किसान मजदूर जत्थेबंदी द्वारा बिजली संशोधन बिल 2020 के खिलाफ 1 जून को पंजाब भर में करेगी प्रदर्शन ।
May 27th, 2020 | Post by :- | 117 Views
किसान मजदूर जत्थेबंदी द्वारा बिजली संशोधन बिल 2020 को लेकर 1 जून को पंजाब भर में पावरकॉम कार्यलय के आगे करेगी रोष प्रदर्शन ।

जंडियाला गुरु कुलजीत सिंह
किसान मजदूर जत्थेबंदी द्वारा बिजली संशोधन बिल 2020 को किसानों मजदूरों पर और देश के आम खप्तकारो  के लिए मौत का करार  देते हुए 1 जून को पंजाब भर के एस डी ओ पावरकॉम कार्यलयों के आगे विशाल धरने देने की घोषणा करते हुए 1 जून को देश भर में काला दिवस मनाने की हिमायत की ।
केंद्र सरकार द्वारा कोविड 19 की आड़ में उदारीकरण और निजीकरण के की सम्राज्य नीति को तेजी के साथ आगे बढ़ाते हुए बिजली संशोधन एक्ट 2020 द्वारा देश के खप्तकारो के 15 लाख बिजली कर्मचारियों  के विरुद 17 अप्रैल को किये गए फैसले के खिलाफ आज  किसान मजदूर सँघर्ष कमेटी पंजाब की।राज्य  कमेटी की मीटिंग प्रधान सतनाम सिंह पन्नू की अध्यक्षता में हुई।मीटिंग में किये गए फैसलों की की जानकारी देते हुए सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि बिजली संशोधन बिल 2020 की नीति को।रद्द कराने के लिए 1 जून को बिजली कर्मचारी और इंजीनियर तालमेल कमेटी द्वारा काला दिवस  मनाने के बुलावे की हिमायत करते हुए किसान मजदूर जत्थेबंदी द्वारा रोष प्रदर्शन किए जाएंगे ।किसान नेताओं ने कहा कि आज बिजली हर मुनष्य की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा  बन चुकी है ।इस समय देश  के पास 50 मिलियन टन चावल और 27 मिलियन टन गेंहूं मौजूद है ।पर केंद्र सरकार द्वारा बिजली एक्ट 2003 द्वारा राज्य के बिजली बोर्ड भंग कर बिजली के निज्जीकरण और ठेकेदारी का रास्ता खोल दिया। जिससे बिजली पैदा करने और बेचने के अधिकार बिजली कंपनी को देश मे बिजली।औसत दर 1.50 पैसे यूनिट से बढ़ाकर करीब 7 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई ।बिजली निगमों को निज्जी बिजली की कंपनियों से महंगे रेट  पर लेने और बिजली का उपयोग ना होने के बावजूद हज़ारो करोड़ रुपये के एक्स्ट्रा चार्ज समझौतों के तहत भरने पड़ रहे हैं।
देश मे निज्जी बिजली प्राइवेट बिजली कंपनियों द्वारा बैंको के 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। बिजली एकट 2003 के तहत निगमों व राज्यों के रेगुलेटरी कमीशन पर धावा बोलते हुए  बिजली संशोधन बिल 2019  द्वारा पार्लियामेंट के मानसून इजलास में बिजली कॉन्ट्रेक्ट इंफोरेसमेन्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया बनाने का निर्णय ले लिया गया है ।इस एक्ट के चलते बिजली कंपनियों को बिजली का उत्पादन ,वितरण और खपतकारों को बिजली बेचने का अधिकार देता है ।इस मामले में राज्य सरकारों और केंद्र ने चुप्पी साधी  हुई है ।इस एक्ट के साथ कृषि सेक्टर पर मजदूरों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी ।जबकि 16%बिजली के दामों के बढ़ोतरी के साथ बिजली के रेट 10 रुपये प्रति यूनिट रेट हो जाएंगे ।इसलिए देश की सभी जनतक जत्थेबंदियाँ ,समाज सेवकों ,बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों को एकजुट होकर सँघर्ष करने  की जरूरत है ।इस मौके पर सविंदर सिंह चुताला ,जसबीर सिंह पिन्दी, सुखविंदर सिंह सभरा ,हरप्रीत सिंह सिधवां ,गुरबचन सिंह चब्बा ,गुरलाल सिंह पंडोरी हाज़िर थे।

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