जिला पंचकूला में पेराफेरी एक्ट रद्द करे सरकार,वरना कोर्ट की लेंगे शरण : विजय बंसल
May 21st, 2020 | Post by :- | 110 Views

पिंजौर, (हरपाल सिंह) ।

1952 में चंडीगढ़ शहर के निर्माण के समय शहर व आसपास के इलाके को हरा भरा रखने के लिए चंडीगढ़ की बाहरी सीमा से चारो ओर 10 मील तक लगाए गए पंजाब न्यू कैपिटल पेराफेरी कंट्रोल एक्ट 1952 की अधिसूचना को जिला पंचकूला के ग्रामीण इलाकों में पूर्णत: रद्द करने के लिए शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष व हरियाणा सरकार में चेयरमेन रह चुके विजय बंसल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन भेजकर मांग की है।विजय बंसल ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार द्वारा पेराफेरी एक्ट नही हटाया गया तो वह जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट की शरण लेंगे। विजय बंसल का कहना है कि इस एक्ट के लागू होने से ग्रामीण व आमजनमानस अपनी ही जमीन पर अपना आइशियाना नही बना पा रहा जबकि यदि निर्माण करे तो प्रशासन द्वारा ध्वस्त कर दिया जाता है जबकि प्रभावशाली लोगों को कोई दिक्कत नही आती,दरअसल 1952 में इस एक्ट को लागू करके किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी।साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा भी यह कहा जा चुका है कि पुराने अधिनियमो को बदला जाएगा क्योंकि समय की आवश्यकता है। विजय बंसल ने बताया कि पहले जिला पंचकूला में 154 गांव इस एक्ट के अधीन थे परन्तु 2010 में नगर निगम पंचकूला के गठन के पश्चात 42 ग्राम पंचायते जिनमे पिंजोर ब्लाक की 27,बरवाला ब्लाक की 15 ग्राम पंचायते सम्मिलित की गई जिसके पश्चात 2017 में उनके द्वारा जनहित याचिका दायर कर निगम एरिया में यह एक्ट हटवाया गया क्योंकि जब निगम बन जाता है तो वहां निगम का ही एक्ट लागू रहता है। गौरतलब है कि नगर निगम पंचकूला की सीमा में पेराफेरी एक्ट के अधीन 100 गांवो को विजय बंसल की जनहित याचिका व 7 वर्षो के कठिन प्रयासों के बाद पेराफेरी एक्ट की सीमा से निकाला गया था।
— जिला पंचकूला के अधिकतर गांवो में फिरनी नही, ऊपर से पेराफेरी एक्ट लागू
2010 में भी विजय बंसल द्वारा लाल डोरा बढाने हेतु पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका नंबर 6169-2010 डाली गई,माननीय न्यायालय ने 24 मार्च 2014 को फैसला किया तब हरियाणा विधानसभा में बिल पास किया गया था कि गाँव की फिरनी तक क्षेत्र को लाल डोरा माना गया है यानी आबादी देह तक,परन्तु जिला पंचकूला के अधिकतर ग्रामीण इलाको में फिरनी ही नही है जिस कारण उनको इसका कोई लाभ नही है।अब इन इलाकों में लाल डोरा बड़ा नही और पेराफेरी लागू होने के कारण कोई भी ग्रामीण अपनी भूमि पर आशियाना नही बना सकता।
— पंजाब व हरियाणा सरकार पहले भी अधिसूचना को रद्द कर चुकी:
विजय बंसल ने बताया कि समयानुसार बढ़ती हुई आबादी के कारण पंजाब सरकार ने मोहाली,नयागांव, जीरकपुर,खरड़ व डेराबसी आदि तक व हरियाणा सरकार ने पंचकूला जैसे बढ़े शहर विकसित कर दिए है जिसमे इन अधिसूचनाओं को रद्द किया जा चुका है।

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