बारिश के मौसम के दृष्टिïगत तैयारियों की समीक्षा हेतू डीसी ने ली अधिकारियों को बैठक–सिंचाई विभाग सहित सम्बधिंत विभागों द्वारा किए जा रहें कार्यो बारे बारिकी से ली जानकारी–शोर्ट टर्म सहित सभी कार्य निर्धारित समय अवधि में होने चाहिए पूरे–तकनीकी दृष्टिï से किए गए कार्यो की क्षमता और दक्षता होनी चाहिए बेहतर:- डीसी।
May 20th, 2020 | Post by :- | 121 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह )  बारिश के मौसम को देखते हुए डीसी अशोक कुमार शर्मा ने स्थानीय कैम्प कार्यालय में सम्बधिंत विभागों द्वारा बाढ़ सम्बधी विषय को लेकर की जा रही तैयारियों के दृष्टिïगत बैठक ली। बैठक में सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों सहित अन्य सम्बधिंत विभागों के  अधिकारी भी उपस्थित रहें। 
बैठक में डीसी ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा बारिश के मौसम को देखते हुए जो तैयारियां पहले भी की जाती रही हैं, उन तैयारियों से सीख लेकर तथा पिछले सीजन में जो कमियां रही होगी, उनकों ध्यान में रखते हुए तैयारियां करें। यदि किसी भी क्षेत्र में बारिश के दौरान बाढ़ की सम्भावना बनती हैं, तो पानी निकासी का बेहतर प्रबन्ध होना चाहिए। उन्होनें यह भी कहा कि सम्बधिंत ड्रेनों में गाद इत्यादि निकालने का कार्य भी निर्धारित मापदण्ड के तहत किया जाना जरूरी हैं, ताकि कहीं भी जल भराव की स्थिति पैदा न हो और पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सकें। उन्होनें अधिकारियों को यह भी कहा कि वे वक्त रहतें ही पम्प सेटो की मरम्मत इत्यादि करवा लें, ताकि समय पडऩे पर कार्य सुचारू रूप से हो सकें।
बैठक में उपस्थित सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियन्ता वीके काम्बोज और कार्यकारी अभियन्ता प्रवीण कुमार ने बताया कि शॉर्ट टर्म के 18 कार्य है जो आगामी जून महीने के अन्त तक पूरे कर लिए जाएगें। मीडियम टर्म के कार्य भी निर्धारित समय अनुसार पूरा करने के लिए रूप रेखा तैयार कर ली गई हैं। किसी भी क्षेत्र में यदि बारिश के दौरान बाढ़ समस्या आती हैं तो जिला में डीजल के 34 पम्प उपलब्ध हैं। इनके अलावा बिजली का एक पम्प अस्थाई तौर पर मच्छौंडा तालाब पर लगाया गया हैं, जिसकी क्षमता 10 क्यूसिक हैं। बैठक में उन्होंने डीसी को यह भी बताया कि महेश नगर ड्रेन पर 40-40 क्यूसिक क्षमता के चार पम्प नन्हेड़ा क्षेत्र में लगाए गए हैं जबकि 50-50 क्यूसिक क्षमता के दो पम्प बब्याल गांव के पास लगाए गए हैं, ताकि बारिश के दिनों में पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सकें। इनके अलावा 20-20 क्यूसिक क्षमता के चार पम्प नग्गल में लगाए गए हैं। जिनके माध्यम से बरसाती पानी की निकासी करवाने का काम किया जाता हैं। इससे आसपास के कई गांवों के पानी की निकासी में भी मदद मिलती हैं।
बैठक में उपस्थित डीआरओ विनोद शर्मा को निर्देश देते हुए कहा कि वे भी अपने विभाग से सम्बधिंत सभी तैयारियां पूरी रखे और इस सम्बन्ध में यदि किसी प्रकार की तैयारी करनी हैं तो समय रहते अपनी तैयारी कर लें, ताकि बारिश के दिनों में यदि कहीं भी बाढ़ का पानी आता है तो वह रिहायशी क्षेत्रों को प्रभावित न कर सकें। 

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