हिमाचल में कर्फ्यू में ढील के समय में बदलाव, सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक रहेगी कर्फ्यू में ढील:-मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
June 1st, 2020 | Post by :- | 116 Views

शिमला 1 जून । राज कश्यप 

 

हिमाचल में कर्फ्यू में ढील के समय में बदलाव, सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक रहेगी कर्फ्यू में ढील, एक जिले से दूसरे जिले में आवाजाही के लिए किसी पास की जरूरत नही, बहीं एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही के लिए पास की होगी अनिवार्यता

जय राम ठाकुर ने आज शिमला से सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और राज्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ कोरोनावायरस के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की ! इस बैठक में राज्य सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए कर्फ्यू में ढील का समय सुबह छह बजे से शाम आठ बजे तक करने का फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 जून से अंतर जिला बसें चलनी शुरू हो जाएंगी, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बसों में और साथ ही बस स्टैंडों में उचित सामाजिक दूरी का पालन हो। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सभी बस स्टैंडों पर भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि बसों में 60 प्रतिशत से अधिक सवारी नही बैठाई जायेंगी और ड्राइवर, कंडक्टर और यात्री स्वास्थ्य विभाग के सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों के अंतर जिला आवाजाही को बिना किसी पास के अनुमति दी जाएगी, लेकिन अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए पास की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन किया जाएगा, रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा और अन्य क्षेत्रों के लोगों को होम क्वारंटाइन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटाइन में रह रहे व्यक्तियों की COVID-19 परीक्षण नेगेटिव आने के बाद ही घर जाने की अनुमति दी जाएगी।

जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड -19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना शिक्षा और संचार (आईईसी) का प्रभावी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, लोगों में जागरूकता फैलाने हेतु फेस मास्क का उपयोग तथा सोशल डिशतेनसिंग का पालन करने हेतु प्रेरित करने के लिए बस स्टैंड और अन्य स्थानों पर उचित होर्डिंग लगाए जाने चाहिए।
जय राम ठाकुर ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 1.60 लाख से अधिक हिमाचलवासी 25 अप्रैल से अब तक राज्य में पहुँच चुके हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 91,000 को घरेलू संगरोध के तहत रखा गया है और 7000 से अधिक को संस्थागत संगरोध के तहत रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोविड पॉजिटिव रोगियों के सभी संपर्कों का पता लगाने और स्क्रीनिंग पर मुख्य ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि उनका समय पर इलाज किया जा सके और इस वायरस को फैलने से रोका जा सके ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम संगरोध सुविधाओं को मजबूत किया जाना चाहिए और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों पर नज़र रखने के लिए पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों को बड़े पैमाने पर शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों को घर के संगरोध के मानदंडों का सख्ती से पालन करने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रमुख सचिव प्रबोध सक्सेना, जे सी शर्मा और ओंकार शर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डीसी राणा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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