कृषि एवं किसान विभाग की योजना के तहत कृषि यंत्रों की खरीद के लिए चुने गये आवेदकों को 15 जून तक अपलोड करवाने होंगे दस्तावेज।
May 30th, 2020 | Post by :- | 44 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह ) सहायक कृषि अभियन्ता  राजेश वर्मा ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा मैकेनाइजेशन स्कीम 2019-20 के अन्र्तगत जिन किसानो ने 20 से 29 फरवरी के बीच विभिन्न कृषि यन्त्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, उनमें से लेजर लैण्ड लैवलर को छोडक़र अन्य सभी यन्त्रों के लिए सभी आवेदको का चुन लिया गया था। इसके लिए किसानो को अनुदान पात्रता प्रमाण पत्र जारी किये जाने थे। कोविड-19 के चलते सामाजिक दूरी का बनाए रखने के लिए कृषि विभाग ने यह फैसला लिया है कि उन सभी किसानो को जिन्होने पिछले 4 वर्षो में उस यन्त्र पर अनुदान का लाभ नहीं लिया है और ट्रैक्टर की वैलिड आर0सी0 उनके अपने नाम पर रजिस्टर्ड है, वह अपना कृषि यन्त्र खरीद सकते है। उन्हे अलग से अनुदान पात्रता प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं हैं। हांलाकि जिला अम्बाला में विभाग द्वारा कुछ किसानो को पहले ही अनुदान पात्रता प्रमाण पत्र जारी किये जा चुके है। जिन किसानो को यह प्रमाण पत्र अभी जारी नही किए गए वह भी अपना कृषि यन्त्र बिना पात्रता प्रमाण पत्र खरीद सकते है। किसान मोल-भाव करने के बाद अपनी पसन्द के साईज की मशीन या अपनी पसन्द के उन निर्माताओं/अधिकृत डीलर से मशीन खरीदने के लिए स्वतन्त्र हैं जिन्होने 20 से 29 फरवरी के बीच अपनी मशीनो की टैस्ट रिपोर्ट विभाग के पॉर्टल एग्री हरियाणा पर अपलोड की थी। किसान मशीन के बिल के साथ ई-वे बिल, मशीन के साथ स्वंय की फोटो तथा घोषणा पत्र जो लाभार्थी व डीलर द्वारा हस्ताक्षरित हो ;घोषणा पत्र पॉर्टल पर उपलब्ध है, को विभागीय पॉर्टल एग्री हरियाणा पर 15 जून तक अपलोड करेगा। किसान अपने दस्तावेज जैसे बैंक खाता, पैन नं0, आधारकार्ड, वैलिड ट्रैक्टर आर0सी0, केवल ट्रैक्टर चालित यन्त्रों के लिएद्ध, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, घोषणा पत्र, ऑनलाइन आवेदन का प्रिन्ट अथवा अनुसूचित जाति/लघु/सीमान्त/महिला जैसे आरक्षित किसानो का लाभ लेने के लिए आवश्यक जमीन सम्बन्धी पटवारी रिपोर्ट मशीनो के भौतिक सत्यापन के समय विभाग को जमा करवाएंगें। सामान्य किसान भी अपनी जमीन सम्बन्धी पटवारी रिपोर्ट मशीनो के भौतिक सत्यापन के समय विभाग को जमा करवाएंगें। यदि किसी दस्तावेज में त्रुटी पाई जाती है या गलत पाया जाता है तो वह किसान अनुदान का पात्र नहीं माना जाएगा व नॉट अप्लाईड की श्रेणी में माना जाएगा। जिन किसानों ने पहले ही अपने दस्तावेज कृषि विभाग में जमा करवाकर परमिट प्राप्त कर लिया है उन्हें भौतिक सत्यापन के समय अपने दस्तावेज दोबारा जमा करवाने की आवश्यकता नहीं है।

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