कोरोना में योद्धा बनी समूह की महिलाएं
June 6th, 2020 | Post by :- | 44 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  देश दुनिया में कोरोना से जारी जंग में नूंह जिले के आजीविका मिशन ग्रामीण द्वारा गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं योद्धा बनकर बहादुरी के साथ मुकाबला कर रही हैं। कोरोना संकट के समय जब लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे तो तभी ये जिले की बहादुर महिलाओं ने सेनिटाइजर, मास्क और पीपीई किट बनाकर आत्मनिर्भरता का परिचय दिया। कोरोना काल में जिले की 1600 महिलाओं ने जरूरत के मुताबिक कार्य कर निडरता का परिचय दिया है। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र में जरूरतमंदों को आपात स्थिति में जरूरी सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें मदद प्रदान कर रही हैं। अभी तक जिले के हर खंड में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा साढ़े तीन लाख मॉस्क बनाए गए है। जिनमें से एक लाख सत्तर मॉस्क जिला प्रशासन को 8-12 रुपये में उपलब्ध कराए है। प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर कोई भी आसपास में भूखा नहीं रहे इसके लिए महिलाओं ने अटल किसान मजदूर कैंटीन ने एक लाख तीन हजार राशन के पैकेट जरूरतमंदों को प्रदान किए। अभी भी मेडिकल कॉलेज सहित अन्य कई जगहों पर 75 लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। इस दौरान प्रतिदिन साढ़े तीन हजार लोगों को राशन मुहैया कराया गया। वहीं सेनिटाइजर की मांग को देखते हुए तावडू खंड के गांव ढिढारा के एकता ग्रुप, गांव मंडारका का चिराग ग्रुप, नगीना के शिखर पिनगवां के तालीम ग्रुप की महिलाओं ने कुछ समय में प्रशिक्षण ग्रहण कर जिले में सेनिटाइजर की मांग को बाजार से कम कीमत में पूरा किया। अभी तक जिले में 25 हजार सेनिटाइजर पीस तैयार किए है। इस दौरान प्रशासन को भी मुहैया कराया।

1400 पीपीई किट तैयार की :
चिकित्सकों की मांग पर तावडू के जौरासी गांव की महिलाओं के संदेश ग्राम संगठन के अमानत ग्रुप की महिलाओं ने पीपीई किट का निर्माण कर चिकित्सों की जरूरत को पूरा किया। वहीं इस कार्य में झामुवास गांव के जय माता दी ग्रुप की महिलाओं ने बढ़ चढक़र कार्य किया है। इस दौरान एक किट को छह सौ रुपये में स्वास्थ्य विभाग को दिया। जबकि बाजार में एक किट की कीमत करीब साढ़े आठ सौ रुपये है।
मुनाफा नहीं लिया :
मास्ॅक निर्माण, पीपीई किट व कैंटीन में खाना बनाने के कार्यों में महिलाओं ने कोई मुनाफा नहीं लिया। उन्होंने केवल मामूली मजदूरी को ही लिया।
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आजीविका मिशन के जिला प्रबंधन अब्दुल रब असरी ने महिलाओं के इस कार्य से उत्साहित होकर बताया कि उपायुक्त पंकज कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त विक्रम सिंह ने कोरोना संकट के दौरान महिलाओं को मॉस्क, सेनिटाइजर, पीपीई किट के प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया। जिसमें उन्होंने बेहिचक भाग लेकर अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। आज जिले में स्वयं सहायता समूह की 1600 महिलाओं ने प्रत्यक्ष रूप से अपनी सेवा कर नारी सशक्तिकरण कि मिशाल पेश की है।

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