प्रशिक्षित वेरोजगार संघ ने की ऑनलाइन बैठक आगे की क्या होगी रणनीति जाने यहाँ :-
June 1st, 2020 | Post by :- | 181 Views

प्रशिक्षित वेरोजगार संघ ने भविष्य व वर्तमान परिस्थितियों से जुड़ी गतिविधियों पर की चर्चा

लोकहित एक्सप्रेस (हिमाचल):-हिमाचल प्रदेश प्रशिक्षित वेरोजगार संघ के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप मनकोटिया की अध्यक्षता में रविवार को समस्त राज्यकार्याकारिणी सदस्यों से आनलाईन प्रक्रिया के माध्यम से प्रशिक्षित वेरोजगारों के भविष्य व वर्तमान परिस्थितियों से जुड़ी हर गतिविधियों पर चर्चा हुई/प्रदेश प्रैस सचिव प्रकाश चंद ने वताया कि चर्चा के दौरान यह पाया गया कि संविधान की धारा 309 के अनुसार नौकरी चाहे केन्द्र सरकार की हो या राज्य सरकार की प्रदेश तथा देश के सभी पात्र उमीदवारों को समान अवसर मिलने चाहिए/ इसी वात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नियमित शिक्षकों की भर्ती के लिए भर्ती नियम वनाए/भर्ती नियमों के अनुसार नियमित शिक्षकों की भर्ती या तो कमिशन से हो सकती है या वैचवाईज के माध्यम से हो सकती है/एक सरकार ने हजारों की संख्या में वर्ष 2001-02 के दौरान विना कमिशन, विना वैचवाईज ग्राम विद्मा उपास्क रखे/दूसरी सरकार ने 2002-07 तक सत्ता भोगी लेकिन नियमानुसार इनके स्थान पर एक भी नियमित शिक्षक कमिशन और वैचवाईज के माध्यम से नहीं भेजा /जवकि हजारों 1999-2002 वैच के प्रशिक्षित युवा रोजगार कार्यलयों में पंजिकृत थे/ वैचवाईज भर्ती रोजगार कार्यालय के माध्यम से ही होती है/ सरकार यदि चाहती तो इस काम को एक वर्ष के भीतर पूर्ण कर सकती थी लेकिन सरकार ने जानवूझकर अपने दायित्व का निर्वाह नहीं किया/ग्राम विद्मा उपास्कों के स्थान पर नियमित शिक्षक भेजना तो दूर खुद दुसरी सरकार ने 10000 शिक्षक पी. टी.ए, पैट और पैरा के माध्यम से विना कमिशन, विना वैचवाईज भर्ती कर लिए/ सरकार यदि चाहती तो 2001-04 में रखे गए लगभग 5500 ग्राम विद्या उपास्क, पैट, पैरा शिक्षकों के स्थान पर कमिशन और वैचवाईज के माध्यम से नियमित शिक्षक 2007 तक भेज सकती थी जिससे वेरोजगारों को इन भर्तीयों में संविधान के अनूसार रोजगार के समान अवसर मिल जाते/ इस प्रकार सरकारों ने मिलकर वेरोजगारों के 5500 शिक्षकों की भर्ती में संवैधानिक हक छीन लिए/भाजपा ने 2007 के चुनाव में कहा कि यदि वह सत्ता में आई तो पी. टी. ए शिक्षकों को वाहर का रास्ता दिखाएगी/ सत्ता में आने पर वाहर का रास्ता दिखाना तो दूर खुद वर्ष 2012 में एस. एम. सी भर्ती विना कमिशन, विना वैचवाईज शुरू कर दी/इस सरकार ने 2007-12 तक सत्ता भोगी लेकिनअपने दायित्व का निर्वाह न करते हुए प्रदेश में कार्यरत 12013 अस्थाई शिक्षकों के स्थान पर कमिशन और वैचवाईज के माध्यम से नियमानुसार नियमित शिक्षक भर्ती नहीं किए/ सरकार यदि चाहती तो इस कार्य को 2010 तक पूरा कर सकती थी/ऐसा न करने से वेरोजगारों को 12013 शिक्षकों की भर्तियो में संविधान के