आज के इस महामारी के जूझते समय मे जमीर और इम्मानदारी किस कदर जिंदा है।
May 29th, 2020 | Post by :- | 67 Views

अम्बाला:(अशोक शर्मा)
अम्बाला छावनी के सूरज राणा को मिली ईमानदारी की सौगात। सूरज ने बताया कि आज सुबह उस ने अपने दोस्त को पेटीएम फोन के द्वारा पाँच हज़ार रुपये ट्रांसफर किये। लेकिन जिस दोस्त को भेजे जब उन्हें नहीं मिले तो चिंता हो गई। सूरज ने तुरंत पेटीएम के कस्टमर से बात की तो कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिला। उन पास बैठे मित्र अशोक शर्मा ने सुझाव दिया कि आप सीधे जिस मोबाइल न 9729183921 पर पैसे ट्रान्फर हो गए उन से बात करे शायद वो पांच हजार वापिस मिल जायें। हालांकि ऐसे समभावना कम होते हुए उपरोक्त न० पर बात की गई। यह फोन सिरसा से राजकुमार पुत्र श्री सुरेश कुमार ने उठाया। उन्हे बातया की गलती से हमारे फोन न0 72070822222 से आप के फोन न० 9729183921 पेटीएम खाते में पांच हजार ट्रांसफ़र हो गए। राज कुमार ने कुछ समय मांगा। थोड़ी देर में राज कुमार ने फोन करके बातया की हाँ मेरे खाते में आप के पाँच हजार आ गए है। में जल्द ही आप को आपके पेंसे ट्रांसफर करता हूँ। और आधा घंटे में राजकुमार ने पैसे भेज दिए। पास बैठे अशोक शर्मा ने राज कुमार से परिचय पूछा तो बातया की में 20 वर्षीय व मूलरूप से बिहार का निवासी हूँ और सिरसा में जसपाल आइसक्रीम की दुकान पर मात्र नो हजार की नोकरी करता हूँ। यह सुन कर सूरज राणा व अशोक शर्मा को आश्चर्य हुआ आज के इस महामारी के जूझते समय मे जमीर और इम्मानदारी किस कदर जिंदा है। सूरज राणा ने पैसे लौटाने वाले राजकुमार का दिल से धन्यवाद किया और कहा कि इस मे से कुछ पैसे आप की जररूत है तो रख लो तो राज कुमार ने कहा कि आप की शुभकानये और आश्रीवाद बना रहे।

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