करनाल जिले से पहुंचे 1607 प्रवासी श्रमिकों को कैंट रेलवे स्टेशन से रवाना किया बरौनी।
May 23rd, 2020 | Post by :- | 98 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह ) करनाल जिले से रोड़वेज बसों के माध्यम से शनिवार अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे 1607 प्रवासी श्रमिकों को एडीजीपी सीआईडी अनिल राव व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने प्लेटफार्म नंबर तीन से स्पेशल ट्रेन के माध्यम से बरौनी के लिए रवाना किया गया। प्रवासी श्रमिकों ने भारत माता की जय व वंदे मातरम के नारों के साथ तालियां बजाकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया।  इस मौके पर प्रवासी श्रमिकों के साथ रवाना होने वाले बच्चों को खिलौने व बिस्कुट भी दिए गए। 

एडीजीपी अनिल राव ने रवाना होने वाले प्रवासी श्रमिकों से बातचीत भी की और उन्हें उनके घर भेजने पर बधाई भी दी। प्रवासी श्रमिकों ने भी राज्य सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में सरकार द्वारा उन्हेें उनके घर सहकुशल भेजने का काम किया हैं, इसके लिए वे उनका दिल से आभार व्यक्त करते हैं। इस मौके पर जिला करनाल के उपमण्डल घरौंडा के एसडीएम गौरव कुमार ने बताया कि 1607 प्रवासी श्रमिकों को आज सुबह बसों के माध्यम से अम्बाला छावनी लाया गया है। उन्होंने बताया कि इन प्रवासी श्रमिकों के साथ 24 बच्चे भी शामिल है जिन्हें उनके गृह जिले बरौनी भेजने का काम किया गया है। 

करनाल प्रशासन की और से इन प्रवासी श्रमिकों को निशुल्क टिकट के साथ पानी की बोतल, मास्क व सैनीटाइजर भी उपलब्ध करवाया गया ताकि रास्ते में उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। सभी प्रवासी श्रमिकों ने करनाल प्रशासन का धन्यवाद करते हुए उन्हें सकुशल घर भेजने के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। स्टेशन पर पहुंचने पर सभी प्रवासी श्रमिकों की थर्मल स्केनर से जांच भी की गई। इसके बाद रेलवे व पुलिस कर्मचारियों के सहयोग से इन प्रवासी श्रमिकों को कोचों में बिठाने का कार्य किया गया। इससे पूर्व भी करनाल जिले से 1247 प्रवासी श्रमिकों को पूरी व्यवस्था के साथ कटिहार भेजने का काम किया जा चूका हैं। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अम्बाला अभिषेक जोरवाल, सीआईडी एसपी पंकज नैन, डीएसपी सीआईडी नरेन्द्र शियोकन्द, सीआईडी इन्सपेक्टर ओमपाल, बीडीपी घरौंड़ा प्रेम सिंह, तहसीलदार रमेश अरोड़ा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।  

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।