इंदौरा की छोंछ खड्ड के किनारे पंजाब एरिया में लगे क्रशर उद्योग हिमाचल के कंदरोडी एरिया में एक अस्थाई रास्ता बनाकर वर्षो निकाल रहे है रोजाना रेत बजरी से भरे सैकड़ो मल्टीएक्सल बाहन
May 20th, 2020 | Post by :- | 1161 Views
गगन ललगोत्रा(व्यूरो इंदौरा)
 पंजाब एरिया में लगे क्रशर उद्योग हिमाचल एरिया में अस्थाई रास्ता बनाकर निकाल रहे है रोजाना सैकड़ो भारी भरकम रेत बजरी से मल्टीएक्सल बाहन
बाहनों के चलने से टूट रहा है कंदरोरी डमटाल मार्ग
विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के उद्योगिक क्षेत्र कंदरोरी छोंछ खड्ड के किनारे पड़ते पंजाब एरिया में लगे क्रेशर उद्योग मालिक अपने क्रुशेरो से भरे मल्टीएक्सल बाहनों को पंजाब से निकालने की बजाए ही हिमाचल एरिया में छोंछ खड्ड के किनारे इंदौरा प्रशाशन की आंखों में धूल झोंककर बनाए गए एक अस्थाई रास्ते से वर्षो से अपने मल्टीएक्सल बाहनों को निकालकर कंदरोरी टु डमटाल सड़क को ध्वस्त करने में कोई कसर नही छोड़ रहे है। कई बार खनन बिभाग ने इस रास्ते को बन्द भी किया है । जब बिभाग बन्द करके अभी इंदौरा भी नही  पहुँचता है तो यह खनन माफिया उसी बख्त फिर रास्ते को बनाकर अपनी गाडियों को गुजारने शुरू कर देते है।  स्थानीय जनता ने पत्रकारो को समस्या बताते हुए कहा की इंदौरा तहसील के साथ कंदरोरी छोंछ खड्ड के किनारे  पंजाब के पठानकोट जिला की सीमा में लगे  क्रशर जो कि गांव गुड़ा कलां,अंदोई,अनेड़ में लगें हैं उन क्रेशरो के भारी भरकम ट्रक हिमाचल की सड़कों को तोड़ने का काम कर रहें हैं स्थानीय निवासियों ने कहा कि जब यह उद्योग पंजाब एरिया में लगे हैं तो यह अपने पंजाब  क्षेत्र से होकर क्यों नहीँ जाते और अपने प्रदेश की सड़कों को क्यों क्षति नहीँ पहुंचाते।  जबकि यह सब उद्योग अपनी सभी क्रशर सामग्री को काठगढ़, इंदौरा,चनोर,कन्दरोड़ी रोड से रास्ट्रीय राजमार्ग डमटाल पर ले जाकर दूसरे बाहरी प्रदेशों में निकलतें हैं लेकिन यह अपने प्रदेश की सड़कों को स्वच्छ और हिमाचल प्रदेश की सड़कों को तोड़ने का काम कर रहें है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि काठगढ़ मन्दिर  के पास पंजाब एरिया में  स्थित क्रशर जिनका नाम उनको नहीँ मालूम ,गुरु तेग बहादुर क्रशर,भूतपूर्व चेयरमैन का क्रशर,मोंगा स्टोन क्रशर औऱ इसके साथ लगते पंजाब के औऱ भी क्रशर पंजाब के गांव की सड़कों से न होकर हिमाचल प्रदेश की सड़कों से होकर निकलतें हैं जिस से की यह सड़कें दिन प्रतिदिन गड्डा नुमा हो रहीं हैं और इसका सीधे तौर पर जिमेदार यह पंजाब का क्रशर उद्योग और इंदौरा का स्थानीय प्रशासन है। छोंछ खड्ड से होकर जिस जगह यह ट्रक हिमाचल में प्रबेश करते है उस जगह खड्ड पर pwd बिभाग एक लंबे पुल का निर्माण कर रहा है । और निर्माण कार्य स्थल से रोजाना यह निकल रहे पंजाब के ट्रक पुल में काम मे बाधा डालता नजर आ रहा है स्थानीय लोगो ने बताया के कई बार इन क्रेशर उद्योग मालिको की शिकायत प्रशशन को दी पर आज तक कोई भी हल नही हुआ है । उन्होंने कहा कि लोकनिर्माण विभाग सड़कों पर बोर्ड लगा देती है कि यह सड़क मार्ग 9 टन तक बर्जित है लेकिन संबंधिक्त बिभाग इन पर कोई कार्यवाही करता नजर नही आया है ।जब मजबूरन लोग इन गाडियों को रोकते है तो  पुलिस प्रशासन मौके पर आकर उल्टा लोगों को कानून बताने शुरू कर देती है।बहरहाल जिस प्रकार यह स्थानीय निवासी सरकार के नुमाइंदों औऱ पंजाब के क्रशर वालों के इस रास्ते से गुजरने पर सवाल खड़े कर रहें हैं उस से तो साफ नजर आ रहा है कि 300  से 400 रुपये की प्रदेश एंट्री की पर्ची कटवा कर करोड़ो रूपये की सड़कों को तोड़ यह सरकार को घाटा डाल रहें है और स्थानीय निवासी भी इन टूटी हुई सड़कों पर चलने से परेशान हो रहे हैं।
बॉक्स।
 कई वर्षों से विवादास्पद रहा है अवैध रास्ता
बता दें कि इंदौरा सीमा से सटे पंजाब के क्रशर उद्योगों द्वारा बनाया गया अवैध रास्ता गत कई वर्षों से विवादास्पद रहा है। जब भी हिमाचल सरकार इसे बंद करती है पंजाब के क्रशर उद्योगों द्वारा पुन: अवैध रूप से इस रास्ते का निर्माण कर न केवल माल भरकर ले जाया जाता है बल्कि सभी वाहनों में नियमों को ठेंगा दिखाते हुए सरकार द्वारा तय मानकों से अधिक माल भरा जाता है। ओर सभी ट्रक चालकों के पास अधिकतर जाली बिल ही होते है जिनमे गाड़ियों में भरे माल की मात्रा कुछ और बिल में कुछ अलग होती है
इस संबंध में जब खनन अधिकारी नूरपूर नीरज कांत से बात की गई तो उन्होंने कहा के उक्त जगह पर pwd बिभाग पुल का निर्माण कर रहा है। उसको खुद भी इस पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिये । मैं अभी exen pwd इंदौरा को इन पंजाब के क्रेशर उद्योग के मालिकों द्वारा बनाए गए गैरकानूनी अस्थाई रास्ते को बंद करने के आदेश दे रहा हु   । आज अगर फिर इस रास्ते का अबैध रूप से निर्माण किया गया है तो मैं कल स्वयं मौके पर आकर देखूंगा ओर इन पर बनती कार्यबाही की
फ़ोटो,,, कंदरोरी छोछ खड्ड पर बन रहे पुल के पास पंजाब एरिया से भारी भरकम बाहन आते हुए

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