नूह जिले में टीबी रोगियों की संख्या अधिक , सरकार टीबी रोगियों की किस तरह कर रही मदद
June 2nd, 2020 | Post by :- | 120 Views

नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  नूह जिले में राज्य के अन्य जिलों के मुकाबले टीबी रोगियों की संख्या अच्छी खासी है। टीबी रोग से किसी की जान ना जाए तथा 2025 तक भारत टीबी मुक्त हो जाए । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यही भरोसा देश के लोगों को दिलाया हुआ है । जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ प्रवीण राज से जिले में टीबी रोगियों को लेकर खास बातचीत की गई । डॉक्टर प्रवीण राज ने कहा कि अब टीबी रोगियों के इलाज में केंद्र व राज्य सरकार ने काफी बदलाव किए हैं । अब महंगी दवाइयां जो एक टेबलेट 5 हजार रुपये के करीब आती है । उसे भी बड़ी आसानी से उन मरीजों को दिया जा रहा है , जिनको उसकी जरूरत है।  डॉ प्रवीण ने बताया कि शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है , इसीलिए टीबी जैसी बीमारी हो जाती है । उन्होंने बताया कि टीबी रोगी को 500 रुपये प्रति माह स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिए जाते हैं ।जब तक वह स्वस्थ नहीं हो जाता तब तक उसे यह राशि दी जाती है । इसके अलावा 6 माह तक जिसका इलाज होता है उसको 1000 रुपये दिए जाते हैं और जिसका इलाज 2 साल तक इलाज होता है , उसको 5000 रुपये दिए जाते हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि 2020 में अब तक करीब 1000 मरीज सामने आए हैं । जिनका सरकारी तंत्र के माध्यम से इलाज चल रहा है। इसके अलावा करीब 200 से अधिक मरीज हैं , जिनका इलाज निजी अस्पतालों के माध्यम से चल रहा है । उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों को जो व्यक्ति अस्पताल तक लेकर आता है या उसकी जानकारी देता है , उसको भी 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है । जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि नूह जिले में हर साल तकरीबन 3500 रोगियों का इलाज किया जा रहा है ।भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने टीबी का इलाज करने के लिए बड़े बदलाव किए हैं । डॉ प्रवीण राज ने कहा कि यह सामान्य लोगों की तरह है , इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है । इलाज से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है । डॉ प्रवीण राज ने पत्रकार से बातचीत के दौरान कहा कि यह बीमारी एक दूसरे व्यक्ति में आपस में छींकने या सार्वजनिक स्थान पर थूकने इत्यादि से होती है।

 

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