सिख समुदाय को विश्व शान्ति नोबल पुरस्कार दे सरकार – प्रवीन हुड्डा
May 25th, 2020 | Post by :- | 142 Views

 

कालका (चन्दरकान्त शर्मा)। समाजसेवी व आप नेता एडवोकेट प्रवीन हुड्डा ने आज अपने विचार सांझा करते हुए भारत सरकार से मांग की है कि हर तरह की कठिन परिस्थितियों के दौरान, दुनिया भर में, हर इंसान को मुफ्त भोजन (लंगर) और आश्रय प्रदान करने में मानव जाति के लिए अपनी अनुकरणीय सेवाओं के लिए, शांति के लिए, भारत सरकार को सिख समुदाय को नोबेल पुरस्कार देने की सिफारिश करनी चाहिए। उनके धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और उनके सेवाभाव की विनम्रता, गुरुद्वारों में सामुदायिक रसोई और जूता रखने की व्यवस्था अनुकरणीय है।

हुड्डा ने बताया कि दुनिया के किसी भी कोने में, किसी भी जाति, पंथ, धर्म या लिंग के भेद के बिना, किसी की भी दर्द या कठिनाई में मदद करने के लिए सिख हमेशा सबसे पहले आगे आते हैं।

किसी सिख का किसी भी औरत के सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) में शामिल होना लगभग नामुमकिन है। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार जैसे जघन्य अपराधों में सिखों का शामिल होना दुर्लभ है। इतिहास में शायद ही ऐसी कोई घटना हो जब किसी युद्ध के समय, देश के वंटवारे के समय, या किसी दंगो के समय, सिखों ने किसी दूसरे धर्म की महिलाओं की बेअदबी की हो। आप किसी आपतिकाल में अपनी बेटी या बहन को किसी सिख परिवार में बेख़ौफ़ होकर उनकी पनाह में छोड़कर जा सकते हैं।उसकी इज्जत महफ़ूज़ रहेगी।

ये साधारण दिखने वाले लोग हमेशा अपने खराब नेतृत्व के बावजूद भी समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।

सिख समुदाय के लिए यह सही समय है कि वह अपने संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी द्वारा उपदेशित शुद्ध भक्ति, शांति और सेवा की ओर बढ़ें।

प्रवीन हुड्डा ने भारत सरकार से य अनुरोध करते हुए कहा कि 1984 में सिखों के ख़िलाफ़ दंगे और हरमंदिर साहिब में भारतीय फ़ौज की करवाई की टीसों पर मरहम का काम करेगा। हरमंदिर साहिब में रखा शान्ति पुरस्कार भारत को सदियों तक गोरान्वित करेगा।

इस अद्भुत और महान समुदाय को विश्व शांति के लिए नोबेल पुरस्कार की सिफारिश करने के लिए पीएमओ को ट्वीट के माध्यम से अपील की है और जनता से भी अपील की है कि उनकी इस मांग को सोशल मीडिया पर भी ज्यादा से ज्यादा शेयर और रीट्वीट करें और मेरा ये सन्देश जनजन तक पहुँचायें ताकि भारत सरकार तक ये आवाज़ पहुँच सके।

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