महिला अधिकारी एफआईआर में लगाई गई धाराओं से नाखुश , आंगनवाड़ी यूनियन समर्थन में उतरी
June 2nd, 2020 | Post by :- | 15 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय में हुए गबन के मामले में भले ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया हो , लेकिन जो धाराएं केस में जोड़ी गई हैं , उनसे महिला अधिकारी नाखुश हैं। सबसे खास बात यह है कि मीडिया के माध्यम से पता चलने के बाद आंगनवाड़ी यूनियन महिला अधिकारी के समर्थन में उतर आई हैं। सोमवार को कार्यालय खुला तो सैंकड़ों महिला जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय पहुंच गई। महिलाओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कहा कि उनके कार्यालय के कुछ बाबू लंबे समय से गबन करते आ रहे हैं। आवाज उठाने पर जान से मारने तक की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि वो महिला अधिकारी के साथ हैं , अगर उनकी जान भी चली जाए तो कोई गम नही , लेकिन मनमानी नही चलने दी जाएगी। आंगनवाड़ी यूनियन से जुड़ी महिलाओं ने तो यहां तक कहा कि जिन सहायकों पर गबन और मनमानी के आरोप लग रहे हैं , उन्होंने अपने सगे सम्बंधियों को कई पदों पर भर्ती कराया हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ईशा रानी भी सोमवार को कैमरे के सामने आई और उन्होंने पुलिस पर केस में सही धाराओं को शामिल नही करने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पहले एक गाड़ी भी विभाग की चोरी हो चुकी है, जिसमें सहायक कालूराम के बेटे का नाम शामिल है । इसके अलावा तावडू कार्यालय का कम्प्यूटर चोरी हो गया , जिसमें सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। कुल मिलाकर महिला एवं बाल विकास विभाग नूह में महिला अधिकारी और बाबुओं के बीच छिड़ी जंग अब दिन प्रतिदिन नया मोड़ लेती जा रही है। पुलिस के अलावा आला अधिकारी मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

आपको बता दें कि महिला कार्यक्रम अधिकारी ने अपने ही मातहत कर्मचारी एवं एक निलंबित कर्मचारी पर लाखों रुपये के गबन सहित जान को खतरा होने जैसे गम्भीर आरोप कई दिन पहले लगाए थे।
बता दें कि, आंगनवाडी वर्कर सेंटरों पर बच्चों को मनमर्जी से राशन वितरित करती हैं जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मई में आंगनवाडी वर्करों द्वारा लॉकडाउन के कारण घर-घर जाकर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को कुछ मात्रा में राशन बांटा था । जिससे लोगों ने इसका विरोध किया तथा राशन कम बांटने की शिकायत कार्यालय में दी थी ।जिसके बाद कार्यालय में हडकंप मच गया था , लेकिन अब शनिवार को विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ईशा रानी की शिकायत पर नूंह कार्यालय के सहायक कल्लूराम, डाटा एंट्री ऑपरेटर रविंद्र रंगा, खेमचंद सर्विसमैन तावडू, अमित कुमार डाटा एंट्री ऑपरेटर तावडू व वीरेंद्र कुमार (निलंबित) सहायक के खिलाफ साजिश के तहत फर्जीवाड़ा करते हुए 23 लाख रूपए की महिला शक्ति केंद्र स्कीम की सरकारी राशि को 19 जनवरी 2020 को निजी बैंक खातों में डालकर गबन कर दिया। पुलिस ने शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर आगे जांच में जुट गई , जबकि इससे पूर्व शुक्रवार को तावडू स्थित कार्यालय में स्टाफ द्वारा रात में कंप्यूटर का सीपीयू चोरी होने का तावडू थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। इन दोनों मुकदमें दर्ज होने के बाद लोगों को लगने लगा है कि जिला के डब्ल्यूसीडीपीओ कार्यालय में कुछ ना कुछ भ्रष्टाचार हो रहा है , जिसमें छोटे से लेकर बड़े अधिकारी शामिल हैं।

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