तीन माह के भीतर गऊवंश की टैगिंग करने के निर्देशः वीरेंद्र कंवर
May 26th, 2020 | Post by :- | 58 Views

ऊना, 26 मई: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि सरकार ने लक्ष्य रखा है कि गोकुल मिशन के तहत गऊवंश का 3 माह के अंदर पूरे प्रदेश में टैगिंग करेंगे। चाहे यह घर में रखी हों या गऊशाला में हों।।

भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, हिमुडा के वाइस चेयरमैन प्रवीण शर्मा व एच.पी.एस.आई.डी.सी. के वाइस चेयरमैन प्रो. राम कुमार की मौजूदगी में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कंवर ने कहा कि गौ सैंचरी कोटला-बड़ोग में बनकर तैयार हो गई है जहां 265 से ज्यादा गऊएं रखी गई हैं। प्रदेश में अनेक स्थानों पर गौ सैंचरी बनाई गई हैं। सिरमौर जिला का जितना भी गऊवंश है उसे गौ सैंचरी में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहुत सी गऊशालाएं चल रही हैं और लॉकडाऊन के दौरान वहां चारे का संकट पैदा हुआ। सरकार ने नीतिगत फैसला लिया है कि गऊशाला में रखी गई प्रत्येक गऊ के लिए 500 रुपए दिए जाएंगे। गऊशाला की कमेटी बने और उसमें वैटनरी डॉक्टर व तहसीलदार सदस्य होंगे और जो भी गऊएं होंगी उनकी टैगिंग करेंगे जिसका रिकॉर्ड सरकार के पास रहेगा। यदि माह में और गऊवंश बढ़ेगा तो उतने और पैसे गऊशाला को ज्यादा मिलेंगे।

वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण पूरा देश प्रभावित है। लम्बे समय तक लॉकडाऊन रहा और कर्फ्यू की स्थिति रही। वैज्ञानिकों ने कहा कि कोरोना के साथ ही जीना है। इस पर प्रधानमंत्री ने जो गाइडलाइंस जारी की उनका विभाग उसे 5 सूत्र के रूप में एक जन जागरण के रूप में पूरे प्रदेश में लागू करेगा। 2 गज का फासला, साबुन के साथ हाथ धोना, बाहर जाते समय फेस कवर करें, पौष्टिक आहार लें, सोने से पहले गर्म पानी आदि का सेवन करें। फिर भी यदि किसी को लक्षण लगते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें। इसी सूत्र को लेकर वह जनता के बीच जा रहे हैं क्योंकि लम्बी लड़ाई कोरोना के साथ लड़ी जाएगी। आने वाले समय में हिमाचल के अंदर इंटर स्टेट बसें चलाई जाएंगी। इसी तरह से सैलून, होटल, रेस्टोरेंट खुलेंगे तथा उद्योग की एक्टिविटी भी होंगे। इस दौरान एहतियात बरतनी चाहिए।

कंवर ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से पूरे प्रदेश के अंदर 2 लाख 30 हजार परिवारों को रोजगार दिया गया है। छोटे से कार्यकाल में 25 करोड़ रुपए उन्हें पेमैंट भी की है। प्रधानमंत्री ने जो महत्वपूर्ण योजना लांच की है। इस योजना में 1 लाख करोड़ रुपए उन प्रवासी भारतीयों के लिए जारी किए हैं जो विभिन्न प्रदेशों में रह रहे हैं। इन प्रवासी लोगों को भोजन की समस्या न हो ऐसे परिवारों का चयन किया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो राशन व एक किलो चने की दाल फ्री सरकार की तरफ से दी जाएगी। डी.एफ.एससी को आदेश दिए हैं कि वह सारी जानकारी पंचायतों के माध्यम से लें और इस योजना को लागू करें।

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