ट्यूशन फीस के अलावा वर्दी , किताब के नाम पर नही किया जाएगा अभिभावकों को तंग
May 27th, 2020 | Post by :- | 122 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार राज्य के निजी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को जून 2020 से मासिक तौर पर ट्यूशन फीस जमा करानी ही होगी। निजी स्कूल बढ़ी हुई ट्यूशन फीस नहीं ले सकेंगे। अगर किसी निजी स्कूल में वर्दी , किताब इत्यादि के नाम पर फिश ले गई या फिर कोई अन्य चार्ज वसूला गया , तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी । जरूरत पड़ी तो मान्यता तक को भी रद्द किया जा सकता है । कोरोना कॉल में लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं , इसीलिए किसी से जबरन फीस नहीं वसूली जाए , अगर कोई बिल्कुल ही फीस देने में असमर्थ है , तो उससे भी किस्तों में फीस ली जाए । उक्त वक्तव्य जिला शिक्षा अधिकारी सूरजभान ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहे।
यह जानकारी देते डीईओ ने कहा कि स्कूलों को पिछले साल की ट्यूशन फीस ही मासिक आधार पर लेनी होगी। अप्रैल – मई की फीस  देने में असमर्थ अभिभावक तीन समान किस्तों में जमा करा सकेंगे। जिन अभिभावकों ने असमर्थता नहीं जताई है और फीस दे सकते हैं , उन्हें तुरंत तीन मई तक की राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने सभी डीईओ , डीईईओ को निर्देश दिए कि वे आदेशों की अनुपालन कराएं। निजी स्कूल लगातार सरकार से मांग कर रहे थे कि अभिभावकों को फीस जमा कराने के निर्देश जारी करें। जिसे सरकार ने मानते हुए जून महीने से पूर्व की तरह मासिक आधार पर ट्यूशन फीस भरने के आदेश जारी कर दिए हैं। लेकिन निजी स्कूलों को एक झटका भी लगा है , वे दिसंबर 2019 में फॉर्म-6 में दर्शाई गई फीस नहीं वसूल पाएंगे।
सरकार ने कोरोना काल में पुरानी फीस ही जारी रखने का फैसला लिया है । इसके साथ ही स्कूल कोई हिडन चार्ज विद्यार्थियों से नहीं वसूल पाएंगे। लॉकडाउन अवधि का परिवहन शुल्क व अन्य चार्ज में भी छूट रहेगी।

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