अनूसार रोजगार के समान अवसर नहीं मिले/ इस प्रकार सभी सरकारों ने मिलकर 12013 शिक्षकों की भर्तियों में वेरोजगारों के संवैधानिक हक छीन लिए/ जो 2020 में अस्थाई शिक्षकों के मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन वैंच का फैसला आया है उसमें स्पष्ट है कि इन शिक्षकों की लम्बी अवधि को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को राहत दी गई है/ लम्बी अवधि की सेवाओं के लिए सरकार दोषी है जिसने समय पर अस्थाई शिक्षकों के स्थान पर नियमित शिक्षक नहीं भेजे और सारा ठीकरा निर्दोष वेरोजगारों के सिर पर फोड़ दिया/ लम्बी अवधि की सेवाओं के कारण वेरोजगारों के हक नहीं छीने जा सकते / इस वात का सरकार ध्यान रखे/लॉकडाऊन से पहले सरकार 3636 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी कर चुकी थी/ कोरोना संकट का वहाना वनाकर एक साल के लिए भर्ती वंद करने का इशारा कर दिया जिससे वेरोजगारों की उमीदों पर पानी फिर गया/ दुसरी तरफ 14000 अस्थाई शिक्षकों के नियमतिकरण के लिए सरकार करोड़ो रूपये का वोझ उठाने के लिए तैयार है/ यह जानते हूए कि इन शिक्षकों की भर्तीयां विना कमिशन, विना वैचवाईज हुईं हैं/ सरकार गलत काम करने को तैयार है/ भाजपा ने विपक्ष में रहते हूए कुछ साल पहले पी. टी. ए शिक्षकों की भर्ती में रोस्टर लागू न होने के कारण विधानसभा से वाकआऊट किया था / तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह जी ने वैकलाग के माध्यम से रोस्टर पूरा करने की वात कही थी/ भाजपा को सत्ता में आए तीसरा साल जा रहा है लेकिन किसी भी कैबिनेट मीटिंग में रोस्टर का मुद्दा नहीं उठाया/ पुनः विचार याचिका दाखिल करने के लिए वेरोजगारों को लॉकडाऊन के बाद तीस दिन का समय मिलेगा/लॉक डाऊन पीरियड को जीरो पीरियड माना जाऐगा/ ततपशचात कयूरेटिव याजिका डालने का भी अधीकार वेरोजगारों के पास है/इस लिए अव भी सरकार के पास समय है कि वेरोजगारों के हितों को ध्यान में रखते हुए 14000 शिक्षकों की भर्तीयां कमिशन और वैचवाईज के माध्यम से की जाऐं ताकि 14000 अस्थाई शिक्षकों एवं लाखों प्रशिक्षित वेरोजगारों को संविधान के अनुसार रोजगार के समान अवसर मिल जाऐं/ यदि इस वार भी वेरोजगारों के साथ भेदभाव किया गया तो वेरोजगार संघ इस अन्याय को कदाचित सहन नहीं करेगा / अन्याय सहना पाप है और वेरोजगारो को न्याय पाने के लिए यदि लम्बा संघर्ष करने की जरूरत पड़ी तो वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे/ चर्चा में वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय सिंह, उपाध्यक्ष संजय राणा, अपाध्यक्ष अजय रत्न, महासचिव मुनीष डोगरा, अतिरिक्त महासचिव लेख राम, मुख्य संगठन सचिव पुरषोत्तम दत्त, संजीव कुमार कोषाध्यक्ष,प्रकाश चंद प्रैस सचिव, शैलजा, अनूप वर्मा, सुरेश कुमार, यतेश शर्मा, सपना ,हरिन्द्र पाल संगठन सचिव व सुधीर कुमार, रणयोद्ध सिंह आडिटर आदि शामिल थे/

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