राशन कार्ड रद्द होने के मामले में फ़ूड सप्लाई विभाग करेगा जांच :सिन्हा ।
May 21st, 2020 | Post by :- | 138 Views

राशन कार्ड रद्द होने के मामले में फ़ूड सप्लाई विभाग करेगा जांच
आधार से जुड़े होने ना होने के बावजूद भी डिपू होल्डर लाभपात्री को सस्ती गेहूं देने से मना नही कर सकते ।
जंडियाला गुरु कुलजीत सिंह
बता दे कि हाल ही में खाद्य मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है जिसके अनुसार राशन कार्ड का आधार लिंक से जुड़े ना होने के बावजूद भी लाभपात्रियो को कार्ड पर उनके हिस्से का राशन मिलता रहेगा। आधार से नही जुड़े राशन कार्ड या फिर लिस्ट में से काटे जाने को लेकर मंत्रालय ने यह बात भी स्पष्ट की है कि सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों राशन कार्ड को।आधार कार्ड से जोड़ने की जिम्मेदारी फ़ूड सप्लाई विभाग की है ।इसके इलावे इसकी तिथि भी 30 सितंबर 2020 तक बढ़ा दी गई है और साथ मे ही यह भी कहा गया है सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कहा गया है जब तक खाद्य मंत्रालय विभाग कोई निर्देश जारी नही करता तब तक लाभपत्री को उसके हिस्से का राशन देने से मना नही किया जा सकता ।
लेकिन अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु सेंटर के फ़ूड सप्लाई विभाग के अधिकारियों द्वारा इन निर्देशों के पालना ना करते हुए हज़ारों कार्ड बिना जांच किये ही काट दिये गए ।जबकि गरीब और जरूरतमन्द लोगों को 2 रुपये प्रति किलो मिलने वाली गेहूं से वंचित कर दिया गया। पत्रकार द्वारा इन इलाकों में ऐसे घरों में जाकर देखा गया है जो लोग इस कर्फ्यू लोकडौन में दो वक्त की रोटी जुटाने में असमर्थ हैं उनके कार्ड बिना जांच जमीनी स्तर पर किये जाने के बगैर ही काट दिए गए ।जिससे यह बात स्पष्ट होती है कि कहीं ना कहीं घपलेबाजी हुई है ।
इस मामले को लेकर जब पंजाब फ़ूड सप्लाई विभाग के सचिव के ए पी सिन्हा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि राशन कार्ड बनाने के लिए शहरों में कौंसलर गांवो में पंच से फॉर्म तसदीक होने के बाद एस डी एम स्तर के अधिकारी तक जांच होती है कि लाभपात्री इसके योग्य है कि नहीं । इसी तरह कार्ड काटने मामले में यही तरीका है जो जांच में अगर गलत पाया जाता है तो उसका कार्ड काट दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में जो मामला राशन कार्ड काटने का चल रहा है उसकी जांच होगी और जो भी गलत होगा उसके खिलाफ विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी ।
फ़ोटो कैप्शन के ए पी सिन्हा की फोटो और राशन कार्ड की फोटो ।

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