पलवल में 19246 किसानों से 2.46 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद : उपायुक्त
May 21st, 2020 | Post by :- | 42 Views

डीसी नरेश नरवाल ने दी जानकारी, किसानों को भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आढ़ती आवश्यक प्रपत्र भरकर खरीद एजेंसियों को समय पर कराए उपलब्ध|

मुकेश वशिष्ट (हसनपुर पलवल) :- कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान पलवल जिला की मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद सुचारू ढंग से जारी है। जिला में मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत 17827 किसानों से दो लाख 46 हजार 186 मीट्रिक टन अनाज की खरीद हो चुकी है। खरीद एजेंसियों द्वारा खरीद के साथ-साथ किसानों को भुगतान व मंडियों से उठान का कार्य भी नियमित रूप से किया जा रहा है।

उपायुक्त नरेश नरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पलवल जिला में गेहूं की खरीद 20 अप्रैल से आरंभ हुई थी। जिला की मंडियों में हैफेड, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, हरियाणा वेयरहाऊस कार्पोरेशन तथा एफसीआई द्वारा नियमित रूप से गेहूं की खरीद की जा रही है। कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए गेहूं खरीद के कार्य में सोशल डिस्टेंस की पालना सुनिश्चित करते हुए इस बार जिला में मुख्य अनाज मंडियों के साथ ही अतिरिक्त खरीद केंद्रों की भी व्यवस्था की गई थी ताकि किसानों को अपनी फसल लेकर दूर न जाना पड़े। खरीद से संबंधित किसी प्रकार की शिकायत, सूचना या सुझाव के लिए जिला प्रशासन के विशेष कंट्रोल रूम में टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को होने वाले भुगतान के लिए आढ़तियों से भी खरीद एजेंसियों को दी जाने वाली जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भरकर जल्द भेजने की बात कही ताकि किसानों को भुगतान समय पर हो सके।

जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक राम अवतार सिंह ने एजेंसीवार खरीद की जानकारी देते हुए बताया कि जिला में अब तक हैफेड ने 7336 किसानों से 92475 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयरहाऊस कार्पोरेशन ने 5015 किसानों से 65489 मीट्रिक टन, खाद्य एवं नागरिक आपूॢत विभाग ने 2724 किसानों से 38090 मीट्रिक टन तथा एफसीआई ने 3171 किसानों से 50132 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। जिला की मंडियों से अब तक एक लाख 46 हजार 072 मीट्रिक टन गेहूं का उठान भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदना सरकार की प्रतिबद्घता है साथ ही भुगतान प्रक्रिया की भी नियमित रूप से मॉनीटरिंग की जा रही है ऐसे में किसानों को निश्चिंत रहना चाहिए।

 

 

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