केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व विभिन्न संगठनों के आहवान पर हल्ला बोल कार्यक्रम का आयोजन|
May 22nd, 2020 | Post by :- | 127 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :- लॉक डाउन की आड़ में पूंजीपतियों  को फायदा पहुंचाने के लिए श्रम कानूनों को कमजोर करने के खिलाफ, कोरोना महामारी में लगे कच्चे कर्मचारियों व स्कीम वर्कर्स को सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने, रिटायर्ड कर्मचारियों की पैंशन संशोधित कराने व किसानों की फसल की बिक्री व मुआवजे जैसी मांगों को लेकर आज केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धानंद पार्क पलवल में उचित शारीरिक दूरी बनाकर हल्ला बोल कार्यक्रम आयोजित किया। सर्व कर्मचारी संघ, सीआईटीयू, रिटायर्ड कर्मचारी संघ व किसान सभा के जिला प्रधान राजेश शर्मा, श्रीपाल सिंह भाटी, बीधू सिंह व धर्म चन्द की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन योगेश शर्मा ने किया|

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने बताया कि सरकार कोरोना महामारी में लॉकडाउन का बहाना बना कर कर्मचारी व मजदूरों पर हमला बोल रही है, जबकि ऐसे हालात में सरकार को किसान,मजदूर व कर्मचारियों की हर संभव मदद करनी चाहिए।सरकार ने श्रम कानूनों को ताक पर रखकर कार्य दिवस की अवधि को 8 घण्टे से बढ़ा कर 12 घण्टे करने का फैसला किया जा रहा है, जिसके कारण मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा से वंचित किया का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री आत्म निर्भर बनने  की बात कह रहे हैं, दूसरी तरफ सरकारी विभागों को पूंजीपतियों को बेचने का फैसला किया जा रहा है।

आज इस महामारी में केवल सरकारी विभाग के कर्मचारी-अधिकारी ही देश व समाज की सेवा में लगे हुए हैं, निजी क्षेत्र पूरी तरह से सीन से गायब है। किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य व बिक्री का भुगतान भी नहीं मिल रहा है।

महामारी में कार्य कर रहे सभी कच्चे कर्मचारियों व स्कीम वर्कर्स को 50 लाख बीमा कवरेज व जोखिम भत्ता दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को मजदूरों की बजाय पूंजीपतियों के फायदे की ज्यादा चिंता है, जबकि इन्हीं मजदूर, किसान व कर्मचारियों की वोट की ताकत से भाजपा ने सत्ता हासिल की थी। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार बिजली संशोधन बिल को पिछले 6 साल से संसद में पारित नहीं करा सकी, अब सरकार इस बिल को पारित कराने की जल्दी में है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले का डटकर विरोध किया जाएगा।

यूनियन नेताओं ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए उपयुक्त द्वारा निर्धारित दरों को भी संशोधित नहीं किया गया है। नगर निकायों में ठेकप्रथा पर कार्यरत  कच्चे कर्मचारियों को सीधे विभाग के रौल पर रखने के सरकार के फैसले के बावजूद पलवल नगर परिषद प्रशासन सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा है।

कार्यक्रम में यूनियन नेता रमेश चन्द, रूपराम तेवतिया,  मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के राकेश तंवर बिजेंदर चौहान, हरकेश सौरोत, बालकिशन शर्मा, सतपाल, उमेद डागर, उर्मिला रावत, कृष्णा बघेल, सुनीता, पुष्पा, शकुन्तला, किरण, समुंद्री, गीता, बबली, शीला, राखी, सुमन, संगीता, रेखा, पूजा, नेमचंद शर्मा व बीर सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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