कोरोना वैश्विक महामारी व गर्मी से बचाव के लिए सावधानियां रखना बेहद जरूरी-डीसी। घर पर रहे, कोरोना संक्रमण को फैलने से रोके, सुरक्षित रहे। 
June 3rd, 2020 | Post by :- | 142 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह )   उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि हीट स्ट्रोक से बचाव करने के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने एडवाइजरी जारी की हैं। थोड़ी सी बातों का ध्यान रखकर गर्मी एवं लू से बचा जा सकता हैं।  कोरोना वैश्विक महामारी के संकट काल में संक्रमण को रोकने के साथ ही दिन प्रतिदिन बढ़ रही गर्मी में आमजन को स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी रखना बेहद जरूरी है। बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर जाएं और कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखें और मास्क लगाये। 
    गर्मी एवं लू (हीट स्ट्रोक) से बचने के लिए हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने कुछ उपाय एवं सावधानियां बरतने की सलाह आम जन को दी है कि हीट स्ट्रोक के दौरान क्या करें और क्या न करें। 
क्या करें- मौसम की जानकारी के लिए रेडियों सुने, टीवी देखे और अखबार पढ़े जिससे गर्म हवाएं/लू के आने के बारें में सूचना मिल सके। गर्मी से बचने के लिए प्यास न हो तो भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें। घर से बाहर जाते समय हल्के कलर और ढीली फिटिंग के सूती कपड़े पहने। घर से बाहर जाये तो आंखो पर सुरक्षात्मक चश्में का प्रयोग करें। सिर पर टोपी, पगडी, दुपट्टा या छतरी तथा सूती कपड़ों को प्रयोग में लाए, पैरों में जूते व चप्पल का प्रयोग करें। अपने सिर, गर्दन और चेहरे पर नम कपडे का प्रयोग करें। इतना ही नहीं तपती धूप से बचने के लिए ओआरएस का घोल एवं घर का बना पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नींबू पानी, छाछ आदि अपने पास रखे और समय-समय पर पीते रहें। जोकि शरीर को फिर से हाईडेट्र करने में मदद करते है। यात्रा के दौरान अपने साथ पानी आवश्य रखें, हीट स्ट्रोक, हीट रश या हीट कै्रम्पस जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, मितली (उल्टी), पसीना तथा यदि आप बेहोश या बीमार महसूस कर रहे है और दौरे के लक्ष्ण को पहचाने तो तुरन्त डाक्टर से सम्पर्क करें। 
          इसी प्रकार पशुओं को छाया में रखे, उनके खान पान का विशेष ध्यान रखे, छपरों या फिर छायादार वृक्षों या फिर छायादार स्थानों पर बाधने की व्यवस्था करें। बदलते मौसम के दृष्टिïगत ठण्डें पानी में नहाना और पशुओं को पीने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाना भी अनिवार्य हैं। जहां पर सूर्य की सीधी रोशनी पड़ती हो वहां से बचने का प्रयास करें। अपना घर ठण्डा रखें, दिन के दौरान पर्दे, शटर का प्रयोग करें। रात में खिड़कियां खुली रखें। दोपहर के समय विश्राम अवश्य करें। पंखों, नम कपड़ों का प्रयोग करें। ठंडे पानी से स्नान करें। गर्भवती महिलाओ को चाहिए कि वे छाया वाले स्थानों में रहे यदि कोई परेशानी आती हैं तो वे तुरन्त डॉक्टरों से सम्पर्क करें। श्रमिक सीधी धूप से बचने के लिए सावधानी बरते। कार्यस्थल के पास ठंडा पेयजल उपलब्ध करवायें। श्रमिकों को प्रत्यक्ष सूर्य के समक्ष होने वाले कार्यो से बचाये। श्रमयुक्त कार्यो को दिन में ठंडे समय के दौरान करें। बाहरी गतिविधियों के दौरान आराम के समय को बढायें। गर्भवती, मजदूरों का चिकित्सकीय परामर्श की स्थिति में अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए। 
क्या न करें- लोगों को सावधान करते हुए कहा कि अपने बच्चों व पालतु जानवरों को पार्किंग की गई गाडिय़ों में न रखें। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक छायादार स्थानों पर ही रहें। तंग, डारक व भारी कपड़ें न पहनें। जब बाहर का तापमान अधिक हो तो जोर कार्य करने जैसी गतिविधियों एवं श्रमयुक्त कार्य करने से बचे। गर्मी के पीक आवर्स के दौरान खाना पकाने से बचे। खाना बनाते समय दरवाजे खिडक़ी और रोशनदान खुले रखें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय से बचे जो शरीर में पानी की कमी करते है यानि ऐसे पेय पदार्थो का सेवन न करें जिसके कारण शरीर के डिहाईड्रेट के होने की सम्भावना हो। अत्याधिक प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। विशेषकर बासी भोजन न खायें।

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