इन्दौरा क्षेत्र में पंजाब के क्रशर मालिकों के हौसले इतने बुलंद, प्रशाशन ने 2जून को छोंछ खड्ड कंदरोडी में अस्थाई रास्ता करवाया था बंद क्रशर माफिया ने रात के अंधेरे को उसको खोल कर दोवारा  भारी भरकम वाहनों की आवाजाही की शुरू
June 4th, 2020 | Post by :- | 316 Views
गगन ललगोत्रा(व्यूरो कांगड़ा)
प्रशाशन ने 2जून को  करवाया रास्ता बंद क्रशर माफिया ने खोल कर दोवारा  भारी भरकम वाहनों की आवाजाही की शुरू
  रास्ते को अपनी मर्जी से रात के अंधेरे में खोल लेते हैं ओर कानून का उड़ाते हैं मजाक
विधानसभा क्षेत्र इन्दौरा का कन्दरोड़ी छोंछ खड्ड पुल जिसका हाल ही में काफी चर्चा रही है कि इस पुल के निर्माण कार्य में पंजाब के क्रशरों द्वारा काम मे वाधा पहुंचाई जाती रही है और इस अस्थायी रास्ते से पंजाब क्रशर उद्योग वाले अपनी भारी भरकम गाड़ियों को निकाल कर हिमाचल की सड़कों को क्षति पहुंचा रहें हैं।अभी दिनांक 2 जून 2020 को ही डमटाल पुलिस एवं मांइनिंग विभाग ने इस रास्ते को बंद करवाया था लेकिन रात के अंधेरे में पंजाब के क्षेत्र में पड़ने वाले क्रशर उद्योग वालों ने इसे अपनी जेसीवी से खोल लिया व  फंसे पड़े ट्रकों की आवाजाही बहाल कर दी और सूरज उदय होने से पहले फिर रास्ते को बंद कर दिया।
यहाँ लोग इन क्रशर उद्योग के खनन से और भारी भरकम वाहनों की आवाजाही से परेशान है और प्रशासन इन पर नुकेल कसने की कोशिश करता है पर यह खनन माफिया सरकारी तन्त्र को शायद बेबकूफ मानते हैं जो सरकार के आदेशों की साफ साफ धज्जियां उड़ाते हैं पहले भी कई बार यह इस रास्ते को खोल कर साथ मे लगती इंडस्ट्री  को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है क्योंकि छोंछ खड्ड के साथ हिमाचल सरकार ने क्रेटवाल बनाई हुई थी जिसे इन क्रशर वालों ने क्षति पहुंचाई थी जिस पर इंडस्ट्री विभाग हिमाचल ने इन पर कार्यबाही भी की थी व इस अस्थायी रास्ते को बंद कर दिया था पर अफसोस इन क्रशर वालों को पैसे ने इतना घमंडी कर दिया है कि यह सरकार की भी परवाह नहीँ करतें हैं और सरकारी तंत्र की धज्जियां उड़ाते रहतें हैं।वहीँ इन क्रशर वालों ने रात करीब 2:30 बजे रेत बजरी से भरे भारी भरकम ट्रकों को उखाड़े गए रास्ते को बना कर वाहनों को निकाल लिया और फिर जेसीवी मशीन की मदद से उस रास्ते को दोबारा उखाड़ दिया।
अब सवाल यह है कि क्या सरकारी तंत्र इन क्रशर उद्योग पतियों से डरता है या इनकी आपस मे कोई मिलीभगत है जो इन पर पूर्णतयः रोक नहीँ लगती क्या सरकार  इन रास्तों पर पुलिस कर्मी नहीं लगा सकती और क्या इन रास्तों पर आरटीओ की दिन रात ड्यूटी नहीं हो सकती क्या ओवरलोड ट्रकों के यहाँ पर कंडा लगा कर चालान नहीँ काटे जा सकते यह सब तो अब सरकार ने करना है पर सरकार इस ओर ध्यान देगी या सिर्फ आंखों में पट्टी बांध कर मिठाई खाती रहेगी यह तो रास्ते से ट्रकों की आवाजाही बन्द होने पर ही पता चलेगा।
इस संबंध में जब खनन अधिकारी नीरज कांत से बात की गई तो उन्होने कहा की वास्तव में इस कार्य और पीडब्ल्यूडी से कार्रवाई की आवश्यकता है लेकिन आदेशो के बाबजूद भी  हमें कोई भी प्रतिक्रिया लोक निर्माण विभाग से नहीं मिली क्योंकि पुल लोकनिर्माण विभाग के सरक्षण में है
इस संबंध में जब आधिसासी अभियंता लोक निर्माण बिभाग इन्दौरा अरुण विशिस्ट से बात की गई तो उन्होंने कहा की
वहाँ पर पुलिस के आदमी खड़े  करना अति जरूरी है इर पुलिस को अपने कर्मचारी खड़े करने भी चाहिए क्योंकि उक्त सभी कारोबार करने बाले जो भी  आदमी है  वह सब  लड़ाई झगड़े करने बाले आदमी हैं और हमारे स्टाफ के आदमी वहाँ पर क्या कर लेंगे।मांइनिंग बिभाग  वाले वहाँ पर क्यों नहीँ जाते जब कि उन्हें पता है वो क्या कार्यवाही कर रहें हैं।हम सहायता करने को तैयार हैं पर हमें प्रशशन अतरिक्त पुलिस बल के जबान दे ताकि  हम  इस रास्ते को इसको पूर्णता बन्द करबा सके
थाना प्रभारी डमटाल हरीश गुलेरिया से बात हुई तो उन्होंने कहा कि हंमे आप के माध्यम से यह पता चला है अगर ऐसा हुआ है तो रात को उक्त स्थान पर गश्त की जाएगी और पकड़े जॉने पर कानूनी कार्यबाही अमल में लायी जाएगी।
इस संबंध में जब जिलाधीश कांगड़ा राकेस प्रजापति से बात हुई तो उन्होंने कहा की रात को रास्ते को फिर से तैयार करके गाड़ियों को गुजारे  जाने का मामला मेरे ध्यान में आपके माध्यम से फिर लाया गया है  अगर उस रास्ते से यह क्रशरों बाले फिर दोबारा अपने  बाहनों  की आवाजाही शुरू करते हुए पाए जाते है तो  कानून ऐसे कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी

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