नूह में भीषण गर्मी में पीने के पानी को लेकर लातूर जैसे हालात से इंकार नही
May 30th, 2020 | Post by :- | 68 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  मेवात की जनता की प्यास बुझाने के लिए 450 करोड़ रुपये में पीने का पानी मुहैया कराने के लिए गत 2004 में रैनिवेल परियोजना सरकार की तरफ से पास हो कर पटल पर आई थी। जिस को उस समय के तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने मेवात में रेनीवाल परियोजना की आधारशिला गांव मढियाकी में रखी थी। जिस आशा और उम्मीद के साथ इस परीयोजना की बुनियाद रखी गई थी। उससे मेवात की आम जनता ने आशा जताई थी कि अब कम से कम पीने के पानी समस्या जरूर दूर होगी ।
लेकिन इस सब के बावजूद मेवात की जनता के अनुरूप रैनिवेल परियोजना अपने मकसद में भ्रष्ट अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना कर्तव्य की वजह से कामयाब होती नजर नहीं आ रही है ।
, सख्त गर्मी के मौसम में मेवात क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी  मिलना चाहिए लेकिन जनता इससे वंचित नजर आ रही है। लोगों का आरोप है कि विभाग में कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से जनता पीने का पानी से महरूम हो कर रह गई है।
समाजसेवी साबिर कासमी ने तमाम क्षेत्रों का दौरा कर बताया कि रैनीवेल प्रयोजना से संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में कई दर्जन गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
 । इस मामले में जब  जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यकारी अभियंता और अन्य अधिकारियों से बातचीत हुई और गहनता से इस संदर्भ में मामले की जांच पड़ताल की गई , तो सामने आया कि संसाधनों की कमी नहीं बल्कि मेवात की जनता पीने के पानी से भ्रष्ट अधिकारियों की कारस्तानी के कारण महरूम है।
जमीयत उलेमा पदाधिकारी साबिर कासमी ने बताया कि गर्मी की इस शिद्दत मे मेवात की अवाम जिंदगी जीने के लिए या तो बड़ी रकम खर्च कर पीने के पानी का टेंकर डलवाने पर मजबूर है या फिर गर्मी की इस शिद्दत में एक – एक बूंद के लिए तरसने और उस की तलाश में भटकने के लिए मजबूर है ।
ब्लॉक नगीना के गांव नाई नगंला में जब प्रसाशन की तरफ से गांव में बने रैनिवेल वाटर टेंक और कुआ में पानी डाला गया तो देखने में आया कि आलम यह है कि पानी टैंकर से गिरने के बाद आधे घंटा भी नहीं रहता । पानी के जरूरत मंद लोगों में पानी खींचने की होड़ लग जाती है।  इस आपाधापी में पानी 30 मिनट  खत्म हो जाता है। पीने के पानी  की किल्लत इन दिनों लोगों को लातूर की याद दिला रही है , पुन्हाना से खानपुर , भादस आई बी एस से जुड़े गांव इस वक्त बहुत ज्यादा जूझ रहे हैं। इन तमाम स्तिथि के चलते समाज सेवी साबिर हुसैन कासमी के अलावा पुन्हाना विधायक मोहमद इलियास के साहिबजादे जावेद खान काटपुरी ने तमाम उन जगहों पर जाकर ग्राउंड रियल्टी जानी ओर समझी जहां – जहां जिले में वाटर टेंक बनाऐ हुए हैं । आखिर समस्या क्या है और कहां पैदा हो रही है । जिसकी वजह से मेवात में पीने के पानी की आपूर्ति ना के बराबर है।
 इस सिलसिले में जब सम्बंधित विभाग के जेई और एक्सईन सहित कई आला अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना है कि गर्मियों में पानी का संकट आमतौर पर गहरा जाता है। इस मामले में हमने अपने आला अधिकारियों को स्तिथि से अवगत करा दिया है और जितनी भी छोटी – मोटी समस्याएं हैं। जल्द दूर हो जाएंगी और सम्बन्धित सभी गावों को जरूर जल्द पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

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