नूह जिले में टीबी को जड़ से समाप्त करने की तैयारी
June 6th, 2020 | Post by :- | 44 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  हरियाणा के नूह जिले से टीबी का खात्मा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से कमर कस ली है । नूह जिले के सात पीएचसी में अब टीबी रोगियों की जांच आसानी से की जा सकेगी । जिले की उजीना , घासेड़ा , मोहम्मदपुर अहीर , बीवां ,  फिरोजपुर झिरका , नगीना , पिनगवां पीएचसी में अब डीएमसी सेंटर यानि जिला माइक्रोस्कोपी सेंटर बनाए जा रहे हैं । अब टीबी जांच के लिए जिले के लोगों को दूरदराज अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा । लोगों की सुविधा को देखने के साथ – साथ तेजी से टीबी रोगियों का पता लगाकर उनकी जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच केंद्रों का विस्तार किया है । लोगों को धन व समय की बचत भी होगी । यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ वीरेंद्र सिंह यादव ने पत्रकार को खास बातचीत के दौरान दी।

ध्यान रहे नूह जिले में राज्य के अन्य जिलों के मुकाबले टीबी रोगियों की संख्या अच्छी खासी है। टीबी रोग से किसी की जान ना जाए तथा 2025 तक भारत टीबी मुक्त हो जाए । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यही भरोसा देश के लोगों को दिलाया हुआ है ।  अब महंगी दवाइयां जो एक टेबलेट 5 हजार रुपये के करीब आती है । उसे भी बड़ी आसानी से उन मरीजों को दिया जा रहा है , जिनको उसकी जरूरत है।  डॉ प्रवीण ने बताया कि शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है , इसीलिए टीबी जैसी बीमारी हो जाती है । उन्होंने बताया कि टीबी रोगी को 500 रुपये प्रति माह स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिए जाते हैं ।जब तक वह स्वस्थ नहीं हो जाता तब तक उसे यह राशि दी जाती है । इसके अलावा 6 माह तक जिसका इलाज होता है उसको 1000 रुपये दिए जाते हैं और जिसका इलाज 2 साल तक इलाज होता है , उसको 5000 रुपये दिए जाते हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि 2020 में अब तक करीब 1000 मरीज सामने आए हैं । जिनका सरकारी तंत्र के माध्यम से इलाज चल रहा है। इसके अलावा करीब 200 से अधिक मरीज हैं , जिनका इलाज निजी अस्पतालों के माध्यम से चल रहा है । उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों को जो व्यक्ति अस्पताल तक लेकर आता है या उसकी जानकारी देता है , उसको भी 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है । जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि नूह जिले में हर साल तकरीबन 3500 रोगियों का इलाज किया जा रहा है ।भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने टीबी का इलाज करने के लिए बड़े बदलाव किए हैं ।
टीबी रोग के लक्षण :-
 दो हफ्ते से अधिक खांसी बुखार आना । रात में पसीना आना । भूख न लगना और वजन घटना ।सावधानी बरतें :-  टीबी के जीवाणु खांसने और छींकने से फैलते हैं ।
खांसते समय मुंह ढक कर रखें तथा यहां वहां ना थूकें।

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