स्वर्गीय अजीत सिंह चौहान की दूसरी पुण्यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि दी : संदीप चौहान

बहादुरगढ़ लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ (गौरव शर्मा)

मेरे पिता ही थे मेरे जीवन का आधार, उनके बिना जीवन नरक सा लगता हैं… संदीप चौहान

जीवन का आधार ही पिता है, पिता से ही घर होता है। पिता ही जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होते है बिना पिता के बिना जीवन नरक सा लगता है। यह कहना हैं समाजसेवी संदीप चौहान का। उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता अजीत सिंह चौहान की दूसरी पुण्यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि दी। संदीप चौहान ने कहा कि “मेरा साहस, मेरी इज्जत, मेरा सम्मान है पिता, मेरी ताकत, मेरी पूँजी, मेरी पहचान है पिता। उन्होंने कहा कि पिता हमारे जीवन में बहुत महत्व रखते हैं, पिता न होते तो शायद मेरा कोई अस्तित्व ही न होता। संदीप चौहान ने कहा कि अपने पिता स्वर्गीय अजीत सिंह चौहान से समाजसेवा का पाठ सीखा वही उन्होंने गरीब व असहाय की मदद करना सीखाया।