प्रवासी मजदूरों की यूपी सीमा में इंट्री बंद करने से राजमार्ग पर लगी वाहनों की लम्बी लाईन,
May 19th, 2020 | Post by :- | 157 Views
होडल,  (मधुसूदन भारद्वाज ): दिल्ली,हरियाणा,पंजाब,गुडगांव व अन्य जिलों से राष्ट्रीय राजमार्ग न. 19 के रास्ते यूपी,मध्य प्रेदश,राजस्थान,बिहार व अन्य राज्यों की तरफ जाने वाले प्रवासी मजदूरों की बीती देर रात यूपी सीमा में इंट्री बंद कर दी गई, जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर करमन बार्डर से होडल के बाबरी मोड तक हजारों वाहनों की लम्बी कतारें लग गईं। इस जाम के कारण हजारों प्रवासी महिला पुरुष मजदूरों को अपने बच्चों के साथ परेशानियों का सामना करना पडा। हालांकि रविवार प्रात: लगभग 8 बजे के बाद ही यूपी प्रशासन द्वारा प्रवासियों को वाहनों में बिठाकर रवाना किया गया। राजमार्ग पर जाम होने के बाद दुपहिया वाहन चालकों व पैदल चलने वालों को भी परेशानियां उठानी पडी।  राजमार्ग पर छोटे छोटे बच्चों और सामान के बैग लेकर पैदल ही अपने घरों को रवाना होने वाले प्रवासी महिला पुरुषों ने अपना दर्द कुछ यूं बयां किया कि बाबूजी कई महीनों से मजदूरी नहीं लगी है, जो पैसे ईकटठे किए थे, अब वह भी खर्च हो चुके हैं। जिस मकान में वह अपने परिवार के साथ गुजर बसर कर रहे थे, उस मकान मालिक ने भी किराया देनेे या फिर मकान खाली करा लिया है। सैंकडों महिलाएं अपने बच्चों को गोदी में लेकर और अपने सिर पर जरूरी सामान का बैग आदि लेकर जा रही हैं,तो पुरुष छोटे छोटे बच्चों को अपने कंघों पर बैठाकर पैदल चलते हुए हजारों किलोमीटर का सफर तय करने के जजबा के साथ यात्रा पर निकल पडे हैं। हरियाणा,दिल्ली व अन्य प्रदेशों की विभिन्न कम्पनी और फैक्ट्री आदि मेंं मजदूरी करने वाले सैंकडों युवक अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए साईकिलों पर ही निकल पडे हैं। प्रवासियों का कहना था कि कोराना वायरस के चलते फिलहाल कुछ भी पता नहीं है कि आखिर कब तक फैक्ट्ररी शुरु होंगी और कब उन्हें मजदूरी पर लगाया जाएगा। पिछले कई दिनों से पैदल चल रहे कई मजदूरों ने बताया कि वह कई दिनों से पैदल चल रहे हैं और रास्ते में कहीं भोजन भी नहीं मिला है।
*  दिनोंसे पैदल चल रहीं हैं,पैरों में छाले पड चुके हैं,आखिर कब घर पहुंचेंगी*
राजमार्ग पर पैदल चल रही कई प्रवासी महिलाओं ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि साहब कई दिनों से दिन रात पैदल चलकर उनके पावों में छाले पड चुके हैं, पैदल चलने से उनके छोटे छोटे बच्चे भी बीमार हो चुके हैं। अब पता चला है कि यूपी सीमा में प्रवासियों की इंट्री भी बंद कर दी है। आखिर कब तक वह अपने घर पहुंचेंगी। प्रवासी मजदूरों ने दिन रात भूखे रहकर कर ही अपने गांव का रूख किया हुआ है। अपने माता पिता के साथ सूटकेस पर सवार होकर जा रहे छोटे छोटे बच्चों को तो इस महामारी और अपने माता पिता पर आई इस आफत के बारे में कुछ ज्ञान ही नहीं है, लेकिन उनके परिजनों को जरूर उनकी चिंता सता रही है कि आखिर कब वह अपने गांव पहुंचेंगे। हालांकि होडल से करमन बार्डर तक दर्जनों सामाजिक संगठनों व कार्यकर्ता यहां से जाने वाले असहाय और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्घ करा रहे हैं। यहां तैनात कार्यकर्ता राष्ट्रीय राजमार्ग से पैदल व वाहनों में सवार होकर जाने वाले प्रवासियों को रोककर उन्हें भोजन,पानी की बोतलें व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन प्रवासियों का दर्द भी साफ झलक रहा था कि आखिर कब तक और कैसे वह अपने घर पहुंच सकेंगे। उनका कहना था कि वह कई दिनों से लगातार पैदल चलकर गांव पहुंचने के लिए उतावले थे,लेकिन अब यूपी सीमा में इंट्री करने से पहले ही रोक दिया गया है। जिसके कारण अब परेशान की झलक साफ दिखाई देने लगी है। ट्रकों व अन्य वाहनों में सवार प्रवासी मजदूर रात को राजमार्ग पर जाम लगने की सूचना मिलते ही वाहनों को छोड पैदल ही चल पडे। रविवार दिन निकलने तक सैकडों वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही खडे रहे, जिसके कारण होडल से करमन बार्डर तक हजारों प्रवासी मजदूरों की भीड लगी रही। हालांकि ट्रको में सवार प्रवासियों ने मास्क को लगाए हुए थे, लेकिन वाहनों में सैंकडों की संख्या में एकत्रित भीड के कारण शारीरिक दूरी का पालन नहीं पा रहे थे। इस बारे में थाना प्रभारी रमेशचंद का कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग से पैदल जाने वाले प्रवासियों को वाहनों में बैठाकर रवाना कराया जा रहा है। सामाजिक संगठनों के सहयोग से प्रवासियोंं को भोजन व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

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