तव में चंडीगढ़ में ऐसा प्लांट लगाने की आवश्यकता है जबकि इस प्लांट के बगैर भी मरे हुए जानवरों का निष्पादन सही तरह से हो रहा है। एम.आई.जी. ग्रुप एजेंसी के प्रधान चितरंजन सिंह ने प्रश्न उठाया की चंडीगढ़ की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा दक्षिण सैक्टर्स में रहता है परंतु हर बार उनके हितों को दरकिनार किया जाता है।
एच.आई.जी. (अपर) आर.डब्ल्यू.ए. के अध्यक्ष हरपाल सिंह और कार्यकारी सदस्य बानी कंबोज ने कहा कि कुछ काउंसलर गलत बयानी कर रहे हैं कि इस प्लांट से बदबू और प्रदूषण नहीं होगा। यदि ऐसा है तो ये काउंसलर जिन सेक्टर्स में रहते हैं, वहां यह प्लांट लगाने की सहमति क्यों नहीं देते। एल.आई.जी. ग्रुप एजेंसी के अध्यक्ष भाग सिंह, भगवंत मान और सरोज बाला ने सभी संबंधित काउंसलर्स को चेतावनी दी कि यदि सैक्टर 25 में यह प्लांट लगाने का फैसला बदला नहीं गया तो इसका खामियाजा उन्हें अगले साल होने वाले नगर निगम के चुनावों में उठाना होगा।

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