कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन के बाद उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र|
June 4th, 2020 | Post by :- | 104 Views

पलवल हसनपुर (मुकेश वशिष्ट) 04 जून :- कर्मचारियों पर जबरन आर्थिक कटौतियां थोपने तथा केन्द्रिय वित्त मंत्री के सार्वजनिक क्षेत्र को पूंजीपतियों को सौंपने के एलान के विरोध में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फैडरेशन के आह्वान पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने आज शारीरिक दूरी बनाते हुए मास्क लगाकर  प्रतिरोध दिवस मनाते हुए श्रद्धानन्द पार्क में जनवादी और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। ब्लाक प्रधान राजकुमार डागर की अध्यक्षता में आयोजित प्रदर्शन का संचालन सचिव हरकेश सौरोत ने किया। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त को कर्मचारी मांगों का मांग पत्र दिया गया।

प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के   जिला प्रधान राजेश शर्मा, सचिव योगेश शर्मा, सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी   ने बताया कि सरकार महामारी की आड़ में पहले से जारी नव उदारीकरण की नीतियों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए सम्पूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण करना चाहती है।बिजली और प्रतिरक्षा जैसे अति आवश्यक विभागों सहित सभी पी एस सी  को निजीकरण के लिए खोल दिया है। कोरोना के खिलाफ जंग के मैदान में केवल सरकारी ढांचा व उसमें काम करने वाले कर्मचारी ही बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अपनी जान की परवाह किये बिना डटे रहे हैं।

कर्मचारियों ने अपना फर्ज निभाने के साथ ही  आर्थिक रूप में सैंकडों करोड रुपये अपने वेतन से सरकार के राहत कोष में जमा करवाए हैं। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा बार बार अपील करने के बावजूद स्वास्थ्य,पुलिस व सफाई कर्मचारियों को पी पी ई किट तक उप्लब्ध नहीं करवाई गई हैं।लॉक डाउन के दौरान भी सरकार कोई ना कोई बहाना बनाकर कर्मचारियों की छटनी कर रही है।स्वास्थ्य विभाग में सालों से ठेके पर लगे स्कियोरिटि गार्ड व अन्य करीब 15 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी चल रही है।

कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ठेका कर्मचारियों की प्रस्तावित छटनी पर रोक लगाई जाए तथा शिक्षा विभाग से कार्यमुक्त किए गए 1983 पी टी आई शिक्षकों को सुरक्षा प्रदान की जाए।कर्मचारियों एवं पैंशनर्ज के मंहगाई भत्ता पर जुलाई,2021तक बढ़ोत्तरी ना करने और एल टी सी पर एक साल तक लगाई रोक हटाई जाए।उन्होंनें पूंजीपतियों के हित में श्रम कानूनों में  मजदूर विरोधी किए गए बदलावों को रद्द करने की भी मांग की।

जिला प्रधान राजेश शर्मा व वित्त सचिव देवी सिंह शेजवार ने बताया कि पलवल जिले के पशुपालन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को अप्रैल व मई माह के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है,जिससे कर्मचारियों को भारी आर्थिक तंगी से जूझना पड़ा रहा है।विभाग ने कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि तथा ए सी पी जैसे लाभ भी रोक रखे हैं।उन्होने कर्मचारियों की समस्याओं को शीघ्रता से निपटाने की माँग की।

प्रदर्शन में कर्मचारी नेता रमेश चन्द,जितेन्दर तेवतिया, किसान सभा से डां रधुवीर सिंह, धर्म चन्द, रिटायर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बिधु सिंह बनवारी लाल, पब्लिक हैल्थ से  राकेश तंवर, बालकिशन शर्मा,सरजीत सौरौत दीना बत्रा, दीपक शर्मा वीरपाल, मनफुल डागर, राधेलाल, जितेन्द्र प्रदीप शर्मा, नगर परिषद अशोक कुमार, सुनील, स्वास्थ्य विभाग से देवेन्द्र,मोनू, रविन्द्र, बलजीत   उपस्थित रहे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।