बहल की विधवा महिला भतेरी को प्रशाशन की दर दर ठोकरे खाने के बावजूद भी नही मिल रहा प्लॉट पर कब्ज़ा।
September 5th, 2019 | Post by :- | 121 Views

बहल, (शकील अहमद)
2008 में अलॉट हुए थे प्लॉट 155 में से 105 धारकों को प्लॉट आवंटन में पूरी हो गई है जमीन 50 को रजिस्ट्री के बावजूद नहीं मिला कब्जा। सरकार की ओर से गरीब परिवारों को अलॉट हुए सौ-सौ गज के प्लॉट के कब्जे के लिए कस्बा बहल के 50 प्लाट धारकों को 10 साल से प्रशाशन से आस लगाए बैठे हैं लेकिन अभी तक उन्हें उनका हक नहीं मिला है। प्रशासन इस मामले में एक दूसरे के पास पत्र भेजकर अपने कार्य की इतिश्री कर लेता है।

जो की एक बहल की गरीब विधवा भतेरी देवी ने अपना प्लॉट पर कब्जा लेने के लिए सीएम विंडो व डीसी साहब और प्रशासन को अनेक बार लिखित में प्रार्थना पत्र दिया है लेकिन इसके बावजूद भी करीब 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस विधवा महिला को अपने प्लाट पर कब्जा नहीं मिला है। विधवा महिला भतेरी ने बताया कि कुछ लोगों को प्लाट पर कब्जा दिलवाया दिया है और उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है डीसी के बहल में रात्रि ठहराव कार्यक्रम में भी उन्होंने इस बारे में शिकायत की थी और उन्हें जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन भी मिला था लेकिन अभी तक उन्हें कोई प्लाट नहीं मिला है।

भतेरी ने बताया कि उसे 15 दिसंबर 2008 को प्लॉट अलॉट हुआ था और उनके पास प्लॉट की रजिस्ट्री भी है लेकिन उनको 10 वर्षों में उनको प्लॉट पर कब्जा नहीं मिला है, उसका महिला भतेरी के अलावा अन्य प्लाट धारकों अपने प्लाट पर कब्जा की बात में जोड़ रहे हैं प्रशासन एवं 155 लोगों को सौ-सौ गज के प्लॉट का आवंटन किया था जिनमें से कुछ लोगों को राजगढ़ रोड पर भूमि पर कब्जा दे दिया था और बाकी बचे करीब 50 लोगों के लिए दूसरी जगह निर्धारित की गई थी लेकिन पैमाइश नहीं होने के कारण मामला अधर में लटका हुआ है। विधवा महिला भतेरी को प्रशाशन के पास दर दर की ठोकरे खाने के बावजूद भी अपने प्लॉट पर अभी तक कब्जा नही मिला है।

पंचायती भूमि की पैमाइश के बाद दे सकते हैं कब्जा :

ग्राम पंचायत बहल के सरपंच गजानंद अग्रवाल ने बताया कि पंचायती जमीन की पैमाइश के लिए उन्होंने बीडीपीओ को प्रस्ताव दिया हुआ है जिस निर्णय डीसी ले सकते हैं और जैसे ही पैमाइश हो जाएगी बाकी बचे प्लाट धारकों प्लाट दे दिया जाएगा। वहीं इस संबंध में बहल बीडीपीओ से बात करने पर उन्होंने बताया कि वह रिकॉर्ड देखकर ही कुछ बता सकते हैं।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।