कोरोना के साथ-साथ मलेरिया व अन्य आपदाओं से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार|
June 4th, 2020 | Post by :- | 141 Views

पलवल हसनपुर (मुकेश वशिष्ट) 04 जून :- सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप ने आगामी बरसाती मौसम के दौरान यमुना नदी में संभावित बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बाढ़ की स्थिति के बुरे प्रभाव का पूर्व अनुमान लगाते हुए अपने जिला पलवल में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमे कोरोना के साथ-साथ मलेरिया व अन्य आपदाओ से भी निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना है।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित सीएचसी व पीएचसी पर बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा जारी आदेशों की पालना करे और सरकार की गाइडलाइन्स को फॉलो करे। लोगो को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करना, प्रत्येक परिवार के सदस्य के पास पहचान पत्र का होना आदि आवश्यक जानकारी सुनिश्चित करें। बिजली की आपूर्ति और खुले स्विच व खुले तारों को स्पर्श न करें। प्लास्टिक की थैलियों, प्लास्टिक की बोतलों को नालियों में न फैंके, उच्च ज्वार और भारी वर्षा होने पर घर पर रहने की कोशिश करें।

ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन पर मौसम का पूर्वानुमान सुनते रहें। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक व्यक्ति के पास टोर्च व स्थानांतरित करने के दौरान पीने का पानी, सूखे कपड़े और आवश्यक दस्तावेज हो। बिजली और गैस उपकरणों को बंद रखें। अपने आपातकालीन किट अपने साथ रखें। बाढ़ के पानी के संपर्क से बचें क्योंकि यह पानी मल, तेल, रसायन या अन्य पदार्थों से दूषित हो सकता है।

उन्होंने बताया कि पानी में चलना के लिए पोल या छड़ी का उपयोग करें ताकि गहरे पानी का अनुमान लगाया जा सके। बिजली की लाइनों से दूर रहें। विद्युत प्रवाह पानी के माध्यम से ट्रेवल कर सकता है। जहा तक संभव हो पीडि़त कमरों से पानी निकालने के लिए बकेटगेलन तौलिये और मोप्स का उपयोग करें। फ्यूमिटर वेट कारपेट के बीच एल्यूमीनियम फॉयल की शीट रखें। बाढ़ के पानी के संपर्क में आने वाले किसी भी भोजन का सेवन न करें। छत के गीले होने पर कभी भी छत के जुडऩार को चालू ना करें। बाढ़ क्षेत्र में ड्राइव न करें। अपने वैक्यूम क्लीनर का उपयोग करके खड़े पानी को हटाने का प्रयास न करें। खड़े हुए पानी को एक दम से न निकाले क्योकि इससे दीवारें कमजोर होने का डर रहता है।

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