एक साल से पहले नियमों को ताक पर रख निकाला गया जवान , दोबारा नोकरी पाने के लिए भटक रहा होमगार्ड का जवान
June 2nd, 2020 | Post by :- | 103 Views

नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  बीते साल गृह रक्षी विभाग से बिना किसी कारण बताओ नोटिस के नियमों को ताक पर रख निकाले गए गृह रक्षी विभाग के जवान को एक साल बाद भी नौकरी नहीं मिली है । हद तो तब हो गई जब दोबारा नौकरी के नाम पर जवान से जेवरात गिरवी रखवा कर 90 हाजर की नकदी विभागों के कार्यालय में कार्यरत 2 कर्मचारियों ने ठग लिए । जवान को ना तो 90 हजार रुपये आज तक मिले हैं और ना ही उसे दोबारा नौकरी मिली है । पत्रकारों से बातचीत के दौरान गृह रक्षी विभाग में करीब 5 साल तक नौकरी करने वाले गुलाम जफर पुत्र सुमेर निवासी ढाणा ने बताया कि उसे बीते साल बिना किसी कारण बताए नौकरी से निकाल दिया गया था । नौकरी से निकाले जाने के बाद गृह रक्षी विभाग में कार्यरत मनोज कुमार व फूल राम ने उसे दोबारा नौकरी पर रखने की एवज में 90 हजार रुपये लिए । पीड़ित जवान ने बताया कि उसने जेवरात गिरवी रखकर जैसे – तैसे मनोज कुमार व फूल राम को 90 हजार की नगदी दे दी , लेकिन उसके बावजूद भी उसे नौकरी नहीं मिली । अब परिवार का गुजारा मुश्किल हो रहा है। उसने तो यहां तक कह कि नियुक्ति के समय भी उसने 50 हजार रुपये की रकम दी। इस बात की शिकायत पीड़ित होमगार्ड जवान गुलाम जफर ने सेंटर कमांडर से लेकर डीसी , एसपी तथा विभाग के आला अधिकारियों से की , लेकिन उसे आज तक इंसाफ नहीं मिला।

जब इस बारे में कंपनी कमांडर विजयपाल गृह रक्षी विभाग नूह से बात की गई तो उन्होंने माना कि जवान को नियमों को ताक पर रख निकाला गया है । उन्होंने कहा कि डिस्चार्ज करने से पहले नोटिस दिया जाता है और उसके जवाब आने पर कार्रवाई की जाती है । इसके बावजूद भी एक बार फिर से चेतावनी दी जाती है । तब कहीं जाकर इतना बड़ा फैसला किया जाता है। उनके कार्यालय में कार्यरत 2 कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने की शिकायत के बारे में जब कंपनी कमांडर से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। विभाग की छवि कर्मचारियों ने खराब की है। लिहाजा दोनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है । जिसका 3 दिन के अंदर – अंदर दोनों कर्मचारियों को जवाब देना है । कुल मिलाकर देर से ही सही गुलाम जफर गृह रक्षी विभाग जवान को अब इंसाफ मिलने की आस जग गई है , साथ ही रिश्वत लेकर विभाग में कई वर्षों से गड़बड़झाला कर रहे दो होमगार्ड जवानों को पसीने आ सकते हैं। कंपनी कमांडर विजयपाल ने न केवल जवान के निकालने के नियमों को पत्रकारों के सामने गलत ठहराया है , बल्कि 90 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले दोनों कर्मचारियों के खिलाफ भी जांच शुरू हो गई है । इस बात से इतना तो साफ है कि गृह रक्षी विभाग  ने पिछले कई सालों से नियमों को ताक पर रख जवानों को हटाने , लगाने तथा ड्यूटी इत्यादि पर तैनात करने के नाम पर भारी – भरकम कमाई की जाती रही है । अगर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए तो गृह रक्षी विभाग में लेन – देन का करोड़ों रुपए का गोलमाल उजागर होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

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