मार्च व अप्रैल माह का वेतन न मिलने पर कामगारों ने कंपनी के खिलाफ किया प्रदर्शन व नारेबाजी
May 21st, 2020 | Post by :- | 149 Views

– श्रम अधिकारी के निर्देश पर कंपनी प्रबंधक सेलरी देने को हुए तैयार…..

बद्दी ! झाड़माजरी स्थित एक दवा कंपनी में कामगारों को मार्च माह व अप्रैल माह का वेतन न मिलने पर कामगारों ने कंपनी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। कामगारों का कहना था कि लाक डाउन के दौरान झाड़माजरी क्षेत्र को पुलिस ने सीज कर दिया था ऐसे में कामगार चाहते हुए भी ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए। जिसके चलते कामगारों को आधा मार्च माह व अप्रैल माह का वेतन नहीं मिला है। प्रदर्शनकाकरी कामगारों ने श्रम कार्यालय परिसर में कंपनी के खिलाफ जम करनारेबाजी की।

भारतीय मजदूर संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मेला राम चंदेल, कार्यालय सचिव राजू भारद्वाज के नेृत्व कामगार हरीश, संजय चौधरी, जयपाल, राहुल, नेहा, राजू, भूरा राम, सुरेश, मनोज, रामपाल समेत सैंकड़ों कामगारों ने श्रमकार्यालय परिसर में एकत्रित हुए और वहां पर कंपनी के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। मेला राम चंदेल के कहा कि स्टील बर्ड कंपनी में करोना निकलने से यह पूरा क्षेत्र में सीज कर दिया गया था जिसके चलते कामगार अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए। कंपनी की ओर से कामगारों को ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं थी। हरीश ने बताया कि उसे मार्च माह में केवल 23 दिन व अप्रैल में 900 रूपये वेतन मिला है। जिससे वह क्या तो मकान मालिक को देगा क्या खाएगा और क्या बचाएगा। ऐसा सभी कामगारों का ही हाल है। कामगारों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस दौरान किसी भी कामगार को सेलरी न काटने की बात कही थी लेकिन यहां पर किसी भी कामगार को पूरा माह के वेतन नहीं दिया गया है।

उधर, श्रम अधिकारी जितेंद्र बिंद्रा ने कहा कि उन्हें कामगारों कि शिकायत मिलने के बाद कंपनी के प्रबंधकों को मौके पर बुलाया गया तथा उन्हेें तीन दिन के भीतर सभी कामगारों को पूरा पैसा देने कोकहा गया है। वहीं कंपनी के एचआर लक्की ने कहा कि श्रम अधिकारी की ओर से उन्हें जो निर्देश मिले है उसके मुताबिक सभी कामगारों को वेतन दे दिया जाएगा।

श्रम कानून में किए बदलाव के विरोध में भामस संघ लगाए काले बिल्ल :-
श्रम कानुन में केंंद्र सरकार की ओर से किए गए बदलाव के विरोध में भारतीय मजदूर संघ ने काले बिले लगा कर आपत्ति दर्ज की। संघ के प्रदेश अध्यक्ष मेला राम चंदेल ने बताया कि सरकार ने अब कामकारों की ड्यूटी समय 8 घंटे से बढ़ा कर 12 घंटे कर दिया है। इसके अलावा ईएसआई व ईपीएफ के नियमों में भी फेरबदल किया है। सरकार ने कामगारों की साथ अन्याय किया है। जिसके मजदूर संघ किसी भी कीमत पर बर्दाशत नहीं करेंगे। अगर सरकार ने इन कानूनों में फेरबदल नहीं किया तो उन्हें मजबूर हो कर आंदोलन को तेज करना पड़ेगा। बाद में मजदूर संघ ने कंपनी कामगारों ेक साथ बीबीएनडीए का डिप्टी सीईओ के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया जिसमें इन कानूनों को पहले की ही तर्ज पर करने की मांग की है। प्रतिनिधिमडल में मेला राम चंदेल के अलावा कार्यालय सचिव राजू भारद्वाज, बाल किशन, खेमराज, नरेश कुमार कप्पा, शमी व अश्वनी कुमार समेत दर्जनों कंपनी के प्रतिनिधि शामिल रहे।

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