लघु वनोपज से आयेगी समृद्धि मर्दापोटी एवं उसके आसपास के गांवों में होगी लाख की खेती
June 2nd, 2020 | Post by :- | 156 Views

लघु वनोपज से आयेगी समृद्धि
मर्दापोटी एवं उसके आसपास के गांवों में होगी लाख की खेती

कांकेर@टोकेश्वर साहू / -: लघु वनोपज के संग्रहण एवं उनके प्रोसेसिंग से वन वासियों के जीवन स्तर में बदलाव आयेगा, वनोपज से मिलने वाले लाभ से उनके समृद्धि के द्वार खुलेंगे। विधायक कांकेर शिशुपाल शोरी, विधायक अंतागढ़ अनुप नाग, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, कलेक्टर के.एल.चौहान और वन मण्डलाधिकारी अरविंद पी.एम. की उपस्थिति में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मर्दापोटी एवं उनके आसपास के 13 ग्रामों में वनोपज से संबंधित वृक्षों के पौधो का रोपण, उनका संरक्षण और वनोपज संग्रहण के संबंध में विचार विमर्श किया गया एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। ईमली, चार, महुआ, बेहड़ा, हर्रा, कुसुम, बांस इत्यादि से संबंधित वनोपज से उस क्षेत्र के लोगों को हर साल लगभग 10 करोड़ रूपये का फायदा हो सकता है, जिसके लिए समूचित कार्य योजना बनाने के संबंध में दिशा-निर्देश दिये गये। हर्रा एवं लाख के प्रोसेसिंग के लिए प्रोसेसिंग यूनिट लगायी जायेगी, जिसके लिए स्थल चयन करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया। वनोपज के संबंध में जनजागरूकता के लिए युवा समूह का गठन किया गया जायेगा, इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों और महिला स्व-सहायता समूहो को भी दायित्व सौंपे जायेंगे।
विधायक शिशुपाल शोरी एवं अनूप नाग तथा मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा लाख पालन को कृषि का दर्जा दिया गया है, इससे वनवासियों को वनोपज का भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वनो को समृद्धि करने के लिए सामाजिक सहभागिता से वनों का संरक्षण किया जायेगा ताकि वनवासियों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। मर्दापोटी के आसपास के सभी 13 गांवों में लाख पालन के लिए बेर (बोईर) के पौधे लगाने हेतु निर्देशित किया, इसके साथ ही लोगों को जैविक खेती के लिए बढ़ावा देने, नवागांव भावगीर से लेकर मलांजकुडूम तक के सभी गांवों के शासकीय संस्थाओं को आदर्श स्थिति में विकसित करने, सभी किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने, बच्चों को कुपोषण तथा महिलाओं को एनिमिया मुक्त करने, पशुधन का कृत्रिम गर्भाधान करने के निर्देश दिये गये हैं, साथ ही विभिन्न विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर कार्य योजना बनाने और सभी विभागो को समन्वय बनाकर कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया। मनकेशरी बांध एवं मलांजकुडूम को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिये गये।
बैठक में सहायक कलेक्टर रेना जमील, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर एम.आर. चेलक, सी.एल. मार्कण्डेय एवं एस.पी वैद्य सहित सभी विभागो के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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