बड़ी खबर _हरियाणा में अब तक कुल 1 लाख 30 हज़ार के क़रीब दूसरे प्रदेशों से बहुएँ लाई गई : सुनील जागलान
May 30th, 2020 | Post by :- | 104 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  सेल्फी विद डॉटर फ़ाऊंडेशन जो कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रतिष्ठित नाम है के द्वारा जुलाई 2017 से सितम्बर 2019 तक किए गए सर्वे के अनुशार दूसरे प्रदेशों से खरीद कर लाई गई बहुओं , भाग कर वापिस गई बहुएँ , ठगे गए युवाओं का के आँकड़े जुटाएँ हैं ।
इसके डॉयरेक्टर सुनील जागलान ने बताया कि हमने पहले दूसरे प्रदेशों से लाई जाने वाली बहुओं को सम्मान दिलाने के लिए “ परदेशी बहु – म्हारी शान “ अभियान शुरू किया है जिससे मोल की बहु का कलंक इन पर से हटाया जा सके ।  इसके अलावा मैरिज रजिस्ट्रशन का अभियान भी गॉंव स्तर पर शुरू किया जाऐगा जिससे आपस में दिए गए धोखों से दोनो पक्षों को बचाया जा सके ।  हरियाणा में अब तक कुल 1 लाख 30 हज़ार के क़रीब दूसरे प्रदेशों से बहुएँ लाई गई हैं ।
गुरुग्राम , रेवाडी़ में पहले दूसरे प्रदेशों से बहुएँ हरियाणा में पहले आने लगी ।
शुरूवात दौर में बंगाल से बहुएँ आती थी लेकिन अब बिहार , उतर प्रदेश , नोर्थ ईस्ट असम , मध्य प्रदेश , उतर प्रदेश , उतराखंड से भी मोल की बहुएँ लाई जाने लगी हैं । अब पिछले 3 साल से कुछ बहुएँ पंजाब से भी लाई जाने का चलन चला है ।  रोहतक , जींद , सोनीपत , हिसार , कैथल , झज्जर , यमुनानगर , कुरूक्षेत्र में मोल की लाई गई बहुओं का प्रतिशत दक्षिण हरियाणा के बाद आता है ।  जाट , यादव , ब्राह्मण में यह संख्या ज़्यादा पाई जाती है । इसके अलावा आटा साटा व तिगडा में ज़्यादा शादी करने वाली रोड़ जाति में भी दूसरे प्रदेशों से लाई गई बहुओं की संख्या ज़्यादा है । मेवात में भी पिछले एक दशक में मोल की बहु का प्रतिशत अब बढ रहा है ।

हरियाणा से मोल की बहु अब लुटेरी बहु के रूप में भी जाने लगी , पिछले क़रीबन 9 साल में यबह संख्या काफी बढ चुकी है , क़रीबन 1470 के क़रीबन महिलाएँ ख़रीद कर लाने के बाद या तो ख़ुद अपने घर वापिस जा चुकी हैं , या घर से क़ीमती सामान लेकर जा चुकी है या फिर जो नाबालिक ख़रीद कर लाई गई बहुओं के घरवालों ने अपने प्रदेशों में लड़कों के ख़िलाफ़ केस दर्ज करवा दिए हैं , जिससे उन्हें वारिस भेजने के साथ दोबारा से उस नाबालिग़ लडकी के घरवालों को पैसे देने पड़े ।
  हरियाणा में सामाजिक शान को बनाए रखने के लिए लोगो ने लुट कर व धोखा देकर गई महिलाओं के ख़िलाफ़ बहुत कम सिर्फ़ 30 के क़रीब शिकायतें ही दी हैं ।
ग़ौरतलब है कि सुनील जागलान द्वारा हरियाक्णा में 2014 के लोकसभा चुनावों में अविवाहित पुरूष संगठन बनाकर “बहु दो – वोट लो “ नामक अभियान शुरू किया था जिसका मक़सद था कि उम्मीदवार समझ पाए कि बिगड़े हुए लिंगानुपात के कारण यहॉं के अविवाहित युवा विभिन्न कारणों से दूसरे प्रदेशों से बहुएँ अपनी ज़मीन बेचकर ला रहे हैं । यह मुद्दा देश ही नहीं विदेशों स्तर काफी प्रचलित हुआ था ।
     सुनील जागलान ने बताया कि जब हमारे यहॉं किया परिवार में तीन भाई हुए तो एक की शादी नहीं करते थे तो ज़मीन का बँटवारा भी फिर दो में ही रहता था , लेकिन जब पुरूष द्वारा अपनी सेक्सचुअल ज़रूरत के अलावा अपनी नाम चलाने की बात घर करने लगी तो उन्होंने भी घर बसाने की सोचने लगी । चूँकि अविववाहित व्यक्ति उन सब भाईयों में ले वह होता जो उन सब में से किसी कारण कम क़ाबिल समझा जाता था तो जब उसका रिश्ता यहॉं नहीं हुआ तो वो बाहर प्रदेश ख़रीद कर बहु लाने लगा ।
     इसमें यह बात भी बहुत मायने रखती है कि 1980 के दौर में जो पुरूष अपनी शारीरिक भूख को शांत करने दिल्ली के वेश्यालयों की तरफ़ रूख करने लगे तो वहॉं उन्हें ऐसे एजेंट भी मिल गए जो उन्हें बताने लगे कि आपको स्थायी तौर पर भी औरत मिल सकती है और उस समय 20 हज़ार तक उन्हें लडकी मिल जाती थी ।
दूसरे पहलू में गॉंव के जो लोग बाहर प्रदेश में जब पश्चिम बंगाल में काम करने लगे तो क्योंकि वहॉं अंग्रेज़ों के समय से देहव्यापार का धंधा रहा है तो वहॉं से शुरूवाती तौर से रहा है । वहॉं से शुरूवात तौर पर अहीरवाल क्षेत्र  में बहुएँ लाई जाने लगी ।

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