ताजनगरी की कल्पना ठाकुर छोटी सी उम्र में बनी लाखो दिलो की धड़कन मेहनत व लगन ने बना दिया स्टार
June 1st, 2020 | Post by :- | 88 Views

आगरा,( लोकहित एक्सप्रेस )छोटी सी उम्र से गायक तक का सफ़र व ताजनगरी की उभरती कलाकार कल्पना ठाकुर की कहानी उन्ही की जुबानी।

कहते है कि प्रतिभा कभी उम्र और गरीबी की मोहताज नही होती बस जरूरत है तो उन पंखों को परवाज देने की। ऐसी ही कलाकार ताजनगरी आगरा की रहने बाली एक छोटे से कस्बे जगनेर के सरेन्धी गांव से निकल संगीत के सुरों सी सजी महफ़िल में उस मंच पर पहुंची जहाँ हर उस शख्स की ख्वाइस होती है जो संगीत की दुनिया मे रुचि रखता हो जी हां आज हम उसी कलाकार की बात करते है।
ताजनगरी में प्रतिभाओ की कमी नही है यहाँ पर आपको हर क्षेत्र में महारत रखने वाले लोग मिल जायेंगे । आगरा के लोग अपनी मेहनत और सादगी व कलाकारी के लिए पुरे विश्ब में जाने जाते है लेकिन कई बार बहूत सी प्रतिभाये ऐसी भी होती है जिनको संसाधनों की कमी की बजह से आगे आने का मोका नही मिलता।
कभी घर की दहलीज को पार करना तो कभी समाज व जिम्मेदारियों का बोझ तो कभी गरीबी या फिर मार्गदर्शन की कमी। ऐसे ही आगरा की धरती पर उभरती कलाकार कल्पना ठाकुर हैं। जिनका जन्म आगरा ज़िला के जगनेर के सरेन्धी गांव में एक छोटे से मध्यमबर्गीय परिवार में हुआ है l बचपन से ही गायकी में रूची रखने वाली कल्पना की आवाज उन कद्रदानों तक पहुंच गई जिसके वो दीवाने हैl किसान परिवार से सबंध रखने वाली कल्पना ठाकुर संगीत सीखना चाहती थी।पर घर की मजबूरियों ने शौक पूरे नहीं होने के सपने अधूरे लगने लगे। लेकिन शौक तो शौक है । दिल में गायक बनने के ख्वाब को लिये वो घर से अपने शहर से दूर दूसरे शहर के लिये निकल पडी। इतना ही नहीं शौक को पूरा करने और कुछ करने की लगन ने रुकने नही दिया। इंसान के अंदर छिपा कोई भी टैलेंट उम्र या किसी और चीज का मोहताज नहीं होता। अगर अपने देश की बात करें तो हमारे यहां के एक नहीं कई नौनिहालों ने यह बात सिद्ध कर के दिखाई है, इन बाल प्रतिभाओं ने अपने टैलेंट से भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में नाम रोशन किया है।

*मेहनत व लगन ने बना दिया स्टार*

कल्पना की बस इसी लगन ने ताजनगरी नगरी आगरा को सिंगर के रूप में एक स्टार दिया है।जो ताजनगरी के लिए बड़े सम्मान व गर्व की बात है।

*कल्पना की कहानी उन्ही की जुवानी

बातचीत के दौरान कल्पना ने बताया कि मुझे बचपन से ही गाने गाने का शौक था में छोटी सी उम्र में ही स्कूल के सांस्कृतिक प्रोग्रामो में हिस्सा लिया करती थी। मेरा शुरू से एक यही सपना था कि में एक बड़ी सिंगर बनकर अपने गांव व ताजनगरी का नाम रोशन करू। कल्पना ने बताया कि कुछ पारिवारिक व सामाजिक अड़चनों के चलते ये सपना बचपन मे ही अधूरा सा रह गया। लेकिन कहते है कि कलाकार के अंदर छुपे हुनर को कोई बाहर आने से नही रोक सकता। कल्पना की मेहनत व लगन बो कर दिखाया कि खुद “कल्पना भी इसकी कल्पना” नही कर सकती थी। लेकिन इस समय कल्पना ठाकुर गायकी के क्षेत्र में ताजनगरी व अन्य शहरों में वो कीर्तिमानों को छू रही है जिनकी वो हकदार थी।
वही उन्होंने बताया कि अभी कुछ महीनों पहले राजस्थान के बाडी कस्बे में वो “कपिल शर्मा के शो” में आ चुकी मुख्य किरदार चिंकी मिन्की के साथ एक शो भी करके आ चुकी है।

*ताज महोत्सव में बनाई एक नई पहचान

आगरा ताज महोत्सव के उद्धघाटन समारोह में पहले दिन ही स्टेज पर अपने शहर में पहला गाना “संस्क्रति के रंग ताज के संग” उन्होंने और उनकी टीम ने गाया था।
कल्पना ने बताया कि ये सफर आगे बॉलीवुड के लिए गाने तक रहेगा । मौका मिलते ही ताजनगरी का नाम उन सुनहरे अक्षरों में लिखने की जिद है, जहाँ लोग ताजमहल के साथ कल्पना ठाकुर को भी याद करें। उन्हें पूरा विश्वास है कि बो लोगो की उम्मीद पर खरा उतरेंगी।

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