प्रशासन मोहाली, चंडीगढ़ की तर्ज पर बद्दी में भी दुकानें खोलने की दे परमिशन : संजीव कौशल
May 21st, 2020 | Post by :- | 236 Views

– बिगड़ती जा रही है छोटे दुकानदारों की दशा….

बद्दी !   लॉकडाउन 4.0 शुरू हुए तीन दिन बीत चुके हैं। कोरोना महामारी के चलते लगभग डेढ़ माह से जारी क‌र्फ्यू और लॉकडाऊन ने छोटे व्यापारियों व दुकानदारों की कमर तोड़ दी है। सयुक्त व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव कौशल ने कहा कि केंद्र सरकार ने कमर्शियल एक्टिविटीज शुरू करने के लिए इंडस्ट्री व दुकानें खोलने की इजाजत दी है। फाइनल डिसीजन लेने का अधिकार स्टेट गवर्नमेंट को दिया है। उन्होंने कहा कि मोहाली एडमिनिस्ट्रेशन और चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन ने कंटेनमेंट एरिया को छोड़कर अन्य सभी एरिया में दुकानें खोलने की इजाजत दे चुका है। लेकिन बद्दी में जिला प्रशाशन द्वारा सप्ताह में सिर्फ 2 दिन ही  दुकानें खोलने का फैसला किया है। जबकि चंडीगढ़ एरिया रेड जोन में पड़ता है और वहा 100 से ज्यादा कोरोना पॉज़िटिव एक्टिव केस हैं। चंडीगढ़ की बजाए बद्दी सेफ जोन में है। चंडीगढ़ में अभी भी रेगुलर कोरोना पॉजिटिव केस आ रहे हैं।

कौशल ने कहा कि अगर चंडीगढ़ में रेड जोन एरिया के बावजूद  दुकानें खुल सकती है तो बद्दी में रोज़ाना दुकानें खुलने में क्या दिक्कत है। चंडीगढ़ के पैटर्न पर बद्दी में भी छह दिन सुबह 9:00 बजे से सांय 7:00 बजे तक दुकानें खोलने की इजाजत मिलनी चाहिए। उन्होंने ने कहा कि कई राज्य में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सेवा भी बहाल कर दी गई है लेकिन जिला सोलन में बस, ऑटोरिक्शा आदि न चलने से लोगों को काफी परेशानियों सामना कर पड़ रहा है। छोटे दुकानदारों के साथ साथ ग्राहकों को भी बाजार जाने की किल्लत हो रही है। लोगों के पास बाजार जाने के लिए कोई साधन ना होने से बाजारों में रौनक नही दिख रही है।
 कौशल ने कहा कि जिससे कारोबारियों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कौशल ने कहा कि अगर पब्लिक ट्रांसपोर्ट चेलगी तो कारोबारियों के साथ साथ इससे जुड़े लोगों को भी राहत मिलेगी। कौशल के कहा कि ऑटो रिक्शा चालकों के सामने इस समय सबसे बड़ा संकट रोजी रोटी का आ खड़ा हुआ है, क्योंकि 2 माह से ऑटो पूरी तरह बंद है। हालत इतनी खराब है कि ना तो उधार पैसा मिल पा रहा है, ना ही दुकानों से उधार समान मिल पा रहा है। ऊपर से जो किस्त भरने की तीन माह की छूट थी वह भी अब खत्म होने वाली है। कई लोग किराए के मकानों में रहते हैं। अब वह किराया कहां से दे। इसको लेकर भी संकट है। उन्होंने ने कहा कि जिला प्रशाशन कोई भी फैसला लेने से पहले छोटे व्यापारियों के बारे में विचार कर लेना चाहिए। जिला प्रशासन को बद्दी में भी छह दिन सुबह 9:00 से सांय 7:00 बजे तक दुकानें खोलने व पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने के ऑर्डर देने चाहिए।
 उन्होंने कहा कि हम सरकार या जिला प्रशाशन से किसी तरह की छूट नही मांग रहे हैं। अपना कामधंधा करने की इजाजत मांग रहे हैं। दो माह पहले नुकसान उठा चुके हैं।  बिजली के बिल जमा करा रहे हैं। कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं। कुछ दुकानदार किराया भी दे रहे हैं। बैंकों की किश्तें दे रहे हैं। कमाई कुछ भी नहीं है। कारोबारियों को दुकान का किराया घर का किराया, बच्चों की फीस, बिजली बिल और बैंक लोन की किस्त चुकाने के लिए एकमात्र सहारा दुकान ही है।  बिना कमाई के आखिर काम कैसे चलेगा। उनका खर्चा तो रोजाना हो रहा है, लेकिन कमाई जीरो है। ऐसे ही अगर कुछ दिन ओर चला तो कुछ दुकानदारों का तो दिवाला ही निकल जाएगा। कौशल ने प्रशाशन से विनती है कि छोटे व्यापारियों के हित में विचार कर महोली, चंडीगढ़ की तर्ज पर बद्दी में भी छह दिन सुबह 9:00 से सांय 7:00 बजे तक दुकानें खोलनें की परमिशन दें।

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