श्री कृष्ण जन्मस्थान के दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु ब्रज के और मंदिरों का करना पड़ेगा इंतजार
June 7th, 2020 | Post by :- | 67 Views

मथुरा,(राजकुमार गुप्ता) मथुरा के विश्व प्रसिद्ध मंदिर श्री कृष्ण जन्म स्थान के दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु और ब्रिज के अन्य मंदिरों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को करना पड़ेगा इंतजार, श्रीबांकेबिहारी, गोवर्धन में दानघाटी और बरसाना में श्रीजी के दर्शन के लिए उन्हें अभी और इंतजार करना होगा।

राज्य सरकार की तय गाइड लाइनों के तहत सोमवार आठ जून से मंदिरों के दर्शन आम भक्तों के लिए खोलने का आदेश जारी किया है। इसके तहत श्रीकृष्ण जन्मस्थान के दर्शन आम भक्त कर सकेंगे। मंदिर के पट आम दिनों की भांति खोले जाएंगे। सुबह मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं कर सकेंगे दर्शन ,
वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्रीबांकेबिहारी, रंगजी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, प्रेम मंदिर के साथ ही मथुरा स्थित श्रीद्वारिकाधीश मंदिर, बलदेव स्थित दाऊजी मंदिर, गोवर्धन स्थित मंदिर दानघाटी मुखारबिंद, मानसीगंगा, नंदगांव स्थित मंदिर श्रीनंदभवन, श्रीजी मंदिर बरसाना में आज से दर्शन आम लोगों के लिए नहीं खुलेंगे।

इसमें से कुछ मंदिरों ने 15 जून से तो कुछ ने 30 जून के बाद ही आम दर्शकों के लिए पट खोलने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि रविवार को मंदिरों के प्रबंधक तथा सेवायतों के साथ बैठक कर मंदिर खोलने के लिए शासन की गाइड लाइन से अवगत करा दिया है गाइडलाइन के अनुसार मंदिर में सिर्फ 5 लोग ही अंदर जा सकेंगे |

लॉक डाउन शुरू होने के बाद करीब ढाई महीने से अधिक समय बाद मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ की व्यवस्था करने में फिलहाल हम सक्षम नहीं हैं। इसलिए 30 जून तक रंगजी मंदिर बंद रहेगा।”
अनघा श्रीनिवासन, मुख्य अधिशासी अधिकारी,

“ठा. श्रीबांकेबिहारी मंदिर 30 जून तक बंद रहेगा। वर्तमान स्थिति से न्यायालय को अवगत करा दिया गया है। इस सदर्भ में न्यायालय के आदेशानुसार मंदिर को खोलने का निर्णय लिया गया।”
– उमेश सारस्वत, उप प्रबंधक, यह जानकारी दी

“महामारी कोरोना वायरस के चलते इस्कॉन मंदिर 15 जून तक बंद रहेगा। भीड़ को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया गया है।”
सौरभ, जनसंपर्क अधिकारी ने बताया

ब्रज के तमाम बड़े ऑपरेशन प्रसिद्ध मंदिरों ने यह निर्णय लिया है की मंदिरों में होने वाली भीड़ को रोकने में वह समक्ष नहीं है इस कारण फ़िलहाल मंदिरों को नहीं खोले जाने चाहिए |

सूत्रों के अनुसार सभी मंदिर प्रबंधकों ने मंदिर ना खोलने का निर्णय लिया है प्रशासन का कहना है कि वह किसी मंदिर प्रबंधन तंत्र पर दबाव नहीं डालेगा मंदिर खोलने और ना खोलने का निर्णय केवल मंदिर प्रबंधक ही ले सकेंगे |

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