जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय गबन मामले में हुई एफआईआर , जांच में जुटी नूह पुलिस
May 31st, 2020 | Post by :- | 79 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय में हुए गबन के मामले में आखिरकार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अपने ही मातहत कर्मचारी एवं एक निलंबित कर्मचारी पर लाखों रुपये के गबन सहित जान को खतरा होने जैसे गम्भीर आरोप लगाए थे। मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
बता दें कि, आंगनवाडी वर्कर सेंटरों पर बच्चों को मनमर्जी से राशन वितरित करती हैं जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मई में आंगनवाडी वर्करों द्वारा लॉकडाउन के कारण घर-घर जाकर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को कुछ मात्रा में राशन बांटा था जिससे लोगों ने इसका विरोध किया तथा राशन कम बांटने की शिकायत कार्यालय में दी थी जिसके बाद कार्यालय में हडकंप मच गया था लेकिन अब शनिवार को विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ईशा रानी की शिकायत पर नूंह कार्यालय के सहायक कल्लूराम, डाटा एंट्री ऑपरेटर रविंद्र रंगा, खेमचंद सर्विसमैन तावडू, अमित कुमार डाटा एंट्री ऑपरेटर तावडू व वीरेंद्र कुमार (निलंबित) सहायक के खिलाफ साजिश के तहत फर्जीवाड़ा करते हुए 23 लाख रूपए की महिला शक्ति केंद्र स्कीम की सरकारी राशि को 19 जनवरी 2020 को निजी बैंक खातों में डालकर गबन कर दिया। पुलिस ने शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर आगे जांच में जुट गई, जबकि इससे पूर्व शुक्रवार को तावडू स्थित कार्यालय में स्टाफ द्वारा रात में कंप्यूटर का सीपीयू चोरी होने का तावडू थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। इन दोनों मुकदमें दर्ज होने के बाद लोगों को लगने लगा है कि जिला के डब्ल्यूसीडीपीओ कार्यालय में कुछ ना कुछ भ्रष्टाचार हो रहा है , जिसमें छोटे से लेकर बड़े अधिकारी शामिल हैं।
इस बारे में डब्लयूसीडीपीओ ईशा रानी ने शनिवार शाम माना कि तावडू में उनके कार्यालय से कंप्यूटर आदि की हुई चोरी के मामले में कार्यालय के ही कर्मचारियों का चोरी में हाथ होने से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है और साथ ही कहा कि नूह में भी कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी राशि में गोलमाल होने पर इस पर भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद जांच की जा रही है आगे कार्रवाई जारी है।

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