स्वास्थ्य विभाग ने आशा तथा आंगनबाड़ी से जुड़ी महिलाओं को फीवर ट्रीटमेंट डिपो का कार्यभार दिया
May 31st, 2020 | Post by :- | 75 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  जून का महीना मलेरिया रोधी महीना है । 1 जून से 30 जून तक मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग  कड़े कदम उठाता है । इस महीने में लोगों को जागरूक करने , स्प्रे करने , जलभराव में काला तेल इत्यादि डालने , मच्छरदानियों का वितरण करने सहित कई बड़े कदम उठाए जाते हैं , ताकि  मच्छर का डंक  लोगों के स्वास्थ्य पर  भारी ना पड़ जाए।
खास बात यह है कि  इस बार स्वास्थ्य विभाग ने  आशा तथा आंगनबाड़ी से जुड़ी महिलाओं को  फीवर ट्रीटमेंट डिपो  का कार्यभार दिया है । इन महिलाओं के पास  टेस्टिंग करने से लेकर  मलेरिया इत्यादि में खिलाई जाने वाली टेबलेट उपलब्ध होंगी । इस महीने में स्वास्थ्य विभाग  60 – 70 हजार मच्छरदानियां जिले के अलग – अलग खंडों में  वितरण करेगा । कुल मिलाकर  कल से  मलेरिया रोग से निपटने के कामों में  तेजी देखने को मिलेगी ।
मलेरिया का नूह जिले से पुराना नाता है ।  हरियाणा में सबसे ज्यादा मलेरिया के केस इसी जिले से सामने आते रहे हैं । केसों में पिछले दो -तीन वर्षों में भारी गिरावट आई है , लेकिन मौसम जिस तरह से बार -बार करवट ले रहा है । बरसात हो रही है उससे  मलेरिया अभी टलता हुआ दिखाई नही दे रहा है।  बरसात के पानी जमा होने से  मच्छर का लारवा पनप सकता है ।  जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से  गंभीर है ।
स्वास्थ्य विभाग नूह ने मलेरिया से निपटने के लिए  ज्यादा जलभराव वाले स्थानों पर गम्बूसिया मछली  के अलावा टेमीफोर्स दवाई डलवाई है । इसके अलावा  पिछले  2 सालों में तकरीबन चार लाख मच्छरदानिया बांटी गई हैं ।  डेल्टामैथिन दवाई का स्प्रे गांव – गांव जाकर किया जा रहा है । हफ्ते में दो बार जलभराव की जगह पर काला तेल डाला जा रहा है । इसके अलावा टायर , गमला इत्यादि स्थानों पर  पानी को बदलने पर जोर दिया जा रहा है । टंकी वगैरह का ढक्कन खुला नहीं रखा जाए । इसके अलावा जिले के  तकरीबन 8 – 10 सार्वजनिक स्थानों पर  लोगों को जागरूक करने के लिए होर्डिंग भी विभाग की तरफ से लगाए गए हैं ।  कुल मिलाकर  मलेरिया  दो प्रकार का पाया जाता है । जिसमें पीवी तथा पीएफ शामिल है ।  जिले में  16 मई तक 10 पीवी तथा एक पीएफ मलेरिया के केस मिले हैं ।जबकि वर्ष 2019 में जिले में 942 केस मलेरिया के सामने आए थे । मलेरिया के केसों के डिजिट को 3 से डबल डिजिट तक  रोका जा सके । इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग अपनी हर संभव कोशिश कर रहा है । मलेरिया का सीजन गत 1 मई से शुरू हो चुका है ।  जिला मलेरिया अधिकारी डॉ अरविंद कुमार ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा की डेल्टामैथिन  दवाई का स्प्रे 1 मई से शुरू करा दिया गया है । मलेरिया का सीजन दो चरणों में होता है । उन्होंने बताया कि पहला चरण 1 मई से 15 जुलाई तक करीब ढाई महीने का होता है और दूसरा चरण 16 जुलाई से 30 सितंबर तक होता है । जिला मलेरिया अधिकारी डॉ कुमार ने जिले के लोगों से अपील की है कि डेल्टामैथिन दवाई का छिड़काव सभी लोग ज्यादा से ज्यादा अपने घरों के अंदर कराएं । इसके अलावा जो लाखों मच्छरदानियां विभाग ने पिछले दो – तीन वर्षों में वितरित की हैं , उनका इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा किया जाए ।
जिला मलेरिया अधिकारी ने यह भी कहा कि अभी भी कुछ और मच्छरदानियों का वितरण जिले में किया जाएगा ताकि मलेरिया को पूरी तरह से मेवात से भगाया जा सके । दरअसल हरियाणा में सबसे ज्यादा मलेरिया के केस नूह जिले में ही पाए जाते हैं , इसीलिए कोरोना काल में भी स्वास्थ्य विभाग नूह मलेरिया को लेकर गंभीर नजर आ रहा है और मलेरिया से निपटने के उपाय शुरू कर दिए गए हैं।

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